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मुरैना- "एक सही निर्णय, पूरी ज़िंदगी बदल सकता है।" नशे को नहीं, अपने सपनों को चुनिए। आइए, "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान से जुड़ें और एक स्वस्थ, सुरक्षित एवं नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी भागीदारी निभाएँ। याद रखिए, आपका एक संकल्प किसी का भविष्य बचा सकता है। नशे से दूरी ही समझदारी है। स्वस्थ युवा, सशक्त समाज – यही हमारा संकल्प।

Morena Nagar, Morena | Jul 15, 2026

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मुरैना: वार्ड 24 के सुभाष नगर में नलों से आ रहा गंदा और बदबूदार पानी, रहवासियों में आक्रोश

मुरैना। नगर निगम क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 24 स्थित सुभाष नगर की सरस्वती स्कूल वाली गली में पिछले कई दिनों से पेयजल आपूर्ति को लेकर गंभीर समस्या बनी हुई है। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि घरों के नलों से लगातार गंदा और बदबूदार पानी आ रहा है, जिससे लोगों को पीने और घरेलू उपयोग के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रहवासियों के अनुसार पानी में दुर्गंध होने के साथ-साथ गंदगी भी दिखाई दे रही है, जिसके कारण जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि छोटे बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य को लेकर विशेष चिंता बनी हुई है।
स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि समस्या कई दिनों से बनी हुई है, लेकिन अब तक नगर निगम की ओर से कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से पेयजल पाइपलाइन की तत्काल जांच कर दूषित जलापूर्ति बंद कराने और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है।
#मुरैना #morena #नगरनिगम

मुरैना: वार्ड 24 के सुभाष नगर में नलों से आ रहा गंदा और बदबूदार पानी, रहवासियों में आक्रोश मुरैना। नगर निगम क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 24 स्थित सुभाष नगर की सरस्वती स्कूल वाली गली में पिछले कई दिनों से पेयजल आपूर्ति को लेकर गंभीर समस्या बनी हुई है। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि घरों के नलों से लगातार गंदा और बदबूदार पानी आ रहा है, जिससे लोगों को पीने और घरेलू उपयोग के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रहवासियों के अनुसार पानी में दुर्गंध होने के साथ-साथ गंदगी भी दिखाई दे रही है, जिसके कारण जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि छोटे बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य को लेकर विशेष चिंता बनी हुई है। स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि समस्या कई दिनों से बनी हुई है, लेकिन अब तक नगर निगम की ओर से कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से पेयजल पाइपलाइन की तत्काल जांच कर दूषित जलापूर्ति बंद कराने और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है। #मुरैना #morena #नगरनिगम

Morena Nagar, Morena | Jul 17, 2026

मुरैना: बैरियल चौराहे पर कई दिनों से खड़ी कार बनी परेशानी, आखिर किसकी है यह लावारिस गाड़ी?

मुरैना शहर के व्यस्त बैरियल चौराहे के पास मॉल के सामने पेट्रोल पंप के समीप एक कार पिछले कई दिनों से सड़क किनारे खड़ी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस वजह से यहां से गुजरने वाले वाहनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है और व्यस्त समय में अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है।
राहगीरों और वाहन चालकों का सवाल है कि आखिर यह कार किसकी है, इसे इतने दिनों से सड़क किनारे क्यों छोड़ दिया गया है और संबंधित विभाग द्वारा अब तक इसे हटाने की कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और यातायात पुलिस से मांग की है कि मामले की जांच कर वाहन के मालिक का पता लगाया जाए तथा यदि वाहन लावारिस या नियमों के विरुद्ध खड़ा है तो उसे तत्काल हटाया जाए, ताकि यातायात सुचारु रूप से संचालित हो सके।
#मुरैना #morena #कार #ट्रैफिक #पुलिस

मुरैना: बैरियल चौराहे पर कई दिनों से खड़ी कार बनी परेशानी, आखिर किसकी है यह लावारिस गाड़ी? मुरैना शहर के व्यस्त बैरियल चौराहे के पास मॉल के सामने पेट्रोल पंप के समीप एक कार पिछले कई दिनों से सड़क किनारे खड़ी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस वजह से यहां से गुजरने वाले वाहनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है और व्यस्त समय में अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। राहगीरों और वाहन चालकों का सवाल है कि आखिर यह कार किसकी है, इसे इतने दिनों से सड़क किनारे क्यों छोड़ दिया गया है और संबंधित विभाग द्वारा अब तक इसे हटाने की कार्रवाई क्यों नहीं की गई। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और यातायात पुलिस से मांग की है कि मामले की जांच कर वाहन के मालिक का पता लगाया जाए तथा यदि वाहन लावारिस या नियमों के विरुद्ध खड़ा है तो उसे तत्काल हटाया जाए, ताकि यातायात सुचारु रूप से संचालित हो सके। #मुरैना #morena #कार #ट्रैफिक #पुलिस

Morena Nagar, Morena | Jul 17, 2026

गौमाता को राज्य माता घोषित करने की मांग, मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने की अपील

मुरैना। अंतर्राष्ट्रीय वैदिक शास्त्रार्थ विजेता एवं नागजी पीठाधीश्वर पैमावतार डॉ. नागाजी सरकार ने गौ संरक्षण, मंदिरों के सरकारी नियंत्रण एवं अन्य धार्मिक विषयों को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में अपने विचार व्यक्त किए।

प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि गौमाता को "राज्य माता" का दर्जा दिया जाना चाहिए। उनका कहना था कि गौमाता करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र हैं, इसलिए उनका वध पूरी तरह बंद होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका विरोध किसी सरकार से नहीं है, बल्कि वे गौमाता के संरक्षण और सम्मान के पक्ष में अपनी बात रख रहे हैं।

राम मंदिर पर भी दिया बयान

डॉ. नागाजी सरकार ने राम मंदिर के मुद्दे पर भी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वर्षों तक जिस रामलला के लिए कारसेवकों ने संघर्ष किया, लाठियां और गोलियां खाईं, उस विषय को लेकर उनके मन मे

गौमाता को राज्य माता घोषित करने की मांग, मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने की अपील मुरैना। अंतर्राष्ट्रीय वैदिक शास्त्रार्थ विजेता एवं नागजी पीठाधीश्वर पैमावतार डॉ. नागाजी सरकार ने गौ संरक्षण, मंदिरों के सरकारी नियंत्रण एवं अन्य धार्मिक विषयों को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में अपने विचार व्यक्त किए। प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि गौमाता को "राज्य माता" का दर्जा दिया जाना चाहिए। उनका कहना था कि गौमाता करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र हैं, इसलिए उनका वध पूरी तरह बंद होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका विरोध किसी सरकार से नहीं है, बल्कि वे गौमाता के संरक्षण और सम्मान के पक्ष में अपनी बात रख रहे हैं। राम मंदिर पर भी दिया बयान डॉ. नागाजी सरकार ने राम मंदिर के मुद्दे पर भी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वर्षों तक जिस रामलला के लिए कारसेवकों ने संघर्ष किया, लाठियां और गोलियां खाईं, उस विषय को लेकर उनके मन मे

Morena Nagar, Morena | Jul 17, 2026

गौमाता को राज्य माता घोषित करने की मांग, मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने की अपील

मुरैना। अंतर्राष्ट्रीय वैदिक शास्त्रार्थ विजेता एवं नागजी पीठाधीश्वर पैमावतार डॉ. नागाजी सरकार ने गौ संरक्षण, मंदिरों के सरकारी नियंत्रण एवं अन्य धार्मिक विषयों को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में अपने विचार व्यक्त किए।

प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि गौमाता को "राज्य माता" का दर्जा दिया जाना चाहिए। उनका कहना था कि गौमाता करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र हैं, इसलिए उनका वध पूरी तरह बंद होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका विरोध किसी सरकार से नहीं है, बल्कि वे गौमाता के संरक्षण और सम्मान के पक्ष में अपनी बात रख रहे हैं।

राम मंदिर पर भी दिया बयान

डॉ. नागाजी सरकार ने राम मंदिर के मुद्दे पर भी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वर्षों तक जिस रामलला के लिए कारसेवकों ने संघर्ष किया, लाठियां और गोलियां खाईं, उस विषय को लेकर उनके मन में कई प्रश्न हैं। इस संबंध में उन्होंने अपनी व्यक्तिगत राय भी रखी।

मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने की मांग

महाराज ने कहा कि देश में सिखों के गुरुद्वारे, मुस्लिम समुदाय की मस्जिदें और ईसाई समाज के चर्च सरकारी नियंत्रण से मुक्त हैं, जबकि कई स्थानों पर हिंदू मंदिरों का संचालन सरकारी व्यवस्था के अधीन है।

उन्होंने मांग की कि मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त किया जाए, ताकि उनकी देखरेख, प्रबंधन और धार्मिक गतिविधियों का संचालन संत समाज एवं सनातन समाज स्वयं कर सके।

उन्होंने कहा कि सरकार को अपने प्रशासनिक कार्यों और शासन व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए, जबकि मंदिरों का संचालन संत समाज और श्रद्धालुओं पर छोड़ देना चाहिए।

गौ संरक्षण को लेकर कही यह बात

प्रेस वार्ता के अंत में डॉ. नागाजी सरकार ने कहा कि जो व्यक्ति गौमाता के संरक्षण और सम्मान के पक्ष में खड़ा है, वही वास्तविक संत है। उन्होंने दोहराया कि उन्हें किसी प्रकार के सरकारी लाभ या सहायता की आवश्यकता नहीं है, बल्कि उनकी प्राथमिकता केवल गौमाता का संरक्षण और सम्मान है।

नोट: प्रेस वार्ता में व्यक्त सभी विचार एवं बयान संबंधित संत डॉ. नागाजी सरकार के हैं। समाचार का उद्देश्य उनके वक्तव्यों को तथ्यात्मक रूप से प्रस्तुत करना है।

गौमाता को राज्य माता घोषित करने की मांग, मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने की अपील मुरैना। अंतर्राष्ट्रीय वैदिक शास्त्रार्थ विजेता एवं नागजी पीठाधीश्वर पैमावतार डॉ. नागाजी सरकार ने गौ संरक्षण, मंदिरों के सरकारी नियंत्रण एवं अन्य धार्मिक विषयों को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में अपने विचार व्यक्त किए। प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि गौमाता को "राज्य माता" का दर्जा दिया जाना चाहिए। उनका कहना था कि गौमाता करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र हैं, इसलिए उनका वध पूरी तरह बंद होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका विरोध किसी सरकार से नहीं है, बल्कि वे गौमाता के संरक्षण और सम्मान के पक्ष में अपनी बात रख रहे हैं। राम मंदिर पर भी दिया बयान डॉ. नागाजी सरकार ने राम मंदिर के मुद्दे पर भी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वर्षों तक जिस रामलला के लिए कारसेवकों ने संघर्ष किया, लाठियां और गोलियां खाईं, उस विषय को लेकर उनके मन में कई प्रश्न हैं। इस संबंध में उन्होंने अपनी व्यक्तिगत राय भी रखी। मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने की मांग महाराज ने कहा कि देश में सिखों के गुरुद्वारे, मुस्लिम समुदाय की मस्जिदें और ईसाई समाज के चर्च सरकारी नियंत्रण से मुक्त हैं, जबकि कई स्थानों पर हिंदू मंदिरों का संचालन सरकारी व्यवस्था के अधीन है। उन्होंने मांग की कि मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त किया जाए, ताकि उनकी देखरेख, प्रबंधन और धार्मिक गतिविधियों का संचालन संत समाज एवं सनातन समाज स्वयं कर सके। उन्होंने कहा कि सरकार को अपने प्रशासनिक कार्यों और शासन व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए, जबकि मंदिरों का संचालन संत समाज और श्रद्धालुओं पर छोड़ देना चाहिए। गौ संरक्षण को लेकर कही यह बात प्रेस वार्ता के अंत में डॉ. नागाजी सरकार ने कहा कि जो व्यक्ति गौमाता के संरक्षण और सम्मान के पक्ष में खड़ा है, वही वास्तविक संत है। उन्होंने दोहराया कि उन्हें किसी प्रकार के सरकारी लाभ या सहायता की आवश्यकता नहीं है, बल्कि उनकी प्राथमिकता केवल गौमाता का संरक्षण और सम्मान है। नोट: प्रेस वार्ता में व्यक्त सभी विचार एवं बयान संबंधित संत डॉ. नागाजी सरकार के हैं। समाचार का उद्देश्य उनके वक्तव्यों को तथ्यात्मक रूप से प्रस्तुत करना है।

Morena Nagar, Morena | Jul 17, 2026

अनुसूचित जाति वर्ग की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत दिलाना सुनिश्चित करें - डॉ. कैलाश जाटव

प्रकरणों में त्रुटि होने पर हितग्राही को बैंकर्स लिखित सूचना दें, लंबित मामलों के त्वरित निराकरण के दिए निर्देश

मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. कैलाश जाटव ने कहा है कि प्रदेश सरकार द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के कल्याण के लिए संचालित समस्त योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध एवं शत-प्रतिशत रूप से पहुंचाना संबंधित अधिकारियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि अनुसूचित जाति वर्ग के ऋण प्रकरणों में यदि किसी प्रकार की त्रुटि अथवा कमी पाई जाती है, तो संबंधित बैंकर्स द्वारा हितग्राही को इसकी लिखित सूचना उपलब्ध कराई जाए, जिससे प्रकरण निरस्त होने अथवा लंबित रहने के कारणों की स्पष्ट जानकारी हितग्राही को प्राप्त हो सके।

डॉ. जाटव गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री कमलेश कुमार भार्गव, अपर कलेक्टर श्री अश्विनी कुमार रावत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुरेन्द्र पाल सिंह डाबर सहित सभी जिला अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में डॉ. जाटव ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग से संबंधित लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को समय पर उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने सांसद एवं विधायक निधि के अंतर्गत अनुसूचित जाति बस्तियों में नाली, सीसी सड़क, खरंजा सहित अन्य विकास कार्यों पर निर्धारित 18 प्रतिशत राशि व्यय किए जाने की समीक्षा करते हुए विगत तीन वर्षों के अभिलेखों का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने जिले में किराए के भवनों में संचालित 23 छात्रावासों के लिए भूमि प्रस्ताव तैयार कर स्थायी भवन निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी जिला अधिकारियों को निर्वाचन प्रक्रिया की तर्ज पर रात्रिकालीन छात्रावास निरीक्षण नियमित रूप से करने के लिए कहा। शिक्षा, स्वास्थ्य, पशुपालन, रोजगार, बैंकिंग, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों की समीक्षा के दौरान उन्होंने अनुसूचित जाति वर्ग के हितग्राहियों को राहत राशि एवं अन्य योजनाओं के लाभ वितरण में किसी प्रकार की देरी नहीं होने पर विशेष जोर दिया।

डॉ. जाटव ने अनुसूचित जाति बस्तियों में झोलाछाप चिकित्सकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने, शासकीय भूमि पर पात्र व्यक्तियों को बेदखल नहीं करने, डिजिटल जाति प्रमाण-पत्रों में "माइग्रेटेड" संबंधी त्रुटियों का सात दिवस के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने तथा छात्रवृत्ति वितरण प्रभावित नहीं होने देने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठकें नियमानुसार आयोजित करने, नल-जल योजनाओं के क्रियान्वयन में हो रहे विलंब की जांच कराने तथा आउटसोर्स एवं ठेका व्यवस्था में 16 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

पुलिस अधिकारियों की बैठक में लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण पर दिया जोर

पुलिस सभागार में आयोजित बैठक में डॉ. जाटव ने निर्देश दिए कि जिले में जाति प्रमाण-पत्र से संबंधित 20 लंबित प्रकरणों का एक सप्ताह के भीतर निराकरण कराया जाए। उन्होंने अनुसूचित जाति अत्याचार से संबंधित 93 लंबित आपराधिक प्रकरणों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा बजट के अभाव में लंबित 107 राहत प्रकरणों के संबंध में आवश्यक अनुस्मारक प्रेषित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने थानों में गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) की अद्यतन सूची संधारित करने, अनुसूचित जाति बस्तियों में नियमित पुलिस संवाद स्थापित करने तथा एफआईआर दर्ज करने में किसी प्रकार की अनावश्यक विलंब नहीं होने देने के निर्देश भी दिए। बैठक के अंत में उन्होंने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई।

जिला पंचायत में योजनाओं की समीक्षा

जिला पंचायत में आयोजित बैठक में डॉ. जाटव ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए जिला स्तर पर हेल्पलाइन अथवा व्हाट्सएप नंबर का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने, पंचायतवार आवास पात्रता सूची सार्वजनिक करने तथा सभी पंचायतों, विशेषकर अनुसूचित जाति बस्तियों में नियमित स्वच्छता अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा भी की।

नगर निगम में हितग्राही योजनाओं की समीक्षा

नगर निगम सभागार में आयोजित बैठक में डॉ. जाटव ने भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), जनकल्याण संबल योजना तथा विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अनुसूचित जाति वर्ग के पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का अपेक्षित लाभ नहीं मिलने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में महापौर श्रीमती शारदा सोलंकी, नगर निगम आयुक्त श्री सत्येन्द्र धाकरे, पूर्व विधायक अंबाह श्री सखवार सहित नगरीय निकायों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

#JansamparkMP #morena2026 #Morena #MadhyaPradesh Jansampark Madhya Pradesh

अनुसूचित जाति वर्ग की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत दिलाना सुनिश्चित करें - डॉ. कैलाश जाटव प्रकरणों में त्रुटि होने पर हितग्राही को बैंकर्स लिखित सूचना दें, लंबित मामलों के त्वरित निराकरण के दिए निर्देश मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. कैलाश जाटव ने कहा है कि प्रदेश सरकार द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के कल्याण के लिए संचालित समस्त योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध एवं शत-प्रतिशत रूप से पहुंचाना संबंधित अधिकारियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि अनुसूचित जाति वर्ग के ऋण प्रकरणों में यदि किसी प्रकार की त्रुटि अथवा कमी पाई जाती है, तो संबंधित बैंकर्स द्वारा हितग्राही को इसकी लिखित सूचना उपलब्ध कराई जाए, जिससे प्रकरण निरस्त होने अथवा लंबित रहने के कारणों की स्पष्ट जानकारी हितग्राही को प्राप्त हो सके। डॉ. जाटव गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री कमलेश कुमार भार्गव, अपर कलेक्टर श्री अश्विनी कुमार रावत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुरेन्द्र पाल सिंह डाबर सहित सभी जिला अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में डॉ. जाटव ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग से संबंधित लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को समय पर उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने सांसद एवं विधायक निधि के अंतर्गत अनुसूचित जाति बस्तियों में नाली, सीसी सड़क, खरंजा सहित अन्य विकास कार्यों पर निर्धारित 18 प्रतिशत राशि व्यय किए जाने की समीक्षा करते हुए विगत तीन वर्षों के अभिलेखों का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में किराए के भवनों में संचालित 23 छात्रावासों के लिए भूमि प्रस्ताव तैयार कर स्थायी भवन निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी जिला अधिकारियों को निर्वाचन प्रक्रिया की तर्ज पर रात्रिकालीन छात्रावास निरीक्षण नियमित रूप से करने के लिए कहा। शिक्षा, स्वास्थ्य, पशुपालन, रोजगार, बैंकिंग, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों की समीक्षा के दौरान उन्होंने अनुसूचित जाति वर्ग के हितग्राहियों को राहत राशि एवं अन्य योजनाओं के लाभ वितरण में किसी प्रकार की देरी नहीं होने पर विशेष जोर दिया। डॉ. जाटव ने अनुसूचित जाति बस्तियों में झोलाछाप चिकित्सकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने, शासकीय भूमि पर पात्र व्यक्तियों को बेदखल नहीं करने, डिजिटल जाति प्रमाण-पत्रों में "माइग्रेटेड" संबंधी त्रुटियों का सात दिवस के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने तथा छात्रवृत्ति वितरण प्रभावित नहीं होने देने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठकें नियमानुसार आयोजित करने, नल-जल योजनाओं के क्रियान्वयन में हो रहे विलंब की जांच कराने तथा आउटसोर्स एवं ठेका व्यवस्था में 16 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। पुलिस अधिकारियों की बैठक में लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण पर दिया जोर पुलिस सभागार में आयोजित बैठक में डॉ. जाटव ने निर्देश दिए कि जिले में जाति प्रमाण-पत्र से संबंधित 20 लंबित प्रकरणों का एक सप्ताह के भीतर निराकरण कराया जाए। उन्होंने अनुसूचित जाति अत्याचार से संबंधित 93 लंबित आपराधिक प्रकरणों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा बजट के अभाव में लंबित 107 राहत प्रकरणों के संबंध में आवश्यक अनुस्मारक प्रेषित करने के निर्देश दिए। उन्होंने थानों में गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) की अद्यतन सूची संधारित करने, अनुसूचित जाति बस्तियों में नियमित पुलिस संवाद स्थापित करने तथा एफआईआर दर्ज करने में किसी प्रकार की अनावश्यक विलंब नहीं होने देने के निर्देश भी दिए। बैठक के अंत में उन्होंने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई। जिला पंचायत में योजनाओं की समीक्षा जिला पंचायत में आयोजित बैठक में डॉ. जाटव ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए जिला स्तर पर हेल्पलाइन अथवा व्हाट्सएप नंबर का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने, पंचायतवार आवास पात्रता सूची सार्वजनिक करने तथा सभी पंचायतों, विशेषकर अनुसूचित जाति बस्तियों में नियमित स्वच्छता अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा भी की। नगर निगम में हितग्राही योजनाओं की समीक्षा नगर निगम सभागार में आयोजित बैठक में डॉ. जाटव ने भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), जनकल्याण संबल योजना तथा विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अनुसूचित जाति वर्ग के पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का अपेक्षित लाभ नहीं मिलने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में महापौर श्रीमती शारदा सोलंकी, नगर निगम आयुक्त श्री सत्येन्द्र धाकरे, पूर्व विधायक अंबाह श्री सखवार सहित नगरीय निकायों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। #JansamparkMP #morena2026 #Morena #MadhyaPradesh Jansampark Madhya Pradesh

Morena, Madhya Pradesh | Jul 16, 2026

मुरैना- "एक सही निर्णय, पूरी ज़िंदगी बदल सकता है।" नशे को नहीं, अपने सपनों को चुनिए। आइए, "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान से जुड़ें और एक स्वस्थ, सुरक्षित एवं नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी भागीदारी निभाएँ। याद रखिए, आपका एक संकल्प किसी का भविष्य बचा सकता है। नशे से दूरी ही समझदारी है। स्वस्थ युवा, सशक्त समाज – यही हमारा संकल्प। - Morena Nagar News