हनुमानगढ़ के कालीबंगा व पीलीबंगा क्षेत्र में सरस्वती नदी पर चल रहे शोध कार्य का अवलोकन
हनुमानगढ़, 17 अगस्त 2026
सरस्वती-सिंधु सभ्यता के सबसे महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थल कालीबंगा का आज दौरा कर वहां सरस्वती नदी के प्राचीन प्रवाह क्षेत्र पर चल रहे शोध कार्यों का अवलोकन किया।
कालीबंगा विश्व का पहला ऐसा पुरातात्विक स्थल है, जहाँ से जुते हुए खेत के अवशेष मिले हैं। यह विश्व में इस प्रकार का प्राचीनतम उदाहरण है। यहाँ से प्राप्त साक्ष्य इस बात की पुष्टि करते हैं कि प्रारंभिक हड़प्पा काल के लोग खेती में आत्मनिर्भर थे और उनकी कृषि प्रणाली काफी उन्नत थी।
खुदाई में यहाँ हड़प्पा काल की विकसित आवासीय प्रणाली के स्पष्ट प्रमाण मिले हैं। कालीबंगा और पीलीबंगा की खुदाई से सरस्वती नदी के किनारे बसे इस नगर के कई महत्वपूर्ण अवशेष प्राप्त हुए हैं, जिनमें -
पक्की मिट्टी से निर्मित पशु-पक्षियों की आकृतियां, खिलौना गाड़ियां, डमरू
शिवलिंग, मृत भांडों के टुकड़े
मिट्टी से निर्मित हल और बैलों की आकृतियां, बैलगाड़ी के प्रमाण
इन प्रमाणों से पता चलता है कि यहाँ के लोग गेहूं, जौ, चना, मटर और चावल जैसी फसलों की खेती करते थे। मिट्टी के हल और बैलों की आकृतियों का मिलना इस बात का प्रमाण है कि यहाँ की खेती उस समय के हिसाब से बहुत एडवांस थी।
कालीबंगा स्थल सरस्वती सभ्यता की आर्थिक समृद्धि और सुनियोजित नगर व्यवस्था का जीवंत उदाहरण है। सरस्वती नदी के किनारे बसे इस क्षेत्र पर और गहन शोध की आवश्यकता है ताकि हमारी प्राचीन विरासत को दुनिया के सामने और बेहतर तरीके से रखा जा सके।