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कालू माली

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बाड़मेर विद्यार्थी के साथ मारपीट रोडवेज कंडक्टर खिलाफ एसपी को ज्ञापन सौंपने आए लोग
पचपदरा के पास देर रात सड़क हाद*सा 5 लोगों की मौ*त 3 घायल,पुलिस पहुचीं मौके पर।
बाड़मेर शहर में <nis:link nis:type=tag nis:id=सेह nis:value=सेह nis:enabled=true nis:link/> का <nis:link nis:type=tag nis:id=रेस्क्यू nis:value=रेस्क्यू nis:enabled=true nis:link/> करते कोबरामैन मुकेश माली।
भाडियावास में बड़ा सड़क हादसा, आठ लोग गंभीर घायल
बालोतरा।  जोधपुर रोड भाडियावास क्षेत्र में देर रात Scorpio गाड़ी का बड़ा सड़क हादसा हो गया। हादसे में लगभग आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस और एम्बुलेंस मौके पर पहुंची तथा घायलों को तत्काल उपचार के लिए जिला चिकित्सालय, बालोतरा पहुंचाया गया।
जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों ने सभी घायलों का प्राथमिक उपचार किया। इनमें से अधिक गंभीर रूप से घायल लोगों की हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए जोधपुर रेफर कर दिया गया।
हादसे के कारणों का फिलहाल स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी जुटाई और मामले की जांच शुरू कर दी है।
स्वरूप सिंह खारा पर बोले पृथ्वी सिंह भियाड़।
Swaroop Singh Khara
बाड़मेर यातायात पुलिस थाना अधिकारी मगाराम जी को जोधपुर रेंज के फलौदी जिले में लगाने पर हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं।
भारी मात्रा में अवैध गांजा बरामद....ANTF टीम की बड़ी कार्यवाही।
हादसे को दावत: रेलवे सब्जी मंडी के सामने पीटर इंग्लैंड शोरूम के पास खुला पड़ा है जानलेवा गड्ढा, नगर परिषद गहरी नींद में
​शहर के सबसे व्यस्ततम इलाकों में से एक, रेलवे सब्जी मंडी के सामने (पीटर इंग्लैंड शोरूम के पास), इन दिनों स्थानीय निवासियों और राहगीरों के लिए मौ*त का कुआँ बना हुआ है। सड़क के बीचों-बीच एक बेहद बड़ा और गहरा खड्डा हो चुका है, जिसकी सुरक्षा जाली लंबे समय से टूटी हुई है। हैरानी की बात यह है कि नगर परिषद सब कुछ जानकर भी अनजान बनी हुई है और किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रही है।
​व्यस्त इलाका, हर वक्त मंडराता खतरा
​सब्जी मंडी और शोरूम के पास होने के कारण इस मार्ग पर चौबीसों घंटे लोगों की भारी आवाजाही रहती है। स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों का कहना है कि टूटी हुई जाली और इस गहरे खड्डे की वजह से यहाँ हर वक्त दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। रात के समय या बारिश के दौरान यह खड्डा और भी ज्यादा जानलेवा साबित हो सकता है। दुपहिया वाहन चालक और पैदल चलने वाले लोग बाल-बाल बच रहे हैं।
​स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश
​स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है:
​"नगर परिषद को इस खड्डे और टूटी जाली प्रशासन किसी बड़े हादसे के बाद ही जागने की कसम खाकर बैठा है। क्या नगर परिषद किसी की जान जाने का इंतजार कर रही है?"
​जलद सुधारी जाए व्यवस्था
​जनता की मांग है कि नगर परिषद के अधिकारी इस मामले को तुरंत संज्ञान में लें और बिना किसी देरी के यहाँ नई मजबूत जाली लगवाकर खड्डे को दुरुस्त करवाएं। यदि जल्द ही इस जानलेवा गड्ढे को सही नहीं किया गया, तो स्थानीय लोग उग्र आंदोलन और प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह प्रशासन की होगी।
BJP Rajasthan CMO Rajasthan
स्वरूप सिंह को एनएसयूआई जिला उपाध्यक्ष मनोनीत होंने पर बाड़मेर शहर में निकाली वाहन रैली।
बाड़मेर। सिर्फ एक व्यक्ति से मेरी राजनीतिक लड़ाई है-स्वरूप सिंह खारा।
Swaroop Singh Khara
मैं खुद भाजपा पार्टी का नेता हूं-पानी की समस्या को लेकर किसी MLA के पास क्यू जाऊ।
Ravindra Singh Bhati Swaroop Singh Khara
गुमशुदा की तलाश
विक्रम भूतड़ा, पिता श्री नंदलाल भूतड़ा, मूल निवासी गिराब एवं वर्तमान निवासी सूरत। ये सूरत से ट्रेन में रवाना हुए थे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार मुंबई के बोरिवली जंक्शन पर सीसीटीवी कैमरे में दिखाई दिए हैं। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल पाया है।
यदि किसी को इनके बारे में कोई भी जानकारी मिले, तो कृपया तुरंत परिजनों या निकटतम पुलिस थाने को सूचना दें।
कृपया इस संदेश को अधिक से अधिक साझा करें।
सीमा पर इंतज़ार करता एक अधूरा सपना: अपने ही देश में अपनी जमीन के हक से वंचित पाक विस्थापित
बाड़मेर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र गोहड़ का तला की यह तस्वीर केवल एक बुजुर्ग दंपति की नहीं, बल्कि उन सैकड़ों पाक विस्थापित परिवारों की कहानी बयां करती है जो वर्षों से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
तस्वीर में दिखाई दे रहे बुजुर्ग सता राम गढ़वीर, पिता सारंग राम गढ़वीर, अपनी पत्नी के साथ आज भी उस दिन का इंतजार कर रहे हैं जब उन्हें उनकी जमीन पर कानूनी अधिकार मिलेगा। वर्ष 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान वे पाकिस्तान से भारत आए थे। उन्होंने भारत को अपना देश माना, यहीं जीवन बिताया, लेकिन दशकों बाद भी वे कई सरकारी सुविधाओं और अपनी जमीन के अधिकार से वंचित हैं।
उनकी आर्थिक स्थिति तस्वीर में साफ झलकती है। कच्चा घर, सीमित संसाधन और बुढ़ापे का सहारा केवल एक-दूसरे का साथ। सबसे पीड़ादायक बात यह है कि उनकी कोई संतान भी नहीं है, फिर भी वे आज तक अपने हक की जमीन के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
बताया जाता है कि ऐसे कई विस्थापित परिवार सरकार को अपनी जमीन से जुड़े निर्धारित शुल्क और अन्य औपचारिकताएं पूरी क
कैसा होता हैं <nis:link nis:type=tag nis:id=पीवणा nis:value=पीवणा nis:enabled=true nis:link/> सांप.. पूरी <nis:link nis:type=tag nis:id=जानकारी nis:value=जानकारी nis:enabled=true nis:link/> सुने..वीरेंद्र सुथार ने बताया।
हमारे बाड़मेर के लाल..प्रीतम सिंह भुरटिया और टील सिंह चूली पोकरण और समदड़ी तहसीलदार का पदभार संभाला।
बाड़मेर में 37 सेकेंड का वीडियो रोजवेज बस कंडक्टर का..छात्र ने कॉलर पकड़कर दबाई गर्दन
बाड़मेर पुलिस अधीक्षक चुनाराम जाट के निर्देश पर पुलिस थाना सदर टीम द्वारा ह*त्या के प्रकरण में त्वरित कार्यवाही।
पिता की ह*त्या करने वाले पुत्र सहित तीन आरोपी गिरफ्तार
जयपुर: IPS जगमोहन मीणा के बाद एक और आईपीएस ने दिया इस्तीफा, ट्रेनिंग बीच युवा अधिकारी ने छोड़ी नौकरी
*लजयपुर:राजस्थान के अलवर निवासी IPS जगमोहन मीणा के इस्तीफे के बाद ओडिशा पुलिस महकमे में एक और इस्तीफा सामने आने से प्रशासनिक गलियारों में हलचल मच गई है। भुवनेश्वर के डीसीपी और 2013 बैच के आईपीएस अधिकारी जगमोहन मीणा के इस्तीफे की चर्चा अभी थमी भी नहीं थी कि अब 2025 बैच के प्रोबेशनर आईपीएस अधिकारी सीए रामदास (चौधरी अभिजीत रामदास) ने भी अपनी नौकरी छोड़ने का फैसला कर लिया। खास बात यह है कि उन्होंने अपनी शुरुआती ट्रेनिंग पूरी होने से पहले ही इस्तीफा भेज दिया।
महाराष्ट्र के रहने वाले 33 वर्षीय सीए रामदास ने पिछले वर्ष यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास कर भारतीय पुलिस सेवा में जगह बनाई थी। उन्हें ओडिशा कैडर आवंटित हुआ था और वर्तमान में वे हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (SVPNPA) में बुनियादी प्रशिक्षण ले रहे थे। अभी उनकी फील्ड पोस्टिंग भी नहीं हुई थी कि उन्होंने सेवा छोड़ने का निर्णय ले लिया।
डीजीपी ने की इस्तीफे की पुष्टि:
ओडिशा के पुलिस महानिदेशक (DGP) वाई. बी. खुरानिया ने मीडिया से बातचीत में पुष्टि की कि सीए रामदास का इस्तीफा विभाग को मिल चुका है। उन्होंने बताया कि चूंकि अधिकारी अभी प्रशिक्षण के शुरुआती चरण में हैं, इसलिए उन्होंने ओडिशा में फील्ड ड्यूटी भी शुरू नहीं की थी। हालांकि, इस्तीफे के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है।
जगमोहन मीणा के बाद दूसरा बड़ा झटका:
कुछ दिन पहले ही भुवनेश्वर के डीसीपी और राजस्थान के अलवर निवासी आईपीएस जगमोहन मीणा ने भी निजी कारणों का हवाला देते हुए भारतीय पुलिस सेवा से इस्तीफा दिया था। उनका इस्तीफा अभी स्वीकार नहीं हुआ है। लगातार दो आईपीएस अधिकारियों के नौकरी छोड़ने के फैसले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस्तीफे पर क्या बोले जगमोहन मीणा:
इस्तीफे के बाद जगमोहन मीणा ने कहा था कि यह फैसला उन्होंने किसी दबाव या जल्दबाजी में नहीं लिया। परिवार और करीबी लोगों से लंबे विचार-विमर्श के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया। करीब 13 वर्षों तक ओडिशा कैडर में सेवा देने के बाद उन्होंने पूरी तरह व्यक्तिगत कारणों से पद छोड़ने का फैसला किया और अपनी निजता का सम्मान करने की अपील की।
लगातार बढ़ रहे इस्तीफों ने खड़े किए सवाल:
पिछले कुछ समय में कई युवा आईपीएस अधिकारियों के इस्तीफे ने यह बहस तेज कर दी है कि आखिर प्रतिष्ठित मानी जाने वाली पुलिस सेवा से युवा अधिकारी दूरी क्यों बना रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि हर अधिकारी के इस्तीफे के पीछे अलग परिस्थितियां हो सकती हैं, लेकिन लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों का विश्लेषण जरूरी है। हाल के वर्षों में कुछ अधिकारियों ने राजनीति में आने के लिए नौकरी छोड़ी, कुछ ने निजी क्षेत्र और कॉरपोरेट सेक्टर का रुख किया, जबकि कुछ अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में बेहतर अवसर मिलने के कारण सेवा से अलग हुए। ऐसे मामलों ने यह संकेत जरूर दिया है कि अब करियर विकल्प पहले की तुलना में कहीं अधिक विविध हो गए हैं।
क्या आईपीएस अधिकारी इस्तीफा दे सकते हैं:
भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारियों को ऑल इंडिया सर्विसेज (AIS) नियम, 1958 के तहत इस्तीफा देने का अधिकार है। हालांकि, उनका इस्तीफा केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही प्रभावी माना जाता है। जब तक इस्तीफा स्वीकार नहीं होता, तब तक अधिकारी अपने पद पर बने रहते हैं। नियमों के अनुसार इस्तीफा देने वाले अधिकारियों को सामान्य सेवानिवृत्ति पर मिलने वाले अधिकांश लाभ नहीं मिलते। वहीं, निर्धारित अवधि के भीतर आवेदन करने पर कुछ परिस्थितियों में इस्तीफा वापस लेकर सेवा में लौटने का अवसर भी दिया जा सकता है।
अब सबकी नजर सरकार के फैसले पर:
सीए रामदास के इस्तीफे के पीछे वास्तविक कारण अभी सामने नहीं आए हैं। वहीं, जगमोहन मीणा का इस्तीफा भी अंतिम मंजूरी का इंतजार कर रहा है। ऐसे में एक ही कैडर से कम समय में दो आईपीएस अधिकारियों के इस्तीफे ने ओडिशा पुलिस के साथ-साथ प्रशासनिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इन इस्तीफों पर क्या फैसला लेती है और क्या भविष्य में इनके पीछे की वजहें सार्वजनिक होती हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों ने ली आधारभूत सुविधाओं की जानकारी
बाड़मेर जिले में विद्यालयों का व्यापक निरीक्षण
जर्जर भवनों एवं अन्य सुविधाओं की रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी जाएगी
बाड़मेर, 11 जुलाई। जिला कलक्टर के निर्देशानुसार शनिवार को बाड़मेर जिले के विभिन्न राजकीय  विद्यालयों में बड़े स्तर पर निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस दौरान विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों ने विद्यालयों में पहुंचकर भवनों की स्थिति, आधारभूत सुविधाओं, मिड-डे मील व्यवस्था, स्वच्छता और अन्य शैक्षणिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
जिला कलक्टर चिन्मयी गोपाल के निर्देशानुसार शनिवार को अतिरिक्त जिला कलक्टर रवींद्र कुमार ने पीएम श्री राउमावि खड़ीन, बीबडा, शिव उपखंड अधिकारी यक्ष चौधरी ने राउमावि रामदेरिया एवं बालासर, बायतु उपखंड अधिकारी केशव मीणा ने राउप्रावि कोलू एवं राउमावि कोसरिया, कोषाधिकारी जसराज चौहान ने राउमावि ढूंढा, बाड़मेर तहसीलदार हुकमीचंद ने राउमावि कादरे की ढाणी, दरूड़ा, मारुडी, जिला शिक्षा अधिकारी देवाराम ने राउमावि कवास, तहसीलदार भूपेंद्र कुमार ने राउमाबावि चौहटन एवं राउमावि चौहटन, कापराऊ, तहसीलदार हमीरा राम बालाच ने राउमावि बिसासर एवं कितनोरिया, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता सुराराम चौधरी ने राउमावि सनाऊ, डिस्कॉम के अधीक्षण अभियंता अशोक कुमार मीणा ने राउमावि भादरेश गांधव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उप निदेशक सुरेन्द्र प्रतापसिंह भाटी ने राउमावि कुर्जा, महिला एवं बाल विकास विभाग के उप निदेशक प्रहलाद सिंह राजपुरोहित ने राउमावि महाबार, नगर परिषद आयुक्त भगवत सिंह परमार ने नगर परिषद क्षेत्र बाड़मेर के विद्यालयों का निरीक्षण किया। इसी तरह तहसीलदार तनसिंह, अमीन खान, विकास अधिकारी हिमांशु चौधरी, नीतू व्यास समेत विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों ने विद्यालयों का निरीक्षण कर आधारभूत सुविधाओं, विद्यालय भवनों की स्थिति, मिड-डे-मील समेत अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान हरियालो राजस्थान के तहत पौधारोपण भी किया गया। उल्लेखनीय है कि इस आकस्मिक निरीक्षण का उद्वेश्य बाड़मेर जिले के सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा वातावरण सुनिश्चित करने का साथ जर्जर भवनों एवं आधारभूत सुविधाओं का जायजा लेना था। प्रशासनिक अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान अच्छी व्यवस्थाओं की सराहना की। वहीं कमियों को दूर करने के लिए संबंधित कार्मिकों को आवश्यक निर्देश दिए। इन अधिकारियों की ओर से निरीक्षण रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी जाएगी।
फिल्मी अंदाज में ANTF टीम की बड़ी कार्यवाही।
Vikas Kumar IPS
बाड़मेर। कृषि मंडी व्यापारी के साथ सरकारी कर्मचारी व उनके साथी ने मिलकर की मारपीट।
बायतू के नए  SHO होंगे <nis:link nis:type=tag nis:id=खेताराम nis:value=खेताराम nis:enabled=true nis:link/> बटेर
बाड़मेर पुलिस महकमे में हुए प्रशासनिक फेरबदल के तहत खेताराम बटेर को बायतु थाना का नया थानाधिकारी नियुक्त किया गया है ,
खेताराम बटेर इससे पहले जोधपुर और नागौर जिले के विभिन्न पुलिस थानों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं,
बाड़मेर में करीब फिट लंबे कोबरा ने 5 मुर्गा और मुर्गी को बनाया शि*कार,खा गया 9 अंडे...
बाड़मेर पुलिस अधीक्षक चुनाराम जाट ने किया थाना अधिकारियों को फेरबदल।
पॉवर सेंटर का पॉवर....... जो कहा था वो दिया।
Swaroop Singh Khara
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