देवरिया में संत रविदास नगर बोर्ड का उद्घाटन भीम आर्मी द्वारा किया गया।
शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक।
कोटड़ी (देवरिया)-भीम आर्मी का संगठन भीलवाड़ा जिले में हर शोषित पीड़ित की बुलंद आवाज बन गई है आज भीलवाड़ा जिले में कही भी sc st obc माइनोरिटी समाज के लिए अगर शासन प्रशासन राजनेतिक पार्टियों द्वारा दबाया जाता हैं। अपने मौलिक अधिकारों को कुचला जाता हैं। तब भीम आर्मी हर क्षेत्र में भीलवाड़ा जिले में तत्पर है आपके मान सम्मान अपके हक अधिकारों के लिए तैयार है।
नई शुरुआत: भव्य बोर्ड लोकार्पण समारोह ॥
भीम आर्मी (जिला भीलवाड़ा) एवं SC/ST महासभा के संयुक्त सानिध्य में देवरिया तहसील कोटड़ी बैरवा का झोपड़ा का नाम लोकार्पण संत रविदास नगर बोर्ड का उद्घाटन सौजन्य भीम आर्मी भीलवाड़ा द्वारा किया गया है जिसको लेकर क्षेत्र में एक बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी की चिनगारी फेल चुकी हैं। इसको देखते हुए सभी बहुजन महापुरुषों के विचारों को लेकर जातिगत आधारित सार्वजनिक जगह पर हमारा अधिकार कायम रखेंगे। आज वोट आ रहे हैं उसी जगह आपको लंगर पूड़ी लापसी खिलाई जाएगी। बाबा साहब ने कहा था कि शिक्षित बनो संगठित रहो संघर्ष करों
ऐसी को लेकर आज भीम आर्मी जिला उपाध्यक्ष दुर्गा लाल आजाद जहाजपुर, कोटड़ी, जहाजपुर, बिजौलिया, बीगोद, मांडलगढ़, खजूरी, पारोली आदि कही भीम आर्मी के जाबाज अनुयाई द्वारा आज बैरवा समाज झोपड़ा का नाम लोकार्पण किया संत रविदास नगर जिसमें sc st महासभा जिला अध्यक्ष दुर्गा लाल आजाद भीम आर्मी जिला उपाध्यक्ष भीलवाड़ा,
एसपी जिला उपाध्यक्ष ओम प्रकाश रैगर, भीम आर्मी ब्लॉक अध्यक्ष ओम प्रकाश खटीक, रोपा ब्लॉक अध्यक्ष दिनेश रैगर, अंबेडकर विचार मंच कोठाज अध्यक्ष गोपाल लाल बैरवा, नारायण फोकर बैरवा
आप सभी को सूचित करते हुए अत्यंत हर्ष हो रहा है कि ग्राम देवरिया (तहसील - कोटड़ी, जिला - भीलवाड़ा) में 'बैरवा समाज के झोपड़ा' का नामकरण 'संत रविदास नगर' किया जा रहा है।
इस अवसर पर 'संत रविदास नगर' के बोर्ड का भव्य लोकार्पण कार्यक्रम आयोजित किया जा गया जिसमें बैरवा समाज बंधुओं ने बाद चढ़कर भाग लिया जिसमें देवरिया अंबेडकर विचार मंच अध्यक्ष लालाराम बैरवा, सावरा बैरवा, शंकर बैरवा, दिनेश बैरवा, मुकेश बैरवा आदि सैकड़ों बैरवा समाज के पंच पटेल मौजूद थे
अगर हम अपना इतिहास ही नहीं जाएंगे तो बोलेगा कौन भीम आर्मी का विचार सिर्फ बहुजन महापुरुषों के विचारों पर आधारित है जब तक अपने हक अधिकारों के लिए तैयार नहीं रहेंगे तब तक गुलाम ही बने रहेंगे।