‘महत्वपूर्ण यह नहीं कि कितने वर्ष जिए, बल्कि यह है कि कैसे जिए’ : भारत भूषण जुयाल
- अभिनंदन समारोह में जुयाल व ओमप्रकाश भट्ट का स्वागत, उत्तराखंड समाज ने हरियाणा व उत्तराखंड के मुख्यमंत्री का जताया आभार
अंबाला।
श्री बद्री केदार ब्राह्मण संगठन अंबाला की ओर से हरियाणा स्टेट कोऑपरेटिव अपेक्स बैंक लिमिटेड के नवनियुक्त चेयरमैन भारत भूषण जुयाल तथा उत्तराखंड प्रवासी परिषद के वाइस चेयरमैन नियुक्त हुए ओमप्रकाश भट्ट का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर संगठन एवं उत्तराखंड समाज ने दोनों को शुभकामनाएं देते हुए उनके नए दायित्व के लिए आशीर्वाद दिया। उत्तराखंड समाज की ओर से भारत भूषण जुयाल की नियुक्ति पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तथा ओमप्रकाश भट्ट को उत्तराखंड प्रवासी परिषद में जिम्मेदारी दिए जाने पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का हार्दिक आभार व्यक्त किया गया। वक्ताओं ने कहा कि इन नियुक्तियों से हरियाणा में बसे उत्तराखंड समाज का भारतीय जनता पार्टी के प्रति विश्वास और गहरा हुआ है।
अभिनंदन समारोह में भारत भूषण जुयाल ने कहा कि जीवन में यह महत्वपूर्ण नहीं है कि व्यक्ति कितने वर्ष जिया, बल्कि यह महत्वपूर्ण है कि उसने जितना भी जीवन जिया, कैसे जिया और समाज व देश के लिए क्या योगदान दिया। उन्होंने शहीद भगत सिंह, स्वामी विवेकानंद और आदि गुरु शंकराचार्य का उदाहरण देते हुए कहा कि इन महान विभूतियों ने कम आयु में ही दुनिया को अलविदा कहा, लेकिन अपने कार्यों और विचारों के कारण आज भी अमर हैं। उन्होंने कहा कि प्रभु ने हमें जो भी समय और जिम्मेदारी दी है, उसे पूरी निष्ठा से निभाना चाहिए, ताकि समाज और देश का नाम आगे बढ़े। जुयाल ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित, आत्मनिर्भर और विश्व गुरु बनाने का संकल्प है और यह लक्ष्य प्रत्येक नागरिक के योगदान के बिना पूरा नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि व्यक्ति चाहे किसी भी क्षेत्र में हो, उसे राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने मातृशक्ति का विशेष आह्वान करते हुए कहा कि देश की नई पीढ़ी को संस्कारवान बनाने और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
वहीं उत्तराखंड प्रवासी परिषद के वाइस चेयरमैन ओमप्रकाश भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड समाज ने हमेशा अपनी संस्कृति, संस्कार और सामाजिक मूल्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। समाज के लोगों ने हरियाणा के विकास में भी निरंतर योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी मिली है, उसे वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने संगठन एवं समाज के लोगों का आभार जताते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए प्रेरणा और जिम्मेदारी दोनों है। भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति की पहचान मेहनत, ईमानदारी, अनुशासन और सेवा भाव से है। इन मूल्यों को आगे बढ़ाते हुए समाज के सभी लोगों को एकजुट होकर प्रदेश और राष्ट्र के विकास में योगदान देना चाहिए। उन्होंने दोनों मुख्यमंत्रियों का भी आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड समाज को प्रतिनिधित्व देकर नेतृत्व ने समाज के प्रति विश्वास व्यक्त किया है।
Sirsa, Sirsa | Aug 26, 2026