*बस्ती में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर नम आंखों से दी श्रद्धांजलि, कैंडल मार्च में गूंजा 'भारत माता की जय'*
*जनपद बस्ती, उत्तर प्रदेश 14 अगस्त 2026 *
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर शुक्रवार को विकास भवन सभागार में गरिमापूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता *गौ सेवा आयोग उ0प्र0 के उपाध्यक्ष महेश शुक्ला* ने की। इस दौरान उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं संभ्रांत नागरिकों ने भारत विभाजन के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले लोगों तथा विस्थापन और अमानवीय परिस्थितियों का सामना करने वाले परिवारों को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया।
कार्यक्रम के दौरान भारत विभाजन की विभीषिका, उससे उत्पन्न परिस्थितियों, व्यापक स्तर पर हुए विस्थापन तथा उस दौर में लोगों द्वारा झेली गई पीड़ा एवं संघर्ष पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन किया गया। डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से विभाजन के समय की घटनाओं एवं उसके सामाजिक प्रभावों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। उपस्थित अधिकारियों एवं नागरिकों ने डॉक्यूमेंट्री को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ देखा।
इस अवसर पर *श्री महेश शुक्ला* ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस हमें देश के इतिहास के उस अत्यंत पीड़ादायक अध्याय को स्मरण करने का अवसर प्रदान करता है, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों को अपना घर, परिवार, संपत्ति और मातृभूमि छोड़कर विस्थापन का दंश झेलना पड़ा। अनेक परिवारों ने कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए अपने जीवन को पुनः व्यवस्थित किया। यह दिवस उन सभी लोगों के संघर्ष, त्याग, धैर्य एवं बलिदान को नमन करने का अवसर है।
उन्होंने कहा कि इतिहास को याद करने का उद्देश्य केवल अतीत की पीड़ा को स्मरण करना नहीं, बल्कि उससे सीख लेकर वर्तमान और भविष्य को बेहतर बनाना भी है। हमें समाज में आपसी भाईचारे, प्रेम, सद्भाव, सहिष्णुता एवं एकता की भावना को निरंतर मजबूत करना चाहिए। देश की एकता और अखंडता प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में *संभ्रांत नागरिक सरदार प्रभुप्रीत सिंह* ने विभाजन की पीड़ा को साझा करते हुए कहा कि _लगभग डेढ़ करोड़ पंजाबी-सिंधी परिवारों को पाकिस्तान छोड़कर भारत आना पड़ा। जिनके साथ भाईचारा निभाया था, वे रातों-रात बेगाने हो गए। जिस मिट्टी को हम मातृभूमि समझते थे, उसे कुछ ही घंटों में छोड़ना पड़ा। वह समय अत्यंत पीड़ादायक था। लोगों को अपनी जान बचाकर भागना पड़ा। पाकिस्तान छोड़ने वाले लगभग 20 लाख लोगों को मार दिया गया। आज भी वह दिन याद कर हृदय द्रवित हो जाता है। न जाने हमने अपने कितनों को खो दिया। हिंदू समाज और हिंदुस्तान ने जितना प्यार दिया, उसे शब्दों में कहा नहीं जा सकता।_
*सरदार जगबीर सिंह* ने कहा कि _लोगों को मारकर भगाया जा रहा था, बहुत ही बड़ा मंजर था। उस समय कुछ महिलाओं ने इज्जत बचाने के लिए खुद को बलिदान कर दिया ताकि उनकी इज्जत न लुटे। पाकिस्तान ने बंटवारे के नाम पर धोखा दिया। आज भी सिख समाज अपने पैरों पर खड़ा है। सिख समाज ने कभी भीख नहीं मांगी। हमारे बीच आज भी बंटवारे को झेलने वाले लोग मौजूद हैं।_
*सरदार कुलदीप सिंह* ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि _जिसके साथ वह बीता था, वही उसका दर्द बता सकता है। उस समय यातायात के साधन भी बहुत सीमित थे। समझ नहीं आ रहा था कि कहां भागें, किस तरफ भागें। जब कभी बाप-दादा रात में बैठकर विभाजन की चर्चा करते थे तो आंखों से आंसू आ जाते थे। हिंदू धर्म की रक्षा सिख गुरुओं ने अपना शीश देकर की है। हमारे पूर्वजों ने जो दुख सहे हैं, वह कहा नहीं जा सकता। एक-एक रोटी खाकर लोगों ने जीवन गुजारा, लेकिन अपनी मेहनत और ईमानदारी के बल पर आज सिख समाज अपने पैरों पर खड़ा है।_ उन्होंने केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सिख समाज को दिए गए सम्मान के लिए धन्यवाद भी ज्ञापित किया।
इस अवसर पर ज्ञानी प्रदीप सिंह, नरेश सडाना, श्रीमती सविता, राजेन्द्र सिंह, तेजपाल सिंह सहित अन्य लोगों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी लोगों ने 2 मिनट का मौन रखकर विभाजन के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद शहर में *कैंडल मार्च* निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिकों ने हाथों में मोमबत्ती लेकर राष्ट्र की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता का संकल्प लिया। मार्च के दौरान 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम्' के नारे गूंजे। इस अवसर पर सभी से अपील की गई कि वे अपने-अपने घरों के ऊपर राष्ट्रीय ध्वज को सम्मानपूर्वक फहराएं तथा राष्ट्र के प्रति अपनी निष्ठा, सम्मान एवं गौरव की भावना को प्रदर्शित करें।
कार्यक्रम में *मुख्य विकास अधिकारी सार्थक अग्रवाल, जिला विकास अधिकारी सुशील कुमार श्रीवास्तव, पीडी आनन्द कुमार गुप्ता, जिला पंचायतराज अधिकारी घनश्याम, जिला समाज कल्याण अधिकारी लालजी यादव, जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश कुमार, जिला पर्यटन अधिकारी विकास नारायण* सहित संबंधित अधिकारी, संभ्रांत नागरिक एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन *शिक्षिका मानवी सिंह* ने किया।
संवाददाता हरी ओम प्रकाश
राष्ट्रीय हिंदी दैनिक कौटिल्य का भारत
Basti, Basti | Aug 14, 2026