मुस्करा में जल जीवन मिशन की पेयजल व्यवस्था में लापरवाही पर प्रशासन सख्त, कंधौली में दो टुल्लू पंप जब्त*
मुस्करा/हमीरपुर। जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक घर तक शुद्ध एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित योजनाओं की प्रभावी निगरानी के क्रम में अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे श्री विजय सिंह द्वारा विकास खंड मुस्करा की ग्राम पंचायत कंधौली का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पेयजल आपूर्ति व्यवस्था में अनियमितता, जल का अपव्यय तथा पाइपलाइन एवं अन्य सरकारी परिसंपत्तियों को क्षति पहुंचाए जाने के मामले सामने आए, जिस पर अपर जिलाधिकारी द्वारा कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान ग्राम में अवैध रूप से टुल्लू पंप लगाकर जलापूर्ति लाइन से पानी खींचते पाए जाने पर दो टुल्लू पंप मौके पर ही जब्त किए गए। जब्त किए गए उपकरणों को आवश्यक कागजी लिखा-पढ़ी के उपरांत ग्राम प्रधान श्री हरिमिलन एवं ग्राम पंचायत की सुपुर्दगी में दिया गया। इन उपकरणों की सुरक्षा एवं उनके पुनः अवैध उपयोग की रोकथाम के लिए कंट्रोल रूम के माध्यम से समय-समय पर वीडियो कॉल द्वारा निगरानी किए जाने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण में यह भी पाया गया कि ग्राम में बड़ी संख्या में नलों की टोटियाँ क्षतिग्रस्त हैं, जिसके कारण पेयजल का अनावश्यक रूप से अपव्यय हो रहा है। लगभग 95 प्रतिशत से अधिक नलों की टोटियाँ टूटी पाए जाने पर अपर जिलाधिकारी ने संबंधित कार्यदायी संस्था एवं अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई कर व्यवस्था दुरुस्त कराने के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त कुछ स्थानों पर ग्रामीणों द्वारा गड्ढे खोदकर जल जीवन मिशन की पाइपलाइन एवं अन्य उपकरणों को क्षति पहुंचाए जाने का मामला भी सामने आया। अपर जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पेयजल योजना से संबंधित पाइपलाइन, उपकरण एवं अन्य सरकारी परिसंपत्तियां सार्वजनिक संपत्ति हैं। इनके साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ अथवा क्षति पहुंचाना गंभीर विषय है।
अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे ने ग्रामीणों से अपील की कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत उपलब्ध कराई जा रही पेयजल सुविधा का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करें तथा पानी के अपव्यय और योजना की परिसंपत्तियों को नुकसान पहुंचाने से बचें। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जलापूर्ति में अवैध कट लगाने, टुल्लू पंप के माध्यम से पानी खींचने अथवा सरकारी पेयजल परिसंपत्तियों को क्षति पहुंचाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आवश्यक होने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
निरीक्षण के दौरान एक्सईएन, कार्यदायी संस्था/कंपनी के प्रतिनिधि, जल निगम के जेई सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों को जल जीवन मिशन की पेयजल योजनाओं की नियमित निगरानी करते हुए ग्रामीणों को निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।