प्रेस विज्ञप्ति
जिला जनसंपर्क कार्यालय, जमुई
8 जुलाई 2026
विषय: जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक की संयुक्त अध्यक्षता में जिला स्तरीय नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) की समीक्षा बैठक संपन्न।
जमुई: आज जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक की संयुक्त अध्यक्षता में जिला स्तरीय नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आहूत की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य 'नशामुक्त भारत अभियान' के अंतर्गत जिला स्तर पर संचालित विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा करना तथा मादक पदार्थों के अवैध व्यापार एवं उपभोग के विरुद्ध अंतर-विभागीय समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्ययोजना क्रियान्वित करना था। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिले के तमाम वरीय प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारी उपस्थित थे।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी द्वारा नशामुक्त समाज की स्थापना पर विशेष बल दिया गया। उन्होंने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि मादक पदार्थों का व्यसन न केवल मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बल्कि यह कानून-व्यवस्था के समक्ष गंभीर चुनौतियां उत्पन्न करने के साथ-साथ सामाजिक एवं आर्थिक विकास के समस्त पैमानों को भी बाधित करता है। जिला पदाधिकारी ने रेखांकित किया कि 'विकसित भारत एवं विकसित बिहार' की महती परिकल्पना को धरातल पर उतारने के लिए देश की युवा पीढ़ी को इस व्यसन से पूर्णतः मुक्त रखना अनिवार्य है। इसी क्रम में उन्होंने शिक्षा विभाग, कला-संस्कृति विभाग एवं जीविका को आपसी समन्वय स्थापित कर व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी को विशेष रूप से निर्देशित किया कि जिले के प्रत्येक विद्यालय में हर शनिवार को 'सुरक्षित शनिवार' एवं 'नो बैग डे' के रूप में अनिवार्य रूप से मनाया जाए। इस विशेष अवसर पर 'नशामुक्त भारत अभियान' को गति देने के उद्देश्य से, विविध सांस्कृतिक, सृजनात्मक और रचनात्मक कार्यक्रमों का आयोजन कर छात्र-छात्राओं के बीच नशे के दुष्प्रभावों के प्रति व्यापक जन-जागरूकता फैलाई जाए। इसके लिए उन्होंने एक सुदृढ़ एवं विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर जल्द से जल्द समर्पित करने का निर्देश दिया।
युवा पीढ़ी में मादक पदार्थों के बढ़ते सेवन पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यह व्यसन न केवल युवाओं के स्वास्थ्य को खोखला कर रहा है, बल्कि उन्हें तेजी से अपराध की दुनिया में भी धकेल रहा है। विधि-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से युवा पीढ़ी को इस जाल से बचाना अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यद्यपि वर्तमान में जिले में अफीम या किसी अन्य प्रतिबंधित मादक पदार्थ के अवैध उत्पादन की पुष्टि नहीं हुई है, फिर भी जमुई की घने वनों और पहाड़ी क्षेत्रों वाली विशिष्ट भौगोलिक संवेदनशीलता को देखते हुए इस खतरे की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसी संवेदनशीलता के मद्देनजर, उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों को अपने आसूचना तंत्र को सुदृढ़ और प्रभावी करने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने जिले के सुदूरवर्ती एवं संवेदनशील क्षेत्रों में निरंतर गश्ती और सघन चेकिंग अभियान को तीव्र करने का भी निर्देश दिया ताकि मादक पदार्थों के निर्माण या तस्करी से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि को प्रारंभिक स्तर पर ही पूरी तरह निष्प्रभावी किया जा सके।
बैठक के समापन पर जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को इस राष्ट्रीय अभियान के प्रति पूर्ण उत्तरदायित्व के साथ कार्य करने की हिदायत दी और सचेत किया कि इस कार्य में किसी भी स्तर पर पाई गई शिथिलता अथवा लापरवाही को अत्यंत गंभीरता से लिया जाएगा।
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2 views | Jamui, Bihar | Jul 8, 2026