मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करने की मांग को लेकर एसयूसीआई (कम्युनिस्ट), युवा संगठन आल इंडिया डेमोक्रेटिक यूथ आर्गनाइजेशन(एआईडीवाईओ) और छात्र संगठन आल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स आर्गनाइजेशन(एआईडीएसओ) ने आज जुलूस निकाला एवं ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया। जुलूस की शुरुआत मोतीझील से हुई जो छोटी कल्याणी, सरैयागंज टावर, जवाहरलाल रोड,कंपनी बाग, सदर हॉस्पिटल रोड, समाहरणालय होते हुए कंपनी बाग स्थिति प्रधान डाकघर चौक पर पहुंचा जहां मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया गया । जुलूस में शामिल लोग लोकतांत्रिक मानदंडों और नियमों को धत्ता बताते हुए एस आई आर के माध्यम से मतदाता सूची से 13 करोड़ लोगों का नाम काटने वाले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करो, काटे गए 13 करोड़ लोगों के नाम अविलंब मतदाता सूची में शामिल करो, एस आई आर की सभी प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाओ आदि रोषपूर्ण नारा लगा रहे थे।
पुतला दहन के उपरांत उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए एस यू सी आई (कम्युनिस्ट) के बिहार राज्य कमिटी सदस्य अर्जुन कुमार ने कहा कि "23 सितंबर 2026 को 'इंडियन एक्सप्रेस' द्वारा SIR के बारे में किये गए खुलासों से आम जनता और खासकर लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले लोगों के बीच चुनाव आयोग की ईमानदारी और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इससे यह बात बेशक साफ हो गई है कि तीन में से दो चुनाव आयुक्तों ने SIR के अलग-अलग पहलुओं पर आपत्तियां दर्ज कराई थी। लेकिन मौजूदा कानून का उल्लंघन करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सत्ताधारी पार्टी बीजेपी के पक्ष में और अलग-अलग राज्यों में उसकी चुनावी जीत पक्की करने के इरादे से सभी नियमों का उलंघन कर एक तरफा फैसले लिए । यह हमारे लोकतांत्रिक संस्थानों पर फासीवादी हमला है। उन्होंने कहा कि आज देश में विरोध करने के अधिकार पर भी हमला हो रहा है। पूरे देश को जेल में तब्दील किया जा रहा है। दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है। पटना में पटना कॉलेज से जुलूस निकालने के दरमियान एआईडीएसओ के राज्य अध्यक्ष विजय कुमार एवं राज्य सचिव पवन कुमार को गिरफ्तार किया गया है। इसकी जितनी निंदा किया जाए कम है। उन्होंने गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों को अविलम्ब रिहा करने की मांग किया।
मुजफ्फरपुर नगर जिला सचिव अमन कुमार झा ने कहा कि चुनाव आयोग का काम है चुनाव के दौरान कोई भी मतदाता मतदान करने से वंचित न रह जाए , इसकी गारंटी करना। मतदाता सूची से नाम हटाना और नाम जोड़ना यह एक सतत चलने वाली प्रक्रिया है। इसके बाद ईमानदारी और निष्पत्ता के साथ चुनाव संपन्न कराना उसका काम है।कहा गया था कि बिहार में बांग्लादेशी घुसपैठी घुसा हुआ है। उन्हें SIR के माध्यम से निकाला जाएगा । पश्चिम बंगाल में घुसपैठियां है उन्हें भी निकाला जाएगा ।लेकिन SIR हो जाने के बाद कितने घुसपैठी मिले ? कितनों को बाहर निकाला गया। गरीब गुरबों से डॉक्यूमेंट मांगा जा रहा है जिनके बाप- दादा सालों साल से यहां रह रहे हैं। वोट देते आ रहे हैं । अब उन्हें मतदाता सूची से निकाला जा रहा है। उन्हें संदेह के दायरे में लाया जा रहा है। उन्हें वोट देने के अधिकार से वंचित किया जा रहा है । सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित किया जा रहा है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ने ऐसा ही ऐलान किया कि जिनका नाम मतदाता सूची में नहीं है, उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा