#बालाघाट
सुपर सीडर से डीएसआर पद्धति अपनाकर किसान डॉ. ए.आर. खान ने पेश की मिसाल
कृषि विभाग द्वारा संचालित खेत बचाओ अभियान के तहत किसानों को धान उत्पादन की आधुनिक एवं जल संरक्षण आधारित तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसी क्रम में लांजी विकासखंड के ग्राम इटोरा के प्रगतिशील किसान डॉ. ए.आर. खान ने धान की खेती में नवाचार अपनाते हुए अपने खेत में सवाना का फूल किस्म के धान की बुवाई सुपर सीडर मशीन के माध्यम से डीएसआर (डायरेक्ट सीडेड राइस) पद्धति से की है।
दिनांक 08 जून 2026 को की गई इस बुवाई ने क्षेत्र के किसानों के बीच उत्सुकता और चर्चा का विषय बना दिया है। पारंपरिक रोपा पद्धति के स्थान पर डीएसआर तकनीक का उपयोग करते हुए डॉ. खान ने कम समय, कम लागत और कम पानी में धान उत्पादन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। डॉ. खान ने बताया कि डीएसआर पद्धति में सीधे खेत में बीज बोए जाते हैं, जिससे नर्सरी तैयार करने, पौध उखाड़ने और रोपाई कराने की आवश्यकता नहीं पड़ती। इससे श्रम लागत में कमी आती है और समय की भी बचत होती है। वहीं सुपर सीडर मशीन के उपयोग से बुवाई समान दूरी और उचित गहराई पर होती है, जिससे पौधों का विकास बेहतर होता है।
उप संचालक कृषि श्री फूलसिंह मालवीय ने बताया कि डीएसआर तकनीक वर्तमान समय में जल संरक्षण और लागत कम करने की दृष्टि से बेहद उपयोगी साबित हो रही है। विशेष रूप से ऐसे क्षेत्रों में जहां श्रमिकों की उपलब्धता कम है या सिंचाई संसाधन सीमित हैं, वहां यह पद्धति किसानों के लिए लाभकारी विकल्प बनकर उभर रही है। निरीक्षण के दौरान कृषि अधिकारियों ने किसानों को डीएसआर पद्धति के लाभ, खरपतवार प्रबंधन, संतुलित उर्वरक उपयोग तथा फसल की वैज्ञानिक देखरेख संबंधी आवश्यक जानकारी भी दी। उन्होंने अन्य किसानों को भी आधुनिक कृषि यंत्रों और उन्नत तकनीकों का उपयोग कर उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
ग्राम इटोरा में डॉ. ए.आर. खान द्वारा सुपर सीडर से की गई यह बुवाई क्षेत्र के किसानों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गई है। कृषि विभाग को उम्मीद है कि इस सफल पहल से अन्य किसान भी डीएसआर तकनीक को अपनाने के लिए आगे आएंगे, जिससे खेती अधिक लाभकारी, टिकाऊ और संसाधन-संरक्षण आधारित बन सकेगी।
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53 views | Balaghat, Madhya Pradesh | Jun 9, 2026