हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, पंचकूला द्वारा साहित्य पुरस्कार समारोह का आयोजन आज महाराजा दाहिरसेन सभागार, अकादमी भवन, सेक्टर 14 पंचकूला में किया गया। हरियाणा के विभिन्न जिलों से पधारे पंजाबी, हिंदी एवं हरियाणवी के 65 साहित्यकारों को मुख्य अतिथि, श्री हरविन्द्र कल्याण, अध्यक्ष, हरियाणा विधान सभा, श्री घनश्याम दास अरोड़ा, विधायक, यमुनानगर, विशिष्ट अतिथि, कार्यकारी उपाध्यक्ष, डाॅ. कुलदीप चंद अग्निहोत्री, श्री मंजीत सिंह, सदस्य सचिव, डाॅ. धर्मदेव विद्यार्थी, निदेशक, हिंदी एवं हरियाणवी प्रकोष्ठ, डाॅ. सी.डी.एस. कौशल, संस्कृत प्रकोष्ठ, डाॅ. चन्द्रत्रिखा, निदेशक, उर्दू प्रकोष्ठ व सरदार हरपाल सिंह चीका, निदेशक, पंजाबी प्रकोष्ठ द्वारा साहित्यकारों को प्रशस्ति-पत्र एवं शॉल भेंट करके सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे श्री हरविन्द्र कल्याण, अध्यक्ष, हरियाणा विधान सभा ने अपने वक्तव्य में कहा कि साहित्यकार अपनी लेखनी के माध्यम से समाज को एक नयी दिशा प्रदान करते हैं। साहित्यकार अपनी रचनाओं के द्वारा समाज में जिस व्यापक स्तर पर जागरूकता उत्पन्न कर सकता है, उस सतर पर और कोई भी माध्यम सफल नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा की प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के सपने को साकार करने में सरकार के साथ-साथ लेखक की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रदेश के साहित्यकारों के सम्मान के लिए सरकार के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि सरकार साहित्य और संस्कृति के उत्थान के लिए निरंतर प्रयत्नशील है। उन्होंने कहा कि मैं सौभाग्यशाली हूँ कि मुझे सहधर्मिणी के रूप में एक साहित्यकार का साथ प्राप्त हुआ है।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे विधायक यमुनानगर, श्री घनश्याम अरोड़ा ने कहा कि साहित्यकार अपनी लेखनी के माध्यम से सामाजिक कुरूतियों, विसंगतियों को प्रदर्शित करके समाज को नई दिशा प्रदान कर सकता है। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए 65 साहित्यकारों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रदान कीं।
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