अपने ही सरकार पर क्रोधित होकर बरसे सीधी भाजपा नेता संजय सोनी
ढीले प्रशासन और उदासीन जनप्रतिनिधियों पर उठाए सवाल, बोले—जनता ने ऐशो-आराम के लिए नहीं, सुख-दुख का साथी बनने के लिए वोट दिया
सीधी। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भाजपा नेता संजय सोनी ने अपनी ही सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा आक्रोश जताया है। उन्होंने एक बीमार महिला को समय पर एंबुलेंस नहीं मिल पाने का मामला उठाते हुए प्रशासनिक व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए।
संजय सोनी ने बताया कि उनके गांव में एक महिला की तबीयत खराब होने पर उसे तत्काल एंबुलेंस की आवश्यकता थी। उस समय वह गांव में मौजूद नहीं थे। सूचना मिलने के बाद उन्होंने मदद के लिए डायल 108 पर चार बार कॉल, इसके बाद 104 और 112 पर संपर्क किया। इतना ही नहीं, उन्होंने सीएम हेल्पलाइन 181 पर भी कॉल किया, लेकिन उनके अनुसार इसके बावजूद तत्काल एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी।
कई जगह फोन के बाद मिली एंबुलेंस
संजय सोनी के मुताबिक, जब तमाम प्रयासों के बाद भी एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिली तो उन्होंने डॉक्टर मनोज परिहार से संपर्क किया और भोपाल के प्रोजेक्ट हेड से भी बात की। इसके बाद सीधी एंबुलेंस हेड तिवारी ने उनसे संपर्क किया और फिर महिला को एंबुलेंस उपलब्ध हो सकी।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भाजपा नेता ने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर एक व्यक्ति को एंबुलेंस जैसी बुनियादी स्वास्थ्य सुविधा पाने के लिए इतने स्तरों पर फोन करना पड़े, तो यह व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
“जनता ने ऐशो-आराम के लिए वोट नहीं दिया”
संजय सोनी ने जनप्रतिनिधियों को भी सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि गरीब और आम आदमी विधायक-सांसद को इसलिए वोट देता है कि वे उसके सुख-दुख के साथी बनें। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी केवल चुनाव जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रशासन पर प्रभावी “कमांड एंड कंट्रोल” रखते हुए जनता को बेहतर सुविधाएं दिलाना भी उनकी जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि “जनता ने आपको ऐशो-आराम करने के लिए वोट नहीं दिया है, बल्कि इसलिए चुना है कि आप उनके सुख-दुख के साथी बनें।”
पार्टी देखकर नहीं, योग्य व्यक्ति को दें वोट
भाजपा नेता ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि अब लोगों को केवल पार्टी देखकर वोट देने की आदत छोड़नी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता को ऐसे पढ़े-लिखे और योग्य व्यक्ति का चुनाव करना चाहिए, जो जरूरत के समय उनके साथ खड़ा हो और उनकी समस्याओं को शासन-प्रशासन तक मजबूती से पहुंचाए।
भ्रष्टाचार तंत्र के खिलाफ जताया विरोध
संजय सोनी ने कहा कि वे भ्रष्टाचार के तंत्र का विरोध करते हैं और जनता से जुड़े मूलभूत मुद्दों पर आवाज उठाते रहेंगे। एंबुलेंस की घटना को उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था की कथित उदासीनता का उदाहरण बताते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक जवाबदेह एवं प्रभावी बनाने की जरूरत बताई।
अब सवाल यह है कि जब एक बीमार महिला को एंबुलेंस के लिए 108, 104, 112 और 181 तक गुहार लगानी पड़े, तो गांव के आम गरीब की स्वास्थ्य व्यवस्था आखिर किसके भरोसे है?