समान नागरिक संहिता के अध्ययन एवं परीक्षण के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति की बैठक शनिवार को जिला पंचायत सभाकक्ष नीमच में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति के सदस्य डॉ. गोपाल शर्मा ने की। इस मौके पर एडीएम श्री बी.एस.कलेश, श्री पराग जैन, डिप्टी कलेक्टर श्री चंद्रसिह धार्वे व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
◾जनप्रतिनिधियों एवं प्रबुद्ध नागरिकों से लिया फीडबैक: बैठक में जनप्रतिनिधिगणों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, शांति समिति के सदस्यगणों, पत्रकारगणों एवं प्रबुद्ध नागरिकों ने सहभागिता की। इस दौरान UCC के संबंध में विभिन्न सामाजिक, विधिक एवं प्रशासनिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थितजनों ने समान नागरिक संहिता के संभावित स्वरूप, विभिन्न राज्यों के अनुभव, सामाजिक समरसता तथा नागरिक अधिकारों से जुड़े विषयों पर अपने महत्वपूर्ण विचार एवं सुझाव प्रस्तुत किए।
◾'यूसी लागू करने से पहले नागरिकों के सुझाव जरूरी': डॉ. गोपाल शर्मा- समिति सदस्य डॉ. गोपाल शर्मा ने पारिवारिक कानूनों, महिलाओं के अधिकार, सामाजिक न्याय एवं संवैधानिक प्रावधानों के संबंध में सुझावों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि "कुछ प्रदेशों में पूर्व में यूसीसी लागू हो गया है। प्रदेश सरकार चाहती है कि यूसीसी लागू करने से पूर्व नागरिकों के सुझाव लिये जायें।
डॉ. शर्मा ने बताया कि देश में विभिन्न धर्म समुदायों के लिए भिन्न प्रकार के पारिवारिक कानून हैं। आजादी के बाद इनमें कुछ कानूनों को सुधारने की कोशिश की गई, लेकिन अभी भी बहुत से विषय ऐसे हैं जिनमें सुधार नहीं किया गया है, जो परंपरागत रीति रिवाजों से चलते हैं। विवाह, विवाह विच्छेद, भरण पोषण, उत्तराधिकार, लिव-इन जैसे विषय समान नागरिक संहिता की परिधि में आते हैं।
◾ucc.mp.gov.in पोर्टल पर भेजें सुझाव: डॉ.शर्मा ने आगामी चरणों में नागरिकों से संवाद एवं सुझाव प्राप्त करने के लिए ucc.mp.gov.in पोर्टल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संविधान में समानता के लिए यूसीसी लाने का प्रस्ताव है, इसीलिए यह विचार विमर्श हो रहा है। नागरिक इस पोर्टल पर समान नागरिक संहिता के संबंध में अपने सुझाव भेज सकते हैं।
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Mera Neemuch
General Administration Department, MP
Jansampark Madhya Pradesh