जेएमआईटी कॉलेज रादौर में नशा विरोधी जागरूकता सेमिनार आयोजित
एसडीएम रादौर नरेन्द्र कुमार ने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने और समाज को जागरूक करने का किया आह्वान।
यमुनानगर, 6 अक्टूबर-युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने तथा नशामुक्त समाज के निर्माण के उद्देश्य से आज जेएमआईटी कॉलेज, रादौर में एसडीएम रादौर नरेन्द्र कुमार की अध्यक्षता में नशा विरोधी जागरूकता सेमिनार एवं विद्यार्थियों के साथ संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग एवं समाज कल्याण विभाग के काउंसलरों ने विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए नशे के कारणों, दुष्प्रभावों तथा इससे जुड़े सामाजिक, चिकित्सकीय, आर्थिक और कानूनी पहलुओं पर जानकारी दी।
सेमिनार के दौरान काउंसलरों ने बताया कि नशे की लत व्यक्ति के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित करती है। इसके कारण व्यक्ति की कार्यक्षमता में कमी आती है और उसका पारिवारिक जीवन भी प्रभावित होता है। नशे की वजह से परिवार आर्थिक संकट का सामना कर सकते हैं तथा समाज में विभिन्न प्रकार की समस्याएं उत्पन्न होती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने, सकारात्मक जीवनशैली अपनाने और अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया।
एसडीएम रादौर ने कॉलेज प्रबंधन को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कॉलेज में ‘नशे के प्रहरी क्लब’ का गठन किया जाए। इस क्लब में प्रत्येक कक्षा से विद्यार्थियों को शामिल किया जाए, ताकि वे अपने सहपाठियों और अन्य युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।
उन्होंने कहा कि नशे जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करने के लिए प्रशासन, शिक्षण संस्थान, अभिभावक और युवा मिलकर प्रयास करे। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।