*गोगामेड़ी मेले में हनुमानगढ़ पुलिस का अनोखा नवाचार*
*साइबर हेल्प डेस्क के माध्यम से लाखों श्रद्धालुओं को किया जा रहा साइबर अपराधों के प्रति जागरूक*
पुलिस मुख्यालय राजस्थान के निर्देशन में सितंबर माह को साइबर जागरूकता माह के रूप में मनाए जाने के क्रम में पुलिस महानिरीक्षक बीकानेर रेंज, श्री ओमप्रकाश के निर्देशानुसार एवं जिला पुलिस अधीक्षक हनुमानगढ़, श्री बी. आदित्य के नेतृत्व में हनुमानगढ़ पुलिस द्वारा गोगामेड़ी मेले में विशेष साइबर हेल्प डेस्क स्थापित की गई है।
गोगामेड़ी मेले में देश-प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ-साथ उन्हें साइबर अपराधों से बचाने एवं साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से स्थापित इस हेल्प डेस्क के माध्यम से पुलिसकर्मियों द्वारा श्रद्धालुओं को साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी सरल भाषा में दी जा रही है।
हेल्प डेस्क पर ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी लिंक, सोशल मीडिया फ्रॉड, फर्जी निवेश एवं अन्य साइबर अपराधों के संबंध में जागरूक किया जा रहा है। श्रद्धालुओं को बताया जा रहा है कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, पिन, पासवर्ड अथवा बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करें और संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें।
1930 एवं साइबर क्राइम पोर्टल की दी जा रही जानकारी
साइबर फ्रॉड होने की स्थिति में तुरंत कार्रवाई करना बेहद महत्वपूर्ण है। हेल्प डेस्क पर श्रद्धालुओं को साइबर अपराध की शिकायत के लिए राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 तथा National Cyber Crime Reporting Portal के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जा रही है।
पुलिसकर्मियों द्वारा विशेष रूप से समझाया जा रहा है कि साइबर ठगी होने के बाद शुरुआती समय, जिसे ‘गोल्डन आवर्स’ कहा जाता है, अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इसलिए साइबर फ्रॉड होने पर बिना देरी किए 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराने एवं साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
साइबर अपराध होने पर क्या करें?
हेल्प डेस्क पर श्रद्धालुओं को साइबर अपराध होने की स्थिति में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया भी समझाई जा रही है—
1. तुरंत 1930 पर कॉल करें।
साइबर फ्रॉड की जानकारी मिलते ही बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं।
2. साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
1930 पर शिकायत करने के साथ National Cyber Crime Reporting Portal पर भी साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कर आवश्यक विवरण उपलब्ध करवाएं।
3. लेन-देन से संबंधित जानकारी सुरक्षित रखें।
ठगी की राशि, बैंक/UPI लेन-देन, ट्रांजेक्शन आईडी, मोबाइल नंबर, चैट, स्क्रीनशॉट, संदिग्ध लिंक एवं अन्य उपलब्ध डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखें।
4. बैंक/UPI सेवा प्रदाता को तत्काल सूचना दें।
जिस बैंक खाते, कार्ड, UPI या वॉलेट के माध्यम से राशि का लेन-देन हुआ है, संबंधित बैंक अथवा सेवा प्रदाता को भी तुरंत सूचित करें।
मोबाइल गुम होने पर अपनाएं यह प्रक्रिया
मोबाइल गुम होने की स्थिति में सबसे पहले राजस्थान पुलिस पोर्टल के माध्यम से मोबाइल गुम होने की गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज करवाएं। इसके बाद CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल के माध्यम से गुम हुए मोबाइल के IMEI नंबर को ब्लॉक करवाने की प्रक्रिया की जानकारी दी जा रही है।
हेल्प डेस्क पर श्रद्धालुओं को मोबाइल गुम होने की स्थिति में गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज करवाने से लेकर IMEI ब्लॉक करवाने तक की पूरी प्रक्रिया के बारे में जानकारी एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है।
जागरूकता पोस्टर एवं पम्पलेट से बढ़ाया जा रहा संदेश
साइबर जागरूकता को अधिक से अधिक श्रद्धालुओं तक पहुंचाने के लिए मेले में साइबर अपराधों से बचाव संबंधी पोस्टर विभिन्न स्थानों एवं वाहनों पर लगाए जा रहे हैं। साथ ही मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को जागरूकता पम्पलेट वितरित किए जा रहे हैं, ताकि वे स्वयं जागरूक होने के साथ अपने परिवार, मित्रों एवं परिचितों को भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक कर सकें।
साइबर जागरूकता प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र
साइबर हेल्प डेस्क को एक विशेष साइबर जागरूकता प्रदर्शनी के रूप में तैयार किया गया है। यहां विभिन्न प्रकार के साइबर फ्रॉड, उनके तरीके और उनसे बचाव के उपायों से संबंधित पोस्टर एवं जागरूकता सामग्री प्रदर्शित की गई है।
साथ ही स्क्रीन के माध्यम से साइबर अपराधों से बचाव संबंधी वीडियो भी प्रदर्शित किए जा रहे हैं, जिससे मेले में आने वाले श्रद्धालु आसानी से साइबर अपराधों के नए तरीकों को समझ सकें और उनसे बचाव के उपाय जान सकें।
सेल्फी स्टैंड के माध्यम से भी दिया जा रहा साइबर सुरक्षा का संदेश
साइबर जागरूकता को सकारात्मक एवं रोचक तरीके से लोगों तक पहुंचाने के लिए हेल्प डेस्क पर विशेष सेल्फी स्टैंड भी लगाया गया है। इस सेल्फी स्टैंड पर “मैं हूँ साइबर अपराध के प्रति जागरूक” स्लोगन अंकित किया गया है। श्रद्धालु इस सेल्फी स्टैंड के साथ सेल्फी लेकर साइबर सुरक्षा का संदेश अपने साथ ले जा रहे हैं तथा सोशल मीडिया के माध्यम से भी इस जागरूकता संदेश को अपने परिवार एवं परिचितों तक पहुंचा रहे हैं।
गोगामेड़ी मेले में हनुमानगढ़ पुलिस की इस अनोखी पहल को श्रद्धालुओं एवं आमजन द्वारा सकारात्मक प्रतिक्रिया दी जा रही है। लोगों द्वारा साइबर हेल्प डेस्क, जागरूकता प्रदर्शनी, पम्पलेट वितरण एवं सेल्फी स्टैंड के माध्यम से किए जा रहे साइबर जागरूकता प्रयासों की सराहना की जा रही है।
हनुमानगढ़ पुलिस का संदेश — साइबर अपराध होने पर घबराएं नहीं, तुरंत कार्रवाई करें। 1930 पर कॉल करें, साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें और दूसरों को भी जागरूक करें।
सतर्क रहें। जागरूक रहें। साइबर अपराध से सुरक्षित रहें।