मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बैगा जनजाति बहुल क्षेत्रों में हाल ही में बच्चों की बीमारी से हुई मौतों ने शासन और प्रशासन का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इन दुखद घटनाओं के पीछे कई कारण सामने आए
परिवार गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अस्पताल जाने के बजाय पारंपरिक झाड़-फूंक और अंधविश्वास का सहारा लेते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की तत्परता और संवेदनशील पहल
इन तमाम जटिल चुनौतियों के बीच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए सीधे ‘ग्राउंड जीरो’ पर पहुंचकर मोर्चा संभाला और त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की:
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाघाट के सुदूर बैगा बहुल गांवों (जैसे बोंदारी और कोरका) का दौरा किया और जमीन पर बैठकर पीड़ित परिवारों की समस्याएं सुनीं। इतिहास में यह पहला अवसर था जब किसी मुख्यमंत्री ने इस संवेदनशील वनांचल में पहुंचकर आदिवासियों का हाल जाना।
आर्थिक सहायता की घोषणा: बीमारी के कारण अपने बच्चों को खोने वाले शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रत्येक पीड़ित परिवार को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता तुरंत प्रदान करने की घोषणा की।
Huzur, Bhopal | Sep 11, 2026