गुडवर्क नहीं कोडीन सिरप की बरामदगी : इसके नेटवर्क का सफाया ही पुलिस का असली मकसद : आईजी देवीपाटन
पड़ोसी राष्ट्र नेपाल से सटे होने के कारण देवीपाटन मंडल में कोडिन सिरप का कारोबार लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में कोडिन सिरप के बड़े पैमाने पर भंडारण और उसके नेटवर्क के सफाए को लेकर देवीपाटन मंडल के आईजी अशोक कुमार शुक्ला का एक बड़ा बयान सामने आया है। जिसमें उन्होंने साफ लहजे में दो टूक कहा है की पुलिस का मकसद केवल कोडिन सिरप पकड़ना ही नहीं बल्कि इसके भंडारण और सप्लाई चेन को तोडना है। जिसमे किसी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
ऐसे में उनके इस सख्त के बयान के बाद अब निगाहें गोंडा के उस चर्चित मामले पर भी जा टिकी हैं, जहां मई 2026 के अंतिम सप्ताह में महादेवा क्रासिंग के पास पड़ने वाले एक कूरियर से 132 पेटी कोडीनयुक्त कफ सिरप बरामद हुई थी। क्योंकि जहां तक कार्रवाई की बात है तो कोडिन सिरप की खेप गोंडा में भी पकड़ी गई और बहराइच में भी। जबकि मामले में ज्यादातर कार्यवाई सिर्फ बहराइच में ही देखने को मिली, यहाँ रूपईडीहा थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक प्रतिष्ठान से बड़ी मात्रा में कोडीन सिरप बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार करते हुए एनडीपीएस एक्ट में जेल भेजा। इसके बाद उसी आरोपी की निशानदेही पर दरगाह शरीफ थाना क्षेत्र के परसौड़ा गांव स्थित एक अवैध गोदाम पर छापा मारकर भारी मात्रा में कोडीनयुक्त कफ सिरप बरामद की। गोदाम संचालक को भी गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल भेज दिया गया तथा अवैध गोदाम को सीज कर दिया गया।
देवीपाटन मंडल के इन दोनों मामलों की तुलना अब स्वाभाविक रूप से चर्चा का विषय बन गई है। एक ओर बहराइच में गिरफ्तारियां, एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई और आईजी की सीधी मॉनिटरिंग देखने को मिली, वहीं गोंडा में अब तक जांच का फोकस सप्लाई चेन, दस्तावेजों, खरीदारों और प्रिस्क्रिप्शन नेटवर्क की पड़ताल पर रहा है। ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि गोंडा में बरामद 132 पेटी कोडीन सिरप के मामले में जांच आखिर किस चरण में है, पूरे नेटवर्क का कितना खुलासा हुआ है, क्या मुख्य जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय हुई है और क्या गोंडा तथा बहराइच के मामलों के बीच किसी साझा सप्लाई नेटवर्क की कड़ियां जुड़ती हैं।
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Gonda, Gonda | Jul 3, 2026