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Constant headache ko normal mat samajhiye! Har headache migraine ya stress ki wajah se nahi hota. Agar headache baar-baar ho, dheere-dheere badh raha ho, ya uske saath vomiting, blurred vision ya weakness jaise symptoms bhi ho, to ise ignore na karein. M Dr. Divyam Sharma Senior Neuro Surgeon | Synergy Mukundam Hospital, Jodhpur Kya aap ya aapke kisi family member ko frequent headaches hote hain? Comment "HEADACHE" aur hume batayein. Is reel ko apne friends aur family ke saath share karein— ye information kisi ke liye life-saving ho sakti hai. 📍863-A, Infront of Mahesh Hostel, Bombay Motor Circle, Jodhpur 📞0291 2634455 | +91 7073304803

324 views | Jodhpur, Jodhpur | Aug 13, 2026

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Jodhpur, Jodhpur | Aug 17, 2026

रीढ़ की सर्जरी का मतलब हमेशा बड़ा चीरा लगना नहीं होता।

आज की आधुनिक मिनिमली इनवेसिव तकनीकों की मदद से रीढ़ की कई सर्जरी बहुत छोटे छेदों के माध्यम से की जा सकती हैं, जिसमें माइक्रोस्कोप या एंडोस्कोप का उपयोग किया जाता है। इससे मांसपेशियों को होने वाली क्षति और रक्तस्राव को कम करने में मदद मिल सकती है, साथ ही उपयुक्त मरीजों में तेजी से रिकवरी और जल्दी चलने-फिरने में सहायता मिलती है।

एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी अलग-अलग तकनीकों से की जा सकती है, जिनमें यूनिपोर्टल और बाइपोर्टल तकनीक प्रमुख हैं।

लेकिन सवाल है—इनमें से बेहतर विकल्प कौन-सा है?

इसका कोई एक निश्चित जवाब नहीं है। सही तकनीक का चुनाव मरीज की रीढ़ की समस्या, उसकी स्थिति और सर्जन की विशेषज्ञता एवं प्रशिक्षण पर निर्भर करता है।

उद्देश्य बिल्कुल स्पष्ट है—हर मरीज के लिए सबसे सुरक्षित और उपयुक्त तकनीक का चुनाव करना।

👨‍⚕️ डॉ. दिव्यम शर्मा
सीनियर कंसल्टेंट न्यूरोसर्जन

रीढ़ की सर्जरी का मतलब हमेशा बड़ा चीरा लगना नहीं होता। आज की आधुनिक मिनिमली इनवेसिव तकनीकों की मदद से रीढ़ की कई सर्जरी बहुत छोटे छेदों के माध्यम से की जा सकती हैं, जिसमें माइक्रोस्कोप या एंडोस्कोप का उपयोग किया जाता है। इससे मांसपेशियों को होने वाली क्षति और रक्तस्राव को कम करने में मदद मिल सकती है, साथ ही उपयुक्त मरीजों में तेजी से रिकवरी और जल्दी चलने-फिरने में सहायता मिलती है। एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी अलग-अलग तकनीकों से की जा सकती है, जिनमें यूनिपोर्टल और बाइपोर्टल तकनीक प्रमुख हैं। लेकिन सवाल है—इनमें से बेहतर विकल्प कौन-सा है? इसका कोई एक निश्चित जवाब नहीं है। सही तकनीक का चुनाव मरीज की रीढ़ की समस्या, उसकी स्थिति और सर्जन की विशेषज्ञता एवं प्रशिक्षण पर निर्भर करता है। उद्देश्य बिल्कुल स्पष्ट है—हर मरीज के लिए सबसे सुरक्षित और उपयुक्त तकनीक का चुनाव करना। 👨‍⚕️ डॉ. दिव्यम शर्मा सीनियर कंसल्टेंट न्यूरोसर्जन

Jodhpur, Jodhpur | Aug 17, 2026