सुपौल सदर अस्पताल में मिडवाइफरी लेड केयर यूनिट शुरू, गर्भवती महिलाओं को मिलेगी सुरक्षित और सम्मानजनक प्रसव सेवा
सुपौल। मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में सुपौल जिले को शुक्रवार को बड़ी स्वास्थ्य सुविधा मिली। सदर अस्पताल, सुपौल में मिडवाइफरी लेड केयर यूनिट (MLCU) का उद्घाटन जिलाधिकारी सावन कुमार ने किया। इस यूनिट के शुरू होने से कम जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था से लेकर प्रसव और प्रसव के बाद तक प्रशिक्षित नर्स प्रैक्टिशनर इन मिडवाइफरी (NPM) की देखरेख में गुणवत्तापूर्ण और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएम सावन कुमार ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं जिले के विकास की आधारशिला हैं। मिडवाइफरी यूनिट की स्थापना से महिलाओं को बेहतर प्रसव सेवाएं मिलेंगी और सामान्य प्रसव को बढ़ावा देने के साथ मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार की उम्मीद है।
सिविल सर्जन डॉ. बाबू साहब झा ने इसे मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की महत्वपूर्ण पहल बताया। जिला कार्यक्रम प्रबंधक बालकृष्ण चौधरी ने कहा कि मिडवाइफरी मॉडल महिला केंद्रित देखभाल को बढ़ावा देता है, जिसमें गर्भवती महिला की जरूरतों, पसंद और गरिमा को प्राथमिकता दी जाती है।
कार्यक्रम में बताया गया कि भारत में मिडवाइफरी पहल वर्ष 2018 में शुरू हुई थी, जबकि बिहार में वर्ष 2019 से यह कार्यक्रम संचालित है। राज्य में वर्तमान में 12 मिडवाइफरी लेड केयर यूनिट संचालित हैं। वहीं 57 एनपीएम सेवाएं दे रही हैं और 98 प्रशिक्षु प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। एनपीएम का प्रशिक्षण 18 माह का होता है।
इस दौरान नौ नवनियुक्त ममता कर्मियों को नियुक्ति पत्र भी वितरित किया गया। साथ ही राज्य स्वास्थ्य समिति के स्पोक-हब मॉडल के तहत लैब सेवा का शुभारंभ हुआ, जिससे जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को 83 प्रकार की जांच की सुविधा मिलेगी।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ Jhpiego, UNICEF और UNFPA के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
Supaul, Supaul | Sep 11, 2026