जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति की बैठक का आयोजन हुआ, पदाधिकारियों को *अंतर्विभागीय समन्वय स्थापित कर जनहित के मामलों को तत्परता से हल करने* का दिया निदेश
==========================
अपर समाहर्ता को विभिन्न योजनाओं के लिए उपयुक्त भूमि शीघ्र उपलब्ध कराने तथा डीपीओ, आईसीडीएस को सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर आधारभूत संरचना यथा विद्युत आपूर्ति, पेयजल एवं शौचालय की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निदेश दिया
==========================
लोक-कल्याणकारी एवं विकासात्मक योजनाओं का सफल क्रियान्वयन जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता; संबंधित विभागों के पदाधिकारी सरकार के निदेशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करेंः जिलाधिकारी
------------------------------------
मुजफ्फरपुर, शनिवार, दिनांक 05.09.2026ः जिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर श्री कुमार गौरव की अध्यक्षता में आज समाहरणालय में जिला समन्वय समिति की बैठक का आयोजन हुआ। उन्होंने विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों को आपस में समन्वय स्थापित कर आम जनता की समस्याओं का पूरी संवेदनशीलता के साथ त्वरित गति से समाधान करने का निदेश दिया।
इस बैठक में विभिन्न विभागों यथा ग्रामीण विकास, राजस्व, आपदा प्रबंधन, आपूर्ति, कल्याण, पंचायती राज, आईसीडीएस, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, नगर विकास, अल्पसंख्यक कल्याण, श्रम, जीविका, पथ निर्माण, विद्युत, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, मत्स्य, जल संसाधन, कृषि, सामाजिक सुरक्षा, समाज कल्याण, खेल, योजना एवं विकास, सांख्यिकी, सहकारिता सहित अनेक विभागों के कार्यों की समीक्षा की गई तथा अद्यतन प्रगति का जायजा लिया गया। जिलाधिकारी द्वारा पदाधिकारियों को विकासात्मक एवं लोक-कल्याणकारी योजनाओं का गुणवत्तापूर्ण तथा समयबद्ध तरीके से सफल क्रियान्वयन करने का निदेश दिया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि समन्वय बैठक का मूल उद्देश्य अतंर्विभागीय समन्वय सुनिश्चित करना है ताकि जनहित के कार्यों को तत्परता से क्रियान्वित किया जा सके। जो भी समस्याएं आती है उसका संबंधित विभागों के पदाधिकारी आपस में संवाद एवं समन्वय स्थापित करते हुए तेजी से समाधान करें।
=========================
जिलाधिकारी द्वारा बैठक में ही आईसीडीएस के तहत आंगनबाड़ी केन्द्रों के लिए भवन निर्माण, प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति लिमिटेड (पीवीसीएस) अन्तर्गत तरकारी आउटलेट का निर्माण, स्वास्थ्य उप केन्द्रों का निर्माण इत्यादि के लिए भूमि उपलब्धता के अंतर्विभागीय लंबित मामलों का समाधान किया गया। उन्होंने अपर समाहर्ता को संबंधित विभागों के पदाधिकारियों के साथ सार्थक समन्वय एवं सुदृढ़ संवाद स्थापित कर अंचल अधिकारियों के माध्यम से सभी योजनाओं के लिए तत्परता से भूमि उपलब्ध कराने का निदेश दिया।
==========================
जिलाधिकारी ने कहा कि अधिकारीगण स्व-उतरदायित्व एवं स्व-अनुशासन की भावना से काम कर रहे हैं। यह प्रशंसा का विषय है। उन्होंने कहा कि सभी क्षेत्रीय पदाधिकारीगण यह सुनिश्चित करंे कि आम जनता को अपनी समस्याओं को लेकर कार्यालयों का दौर न लगाना पड़े। छोटे-छोटे कार्यों को लेकर भी लोगों को परेशान न होना पड़े यह क्षेत्रों में पदस्थापित अधिकारीगण सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि इसके लिए हर स्तर पर पदाधिकारियों को रिस्पाँसिव होना पड़ेगा। कार्य-संस्कृति को सुदृढ़ रखना होगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि इस तरह की बैठकों का काफी महत्व है। विकास, राजस्व, कल्याण, ग्रामीण विकास, आईसीडीएस, स्वास्थ्य, अभियंत्रण सहित सभी विभागों के अधिकारियों के बीच भूमि उपलब्धता, सीमांकन, एनओसी इत्यादि के लंबित मामलों का आपसी समन्वय के द्वारा निपटारा किया जाता है।
जिलाधिकारी ने कहा कि पदाधिकारीगण आवश्यकतानुसार अन्तर्विभागीय समन्वय स्थापित कर पूर्ण पारदर्शिता, उत्तरदायित्व एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।
इस बैठक में जिलाधिकारी द्वारा आँगनबाड़ी केन्द्रों का भवन निर्माण, प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति लिमिटेड (पीवीसीएस) अन्तर्गत तरकारी आउटलेट के लिए भूमि की उपलब्धता, राशन कार्ड का सृजन, समरसता संकल्प अभियान, विद्यार्थियों की शिकायतों एवं समस्याओं के प्रभावी समाधान हेतु ’’विद्यार्थी सहयोग शिविर’’ का आयोजन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, जीवन प्रामाणीकरण, पंचायत सरकार भवनों का निर्माण, कन्या विवाह मंडप का निर्माण, लोक शिकायत निवारण तथा लोक सेवा के अधिकार से संबंधित मामलों, वीबी जी राम जी सहित विभिन्न योजनाओं में साप्ताहिक प्रगति की समीक्षा की गई तथा अद्यतन स्थिति का जायजा लिया गया। डीएम ने कहा कि सरकार के विकासात्मक एवं लोक-कल्याणकारी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी पदाधिकारी सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहें। विभिन्न विभागों के जिन-जिन कार्यों तथा योजनाओं के लिए जमीन की उपलब्धता, अनापति प्रमाण-पत्र, सीमांकन, अतिक्रमण हटाने इत्यादि का मामला लंबित है उसके लिए प्रखंड-स्तरीय विभागीय पदाधिकारी एवं संबंधित अंचल अधिकारी समन्वय स्थापित कर कार्यों में तेजी लायें तथा मामले का समाधान करते हुए प्रतिवेदन उपलब्ध कराएं। संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी इसका पर्यवेक्षण करेंगे तथा अपर समाहर्ता इसका अनुश्रवण करेंगे।
==========================
जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में पूर्व से अवस्थित आधारभूत संरचनाओं एवं परिसम्पत्तियों को सुदृढ़ करने तथा नए परिसम्पत्तियों का निर्माण करने हेतु मिशन कायाकल्प प्रारंभ किया जा रहा है। इसके तहत विद्यालयों, आंगनबाड़ी केन्द्रों, सामुदायिक भवनों, स्वास्थ्य उप केन्द्रों का सुदृढ़ीकरण/ उन्नयन एवं नवनिर्माण तथा अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं को शामिल किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि इसके लिए प्रखण्ड स्तर पर प्रखण्ड विकास पदाधिकारी तथा जिला स्तर पर उप विकास आयुक्त नोडल पदाधिकारी होंगे। उन्होंने सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारियों को निदेश दिया कि ग्राम पंचायतवार प्राथमिकता के अनुसार लगभग 10 योजनाओं का अविलम्ब चयन करें। अपर समाहर्ता सुनिश्चित करेंगे कि संबंधित योजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध है।
==========================
===================
जिला प्रोग्राम कार्यालय, आईसीडीएस के कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने डीपीओ, आईसीडीएस को निर्देश दिया कि जिला के सभी 5,617 आँगनबाड़ी केन्द्रों पर आधारभूत संरचनाएं उपलब्ध रहनी चाहिए। शुद्ध पेयजल एवं शौचालय की समुचित व्यवस्था तथा विद्युत की उपलब्धता सुनिश्चित रहनी चाहिए। जिला में कुल 17 बाल विकास परियोजना है। प्रति परियोजना 20 आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण का वार्षिक लक्ष्य निर्धारित है। इस प्रकार आँगनबाड़ी केंद्रों के लिए कुल 340 भवन निर्माण किया जाना है। समीक्षा में पाया गया कि 185 भवनों के निर्माण हेतु पूर्व में ही जमीन उपलब्ध करा दिया गया है। जिलाधिकारी ने शेष आँगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण के लिए भी उपयुक्त जमीन का अनापति प्रमाण-पत्र (एनओसी) शीघ्र उपलब्ध करने का निर्देश अंचल अधिकारियों को दिया। उन्होंने कहा कि यह सरकार की अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना है। संबंधित पदाधिकारियों को इसके लिए तन्मयता से कार्य करना होगा। जिलाधिकारी द्वारा उप विकास आयुक्त को आंगनबाड़ी केन्द्रों के भवन निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने हेतु डीपीओ, आईसीडीएस के माध्यम से वित्तीय वर्षवार प्रतिवेदन तैयार कराने का निदेश दिया गया। अपर समाहर्ता को अंचल अधिकारियों के साथ नियमित समीक्षा करने का निदेश दिया गया। बैठक में वीबी जी राम जी के कन्वर्जेन्स तथा नाबार्ड के वित्त पोषण से आंगनबाड़ी केन्द्रों के भवन निर्माण में प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने उप विकास आयुक्त को डीपीओ मनरेगा, डीपीओ आईसीडीएस, कार्यपालक अभियंता एलएईओ-1 एवं 2 तथा जिला योजना पदाधिकारी के साथ नियमित रूप से समीक्षा कर निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि सुनिश्चित करने का निदेश दिया। साथ ही निर्माणाधीन भवनों को समय-सीमा के अंदर पूर्ण कराने का निदेश दिया गया।
जिलाधिकारी ने डीपीओ आईसीडीएस को आंगनबाड़ी केन्द्रों पर अन्नप्राशन, गोदभराई एवं वीएचएसएनडी का प्रावधानों के अनुसार सफलतापूर्वक आयोजन करने का निदेश दिया। आँगनबाड़ी केन्द्रों का लगातार निरीक्षण करने तथा योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निदेश दिया गया।
जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जीविका द्वारा जिलाधिकारी के संज्ञान में लाया गया कि नाबार्ड के सहयोग से मुजफ्फरपुर जिला में जीविका इम्पोरियम का निर्माण प्रस्तावित है ताकि जीविका स्वयं सहायता समूहों एवं उनके इन्टरप्राईजेज के उत्पादों का वृहद स्तर पर प्रचार-प्रसार एवं मार्केटिंग किया जा सके। इसके लिए मुख्य व्यावसायिक क्षेत्र में 600 से 1000 वर्गफीट के उपयुक्त परिसर की आवश्यकता है। जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार की यह अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना है। इसके लिए दो जिलों मुजफ्फरपुर एवं गया जी का चयन किया गया है। नगर आयुक्त, मुजफ्फरपुर द्वारा जीविका इम्पोरियम के निर्माण हेतु उपयुक्त परिसर चिन्हित करने की कार्रवाई की जा रही है।
जिला सहकारिता पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि पीवीसीएस में 09 प्रखण्डों को तरकारी आउटलेट निर्माण हेतु चयनित किया गया है। 10X15 वर्गफीट भूमि की आवश्यकता है। कटरा एवं सरैया प्रखण्डों में भूमि उपलब्ध है। जिलाधिकारी द्वारा शेष 07 अंचलों के अंचल अधिकारियों को भी शीघ्र भूमि उपलब्ध कराने का निदेश दिया गया। जिला सहकारिता पदाधिकारी द्वारा यह भी बताया गया कि पीवीसीएस में पंचायत स्तरीय सब्जी संग्रहण केन्द्र निर्माण हेतु 6 प्रखण्डों को चयनित किया गया है। 700 वर्गफीट क्षेत्रफल की भूमि की आवश्यकता है। जिलाधिकारी ने इन अंचल अधिकारियों को तत्परता से भूमि उपलब्ध कराने का निदेश दिया। उन्होंने पदाधिकारियों को बिहार राज्य फसल सहायता योजना (रबी) के तहत पात्र कृषकों का सरकार के निदेशों के अनुसार सत्यापन करने का निदेश दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, महिला सशक्तिकरण, आधारभूत संरचना, ग्रामीण विकास, नगर विकास सहित सभी विषयों पर सरकार का विशेष ध्यान है। इसी के अनुरूप पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व के सिद्धान्त पर चलते हुए जिला प्रशासन, मुजफ्फरपुर द्वारा लोक-कल्याणकारी एवं विकासात्मक योजनाओं का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग अन्तर्गत भी मुजफ्फरपुर जिला में काफी अच्छा काम किया जा रहा है। पोखरैरा, राजवाड़ा, बोचहाँ एवं मुरौल में 4 अम्बेदकर आवासीय विद्यालय संचालित है, जिसमें कुल 1116 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। इन्हें आवासन, अध्ययन, भोजन इत्यादि सभी सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध है। सभी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, डिजिटल क्लास, पुस्तकालय एवं खेल-कूद की सुविधा उपलब्ध है। 5 अतिरिक्त आवासीय विद्यालय प्रखण्ड-पारू, मोतीपुर, सकरा, बंदरा तथा कुढ़नी की स्वीकृति राज्य सरकार द्वारा दी गई है, जो निर्माण के विभिन्न चरणों में है। जिला में कुल 6 डाॅ. भीमराव अम्बेदकर कल्याण छात्रावासों में कुल 480 छात्र-छात्राएं नामांकित है, जिन्हें मुख्यमंत्री अनुदान योजना के तहत 2,000 रुपए प्रति माह एवं मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना के तहत 15 किलोग्राम खाद्यान्न, जिसमें 9 किलो चावल एवं 6 किलो गेहूँ शामिल है, प्रति माह उपलब्ध कराया जा रहा है। छात्रावासों में पुस्तकालय एवं डिजीटल क्लास की सुविधा उपलब है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की बालिकाओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सिकन्दरपुर में सावित्री बाई फुले छात्रावास का निर्माण की स्वीकृति सरकार द्वारा दी गई है। बाबा साहेब भीमराव अम्बेदकर बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर के परिसर में बीपीएससी, रेलवे, बैंक, एसएससी आदि प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी हेतु प्राक् परीक्षा प्रशिक्षण केन्द्र संचालित है, जिसमें नामांकित 120 छात्रों को 1500 रुपए एवं अन्य जिलों के छात्रों को 3000 हजार रुपए प्रति माह छात्रवृति का भुगतान किया जा रहा है। पदाधिकारियों को संत शिरोमणि श्री गुरू रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर चल रहे समरसता संकल्प अभियान के तहत विभिन्न अनुसूचित जाति टोलों में श्री संत रविदास *विकास शिविरों का सफलतापूर्वक आयोजन करने तथा प्राप्त आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा के अंदर गुणवत्तापूर्ण निष्पादन* करने का निदेश दिया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि पूर्णतः सजग एवं तत्पर रहकर सभी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।
जिलाधिकारी द्वारा जिला पंचायत राज पदाधिकारी को निदेश दिया गया कि पंचायत सरकार भवनों के निर्माण का नियमित पर्यवेक्षण करें। समय से कार्य पूर्ण करायें। भूमि चिन्हित करने के कार्य में तेजी लाने का निदेश दिया गया।
===================
जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार के आदेश एवं उद्देश्य के अनुरूप मुजफ्फरपुर जिला में भी जनहित की योजनाओं का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया जा रहा है। सभी पंचायतों एवं नगर निकायों में सहयोग शिविर का आयोजन किया जा रहा है एवं प्राप्त आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा के अंदर निष्पादन किया जा रहा है। अभी तक प्राप्त आवेदनों में से 95 प्रतिशत से अधिक आवेदनों को गुणवतापूर्ण रूप से निष्पादित किया गया है। लोग काफी संतुष्ट हैं। शेष आवेदनों को भी निर्धारित समय में निष्पादित किया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने कहा कि अभियान चलाकर नये राशन कार्ड का निर्माण किया जा रहा है। कुल 76,051 आवेदनों की डाटा इन्ट्री पूरी की जा चुकी है। प्रखण्ड आपूर्ति पदाधिकारियों एवं प्रखण्ड विकास पदाधिकारियों को मिशन मोड में ई-केवाईसी तथा राशन कार्ड निर्माण कार्य पूरा करने का निदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि 373 पंचायतों में पंचायत विकास दिवस का आयोजन किया जा रहा है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया जा रहा है। सहायक निदेशक, जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग द्वारा बताया गया कि 29 अगस्त से 03 सितम्बर तक 12,363 सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण किया गया है। सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारियों को इस कार्य में तेजी लाने का निदेश दिया गया है। जिला पंचायत राज पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि विगत करीब चार माह की अवधि में मुजफ्फरपुर जिलान्तर्गत विभिन्न पंचायतों में 17 पंचायत सरकार भवनों को ग्राम पंचायतों को हस्तान्तरित करते हुए क्रियाशील किया गया है। ग्राम पंचायतों के माध्यम से 41 अन्य पंचायत सरकार भवनों का निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया है। विभिन्न पंचायतों में 29 कन्या विवाह मंडप का निर्माण प्रक्रियाधीन है। मुजफ्फरपुर जिला में लगभग 40 सड़क, पुल-पुलिया, फ्लाईओवर इत्यादि का तेजी से निर्माण हो रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि इन सब योजनाओं से लोगों के जीवन स्तर में काफी गुणात्मक बदलाव आ रहा है।
===================
जिलाधिकारी ने महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र को निदेश दिया कि मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति-जनजाति उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री अति पिछड़ा वर्ग उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना एवं मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक उद्यमी योजना का विभाग के निर्देशों के अनुरूप बेहतर ढंग से क्रियान्वयन करें। लक्ष्य के अनुरूप प्रगति लाएँ। लाभुकों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय किस्त का भुगतान नियमानुसार ससमय करें।
======================
लोक शिकायत निवारण एवं आरटीपीएस
======================
जिलाधिकारी द्वारा लोक शिकायत निवारण एवं आरटीपीएस से संबंधित मामलों की समीक्षा की गयी। सभी लोक प्राधिकारों एवं अधिकारियों को आवेदनों का त्वरित निष्पादन करने का निदेश दिया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। लोक शिकायतों की सुनवाई में लोक प्राधिकारों की हर हाल में शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित रहनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि लोक शिकायतों के केवल निष्पादन से काम नहीं चलेगा। जनता की संतुष्टि सर्वोपरि है। सभी पदाधिकारी जनहित के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
==========================
बैठक में अंचलाधिकारियों एवं थानाध्यक्षों की संयुक्त बैठक की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि संयुक्त बैठक का भूमि विवादों के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निदेश दिया कि नियमित तौर पर अंचलाधिकारी एवं थानाध्यक्ष का हरएक सप्ताह संयुक्त बैठक आयोजित हो। साथ ही इसे भू-समाधान पोर्टल पर भी अपलोड किया जाए।
जिलाधिकारी द्वारा आरटीपीएस में प्रगति की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि एक्सपायर्ड मामलों की संख्या हर हाल में शून्य रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आरटीपीएस अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप समय-सीमा के अंदर आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करें। आम जनता को सेवा प्रदान करने में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, 2015 तथा बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम, 2011 का सफल क्रियान्वयन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी पदाधिकारी इसके लिए सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहें। योजनाओं के क्रियान्वयन में शिथिलता, अनियमितता एवं लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निदेश दिया कि सहयोग पोर्टल, सीपीग्राम, जिला जनता दरबार सहित विभिन्न स्रोतों से प्राप्त आवेदनों को त्वरित गति से निष्पादित करें।
जिलाधिकारी ने उप विकास आयुक्त को सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रगति का अनुश्रवण करने का निदेश दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि *पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व* सुनिश्चित करते हुए *जनहित के कार्यों को जिला प्रशासन द्वारा सर्वोच्च प्राथमिकता* के साथ सम्पन्न किया जाता है। *आम जनता को दैनन्दिन कार्यों में समस्या का सामना न करना पड़े, इसके लिए सम्पूर्ण प्रशासनिक सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध* है।