चांदबर्डा में आधी रात का खूनी खेल! चांदी के आमलों के लिए बुजुर्ग दंपती का कत्ल, प्रेम संबंध ने रची पूरी साजिश
सोते हुए पति-पत्नी पर भारी पत्थरों से हमला… पति की मौके पर मौत, पत्नी ने इलाज के दौरान तोड़ा दम; तीन आरोपी गिरफ्तार, चौथे ने फांसी लगाकर की आत्महत्या
गरोठ। चांदबर्डा में खेत की झोपड़ी में सो रहे बुजुर्ग दंपती को शायद अंदाजा भी नहीं था कि रात उनके लिए मौत लेकर आने वाली है। 24-25 अगस्त की दरमियानी रात बदमाश झोपड़ी में घुसे और सो रहे देवीलाल बंजारा तथा उनकी पत्नी भुलीबाई पर भारी पत्थरों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में देवीलाल की मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल भुलीबाई ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बदमाश जाते-जाते भुलीबाई के पैरों से चांदी के आमले भी लूट ले गए।
इस सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड की जांच में पुलिस ने जो कहानी उजागर की, उसने पूरे इलाके को हिला दिया। पुलिस के अनुसार वारदात के पीछे पैसों का लालच और प्रेम संबंध से जुड़ी साजिश सामने आई है। गरोठ पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि वारदात में शामिल बताए जा रहे चौथे आरोपी राजेश कीर ने कथित तौर पर सुसाइड नोट लिखने के बाद मनासा स्थित अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
घर की जानकारी बनी हत्या की वजह!
पुलिस जांच के मुताबिक संतोषबाई उर्फ संता करीब दो साल से अपने पति से अलग रहकर चांदबर्डा में अपने माता-पिता के पास रह रही थी। पुलिस के अनुसार उसके कान्हा उर्फ करण से प्रेम संबंध थे। करण के दोस्त पवन और राजेश के साथ मिलकर कथित तौर पर चांदी के जेवरात और पैसों के लिए लूट की योजना बनाई गई।
पुलिस का दावा है कि संतोषबाई ने आरोपियों को बताया कि उसके माता-पिता गांव से दूर खेत की झोपड़ी में अकेले सोते हैं और उसकी मां भुलीबाई भारी चांदी के आमले पहनती हैं। इसी जानकारी के आधार पर आरोपियों ने बुजुर्ग दंपती को निशाना बनाया।
पत्थरों से कुचल दिया, फिर लूटकर भागे
आरोपियों ने रात के अंधेरे में झोपड़ी में सो रहे दंपती पर भारी पत्थरों से हमला किया। देवीलाल की मौके पर ही मौत हो गई। भुलीबाई गंभीर रूप से घायल होकर जिंदगी और मौत से जूझती रहीं। इसके बाद आरोपी उनके पैरों से चांदी के आमले निकालकर फरार हो गए।
25 अगस्त को घटना की जानकारी मिलते ही गरोठ पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। शुरुआत में मामला सिर्फ हत्या का लग रहा था, लेकिन मृतक के बेटे नारायण द्वारा मां के पैरों से चांदी के आमले गायब होने की जानकारी देने के बाद पुलिस को लूट की कड़ी मिली।
साइबर सेल से लेकर डॉग स्क्वायड तक जुटा, फिर खुला राज
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मंदसौर विनोद कुमार मीणा के निर्देशन में साइबर सेल, डॉग स्क्वायड और एफएसएल टीम को जांच में लगाया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गरोठ राम सनेही मिश्रा और एसडीओपी विजय कुमार यादव के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी बलवीर सिंह यादव के नेतृत्व में विशेष टीमें बनाई गईं।
पुलिस ने गरोठ, शामगढ़, भानपुरा के साथ झालावाड़, भवानीमंडी, नीमच और मनासा में संदिग्धों की तलाश की। जांच में मिले साक्ष्यों और साइबर सेल से प्राप्त जानकारी के आधार पर पुलिस ने कान्हा उर्फ करण, पवन और संतोषबाई उर्फ संता को गिरफ्तार कर लिया।
लूट का माल और खून से सने कपड़े बरामद
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर करीब 50 हजार रुपये कीमत के चांदी के आमले, वारदात में प्रयुक्त करीब 50 हजार रुपये कीमत की बिना नंबर की हीरो एक्सट्रीम मोटरसाइकिल और करीब 45 हजार रुपये कीमत के तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
पुलिस ने वारदात के समय आरोपियों द्वारा पहने गए खून से सने कपड़े और हत्या में इस्तेमाल किया गया बड़ा पत्थर भी जब्त किया है।
एक आरोपी की आत्महत्या से रहस्य और गहरा
पुलिस के अनुसार वारदात में शामिल राजेश कीर ने बुजुर्ग दंपती की हत्या और लूट के संबंध में सुसाइड नोट लिखने के बाद मनासा स्थित अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। एक तरफ पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं चौथे आरोपी की मौत ने इस सनसनीखेज मामले को और गंभीर बना दिया है।
गरोठ पुलिस मामले की आगे की विवेचना में जुटी है। पुलिस कार्रवाई के बाद अब यह स्पष्ट हो गया है कि चांदबर्डा की यह घटना महज हत्या नहीं, बल्कि लूट के लालच में रची गई एक कथित सुनियोजित साजिश थी।