माँ भद्रकाली शक्तिपीठ में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, 505 ज्योत महाआरती में भक्तिमय हुआ मंदिर परिसर
कुरुक्षेत्र। माँ भद्रकाली शक्तिपीठ में नवरात्र के षष्ठी एवं सप्तमी पर्व पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। माँ कात्यायनी और माँ कालरात्रि की पूजा-अर्चना के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर के कपाट खुलने से पहले ही भक्त माँ के दर्शन के लिए कतारों में खड़े नजर आए। श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर, दंडवत करते हुए और ढोल-नगाड़ों के साथ माँ के दरबार में पहुंचकर अपनी आस्था व्यक्त की।
पीठाध्यक्ष पंडित सतपाल शर्मा ने बताया कि माँ कालरात्रि नवदुर्गा का सातवां स्वरूप हैं। उन्हें दुष्टों का संहार करने वाली और भक्तों को भय से मुक्ति दिलाने वाली देवी माना जाता है। नवरात्र के अवसर पर दूर-दराज से श्रद्धालु माँ के दर्शन के लिए शक्तिपीठ पहुंच रहे हैं।
मंदिर में दिनभर नवरात्र व्रत भंडारे और अन्नपूर्णा भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। माँ की विशेष स्वर्णिम पोशाक भी आकर्षण का केंद्र रही। लगभग 2.25 किलोग्राम चाँदी पर गोल्ड प्लेटिंग से तैयार इस पोशाक में माँ के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर भक्त भावविभोर हो उठे।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन की ओर से दर्शन व्यवस्था सुचारु रखी गई। बुजुर्गों और गोद में छोटे बच्चों को लेकर आने वाली माताओं के लिए अलग दर्शन लाइन की व्यवस्था की गई। शाम को सचिन मदान एंड पार्टी ने भजनों के माध्यम से माँ की महिमा का गुणगान किया।
505 ज्योत महाआरती में उमड़ी श्रद्धा
सप्तमी के अवसर पर आयोजित विशेष 505 ज्योत महाआरती में कुरुक्षेत्र के उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। सैकड़ों ज्योतों की दिव्य रोशनी से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने माँ की आराधना कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
इसके बाद शाम सात बजे आयोजित श्री नवदुर्गा शक्ति हवन में श्रद्धालुओं ने आहुतियां अर्पित कर जनकल्याण और सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। इस अवसर पर थानेसर के एसडीएम एवं जिला नगर आयुक्त अमन कुमार भी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
पीठाध्यक्ष पंडित सतपाल शर्मा ने श्रद्धालुओं को 19 अक्टूबर को रात नौ बजे आयोजित होने वाले दुर्गाष्टमी जागरण में शामिल होने का निमंत्रण दिया। नवरात्र के दौरान माँ भद्रकाली शक्तिपीठ में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ कुरुक्षेत्र की धार्मिक परंपराओं और सनातन संस्कृति के प्रति लोगों की अटूट आस्था को दर्शाती है।