बांदा में जल, जंगल, पहाड़ और केन नदी बचाने को बुंदेलखंड इंसाफ सेना की भूख हड़ताल तीसरे दिन समाप्त, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन 🔥
🌿 जन-जन से अपील — जल, जंगल, पहाड़, तालाब और केन नदी बचाने की इस मुहिम में सहभागी बनें। 🌿
बांदा जनपद में बढ़ते अवैध खनन, बेकाबू वायु प्रदूषण, भीषण गर्मी, लगातार हो रही वनों की कटाई तथा जल स्रोतों पर बढ़ते संकट के खिलाफ बुंदेलखंड इंसाफ सेना द्वारा चलाया जा रहा जनआंदोलन लगातार मजबूत होता गया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए. एस. नोमानी के नेतृत्व में शुरू हुई भूख हड़ताल तीसरे दिन तक जारी रही।
आंदोलन के दौरान समाजसेवी जयराम सिंह ने कहा कि खनन कार्यों में नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। निर्धारित मानकों से अधिक खनन के कारण पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ रहा है, जिससे कृषि, जल स्रोतों, वन्य जीवन और आम जनजीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो बुंदेलखंड की प्राकृतिक धरोहर को अपूरणीय क्षति पहुंच सकती है।
इस दौरान समाजसेवी शाहान अली ने भी आंदोलन स्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन व्यक्त किया और कहा कि जल, जंगल, पहाड़, तालाब और नदियों की रक्षा केवल पर्यावरण का नहीं बल्कि मानव अस्तित्व का प्रश्न है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से इस जनआंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।
आंदोलन को समाजसेवी प्रमोद आज़ाद तथा पूर्व जिला अध्यक्ष कांग्रेस प्रद्युम्न दुबे का भी सहयोग और समर्थन प्राप्त हुआ। सभी ने एक स्वर में पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया।
भूख हड़ताल का नेतृत्व कर रहे ए. एस. नोमानी ने मांग की कि बांदा जनपद में पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए आगामी 10 वर्षों तक खनन गतिविधियों पर रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे खनन, जंगलों की कटाई और जल स्रोतों के दोहन से क्षेत्र का पारिस्थितिक संतुलन गंभीर संकट में है। यदि अब भी ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियों को जल संकट, प्रदूषण और प्राकृतिक विनाश जैसी भयावह समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष केवल वर्तमान समस्याओं के समाधान तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य, स्वच्छ पर्यावरण, हरियाली, जल संरक्षण और केन नदी के अस्तित्व की रक्षा के लिए भी है। साथ ही बुंदेलखंड क्षेत्र के तालाबों को संरक्षित करने, उन पर हो रहे अवैध कब्जों को हटाने तथा उनके पुनर्जीवन की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
आज दिनांक 03 जून 2026 को आंदोलन के तीसरे दिन बुंदेलखंड इंसाफ सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए. एस. नोमानी द्वारा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक मांगपत्र/ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट बांदा श्री संदीप केला को सौंपा गया। ज्ञापन प्राप्त करने के उपरांत नगर मजिस्ट्रेट ने आंदोलनकारियों की मांगों को गंभीरता से सुना तथा आश्वासन दिया कि मांगों पर उचित कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे। इसके बाद नगर मजिस्ट्रेट श्री संदीप केला ने लगातार तीन दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे ए. एस. नोमानी को जूस पिलाकर भूख हड़ताल समाप्त कराई। इस प्रकार पर्यावरण संरक्षण, अवैध खनन पर रोक, जल स्रोतों एवं प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा की मांग को लेकर चल रहा यह तीन दिवसीय चरण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
🎥 समाजसेवी जयराम सिंह ने जनता से अपील करते हुए कहा कि इस महत्वपूर्ण जनआंदोलन की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और वीडियो के माध्यम से इसकी सच्चाई को देखें, समझें तथा पर्यावरण संरक्षण की इस मुहिम का हिस्सा बनें।
🌱 आइए, अपनी धरती को बचाने के लिए आगे आएं।
🌱 जल स्रोतों, जंगलों, पहाड़ों, तालाबों और नदियों की रक्षा के लिए एकजुट हों।
🌱 आपकी सहभागिता ही इस जनआंदोलन की सबसे बड़ी ताकत है।
🌱 जल, जंगल, पहाड़ और नदियाँ केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि हमारे जीवन, संस्कृति और भविष्य का आधार हैं।
✨ "जब प्रकृति बचेगी, तभी भविष्य सुरक्षित रहेगा।" ✨
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Banda, Banda | Jun 3, 2026