सांसद बेनीवाल के 'उम्मीद' कार्यक्रम ने संवारी राह: सरकारी स्कूलों के 4 ग्रामीण विद्यार्थियों का अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी में चयन, ₹80 लाख की स्कॉलरशिप मिलेगी
● सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल की पहल पर ग्रामीण प्रतिभाओं को प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी में दाखिले के साथ मिलेगी छात्रवृत्ति
बाड़मेर/बालोतरा, 22 जून। सुदूर ग्रामीण अंचलों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल सही मार्गदर्शन और अवसर की होती है। इस तथ्य को थार के रेगिस्तानी क्षेत्र के चार होनहार विद्यार्थियों ने एक बार फिर साबित कर दिखाया है। सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल द्वारा "शिक्षा ही संकल्प" के तहत संचालित ‘उम्मीद’ कार्यक्रम के माध्यम से मिले मार्गदर्शन और कोचिंग के बल पर इन चारों विद्यार्थियों का चयन देश के प्रतिष्ठित अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय, बेंगलुरु एवं भोपाल में हुआ है।
केंद्रीय विश्वविद्यालयों एवं देश के प्रमुख शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए विद्यार्थियों को तैयारी, परामर्श और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किए गए ‘उम्मीद’ कार्यक्रम की यह एक बड़ी उपलब्धि साबित होती मानी जा रही है। चयनित चारों विद्यार्थी साधारण किसान परिवारों से आते हैं तथा सरकारी विद्यालयों में अध्ययन करते हुए उन्होंने यह सफलता अर्जित की है।
● प्रति विद्यार्थी ₹20 लाख, कुल ₹80 लाख की मिलेगी छात्रवृत्ति
अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय में चयन के साथ ही इन विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा का मार्ग सुगम हो गया है। चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम के दौरान प्रत्येक विद्यार्थी को लगभग ₹20 लाख की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। इस प्रकार चारों विद्यार्थियों को कुल ₹80 लाख की स्कॉलरशिप प्राप्त होगी। यह छात्रवृत्ति उनके आवास, भोजन, अध्ययन सामग्री एवं अन्य शैक्षणिक खर्चों को वहन करेगी, जिससे उनके परिवारों पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।
● इन ग्रामीण क्षेत्र की चार प्रतिभाओं ने हासिल की सफलता
चयनित विद्यार्थियों में दो छात्र बालोतरा जिले तथा दो छात्र बाड़मेर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों से हैं—
- नितिन चौधरी, पुत्र देवेंद्र जी, निवासी धोरीमन्ना (बालोतरा)
- गोसाई राम, पुत्र लिखमाराम जी, निवासी भलीसर (बालोतरा)
- जसाराम, पुत्र सोनाराम जी, निवासी गंगासरा (बाड़मेर)
- भंवरलाल, पुत्र बदरा राम, निवासी डेलुओं का तला, चौहटन (बाड़मेर)
● सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल की पहल लाई रंग, 'उम्मीद' बना सहारा
ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत अनेक प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को अक्सर उच्च शिक्षा के अवसरों, प्रवेश परीक्षाओं एवं संस्थानों की जानकारी नहीं मिल पाती। इसी चुनौती को देखते हुए सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने अपने "शिक्षा ही संकल्प" के तहत ‘उम्मीद’ कार्यक्रम की शुरुआत की थी। कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी, आवेदन प्रक्रिया, काउंसलिंग तथा उपयुक्त विश्वविद्यालय चयन तक हर स्तर पर मार्गदर्शन उपलब्ध कराया गया।
● ग्रामीण क्षेत्र में खुशी की लहर
चारों विद्यार्थियों के चयन और छात्रवृत्ति की सफलता हासिल करने पर उनके परिजनों और ग्रामीणों एवं आसपास के क्षेत्रों में खुशी का माहौल है। शिक्षाविदों एवं समाज के प्रबुद्ध लोगों ने इसे थार क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह सफलता सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए नई उम्मीद और आत्मविश्वास का संदेश लेकर आई है। यह उपलब्धि साबित करती है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद यदि सही दिशा, परामर्श और अवसर मिले तो ग्रामीण अंचलों की प्रतिभाएं भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं।
सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने कहा कि “ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले हमारे बच्चों में अद्भुत क्षमता है। ‘उम्मीद’ कार्यक्रम का उद्देश्य यही है कि संसाधनों के अभाव में कोई भी प्रतिभा पीछे न रह जाए। इन विद्यार्थियों ने सिद्ध कर दिया है कि सही मार्गदर्शन मिलने पर ग्रामीण प्रतिभाएं भी देश के शीर्ष शिक्षण संस्थानों तक पहुंच सकती हैं। प्रति विद्यार्थी 20 लाख रुपये की छात्रवृत्ति प्राप्त होना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।”
Barmer, Barmer | Jun 22, 2026