उपनगर पुर में 21 फीट ऊंचे भव्य त्रिशूल की स्थापना, हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर
जागेटिया परिवार की ओर से 300 किलो वजनी त्रिशूल स्थापित, पंचमुखी दरबार के महंत लक्ष्मण दास जी त्यागी महाराज एवं पंडितों ने विधि-विधान से संपन्न कराया धार्मिक अनुष्ठान
पुर (भीलवाड़ा):राजकुमार गोयल उपनगर पुर स्थित श्री नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में जागेटिया परिवार की ओर से भगवान भोलेनाथ के प्रति अटूट श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ 21 फीट ऊंचे और 300 किलोग्राम वजनी भव्य त्रिशूल की स्थापना की गई। इस अवसर पर पंचमुखी दरबार के महंत लक्ष्मण दास जी त्यागी महाराज एवं पंडितों द्वारा विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करवाकर त्रिशूल की स्थापना की गई। धार्मिक आयोजन के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा और हर-हर महादेव के जयकारे गूंज उठे।
भगवान शिव के प्रमुख प्रतीकों में शामिल त्रिशूल की स्थापना श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था और श्रद्धा का केंद्र रही। 21 फीट ऊंचे तथा 300 किलो वजनी इस विशाल त्रिशूल की भव्यता ने मंदिर परिसर की धार्मिक शोभा को और बढ़ा दिया। पूजा-अर्चना एवं वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से संपन्न हुए इस आयोजन में भगवान नीलकंठ महादेव के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था देखने को मिली।
यह धार्मिक आयोजन जागेटिया परिवार की ओर से परम श्रद्धेय स्वर्गीय श्रीमान नंदलाल जागेटिया की स्मृति, उनके प्रति श्रद्धा तथा उनके आशीर्वाद की भावना के साथ आयोजित किया गया। परिवार की ओर से भगवान भोलेनाथ के समक्ष भव्य त्रिशूल स्थापित कर धर्म एवं आस्था के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की गई।
प्रसाद-भोज का भी हुआ आयोजन
त्रिशूल स्थापना के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद-भोज का आयोजन भी किया गया। भगवान भोलेनाथ की आराधना के साथ आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में प्रसाद ग्रहण कर श्रद्धालुओं ने पुण्य लाभ प्राप्त किया।
आस्था और भक्ति का प्रतीक बना विशाल त्रिशूल
श्री नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में स्थापित यह भव्य त्रिशूल क्षेत्र में श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। महंत लक्ष्मण दास जी त्यागी महाराज एवं पंडितों के सान्निध्य में विधि-विधानपूर्वक संपन्न हुआ यह धार्मिक अनुष्ठान भगवान शिव के प्रति श्रद्धा, भक्ति और समर्पण का प्रतीक बना।
जागेटिया परिवार की इस धार्मिक पहल से मंदिर परिसर में आध्यात्मिक वातावरण और अधिक भक्तिमय हो गया।
हर-हर महादेव! जय श्री नीलकंठ महादेव!
स्थान: श्री नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर, उपनगर पुर, भीलवाड़ा (राजस्थान)
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