#राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित डॉ. इफ्तेखार खान का सिकन्दरपुर से किकोढ़ा तक भव्य स्वागत
बड़े भाई को याद कर भावुक हुए डॉ. इफ्तेखार खान, गांव में राजकीय इंटर कॉलेज और लाइब्रेरी बनवाने का किया ऐलान
बलिया, 14 सितम्बर, 2026।
#राष्ट्रपति के हाथों राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित होने के बाद पहली बार अपने पैतृक गांव किकोढ़ा पहुंचे डॉ. इफ्तेखार खान का रविवार को सिकन्दरपुर चौराहे से लेकर ग्रामसभा किकोढ़ा तक ग्रामीणों ने भव्य स्वागत किया। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सोनू यादव के नेतृत्व में आयोजित स्वागत कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य लोग, शिक्षक, छात्र और ग्रामीण बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
सिकन्दरपुर चौराहे पर पहुंचते ही डॉ. इफ्तेखार खान का वार्ड नंबर 13 के सभासद हाजी शोएब, लड्डन भाई सहित उनके परिजनों ने फूल-मालाओं से जोरदार स्वागत किया। इसके बाद स्वागत जुलूस ग्रामसभा किकोढ़ा पहुंचा।
गांव पहुंचने पर उसी प्राथमिक विद्यालय परिसर में सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जहां डॉ. इफ्तेखार खान ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण की थी। विद्यालय के आंगन में सम्मान पाकर वह भावुक हो उठे। इस दौरान उन्होंने अपने बड़े भाई को याद करते हुए बचपन की स्मृतियां साझा कीं।
डॉ. इफ्तेखार खान ने कहा कि गांव में राजकीय इंटर कॉलेज स्थापित कराने के लिए उनका प्रयास लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के बुजुर्गों का आशीर्वाद और ग्रामीणों का प्यार व सहयोग मिलता रहा तो गांव में जल्द ही राजकीय इंटर कॉलेज स्थापित कराने की दिशा में सफलता मिलेगी।
उन्होंने गांव में लाइब्रेरी स्थापित करने की भी घोषणा की। डॉ. इफ्तेखार खान ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के साथ प्राप्त 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि लाइब्रेरी निर्माण के लिए दान करने की घोषणा की। उनकी इस पहल की ग्रामीणों ने सराहना की। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सोनू यादव ने कहा कि गांव में लाइब्रेरी का निर्माण जल्द कराया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के जाने-माने शिक्षक एवं डॉ. इफ्तेखार खान के चचेरे भाई मास्टर बदरे आलम, अनवर कमाल खान, मन्नान खान, आनंद प्रताप सिंह, अमरनाथ यादव और सतेंद्र शर्मा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। प्राथमिक विद्यालय किकोढ़ा के प्रधानाचार्य वसी अहमद ने भी डॉ. इफ्तेखार खान का स्वागत एवं सम्मान किया।
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार मिलने के बाद अपने गांव की मिट्टी पर लौटे डॉ. इफ्तेखार खान के सम्मान में उमड़ा जनसमूह क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण रहा। ग्रामीणों ने कहा कि राष्ट्रपति के हाथों गांव के बेटे को मिला राष्ट्रीय सम्मान पूरे किकोढ़ा और बलिया के लिए गर्व की बात है।