11 हजार पृष्ठों का ‘इच्छापूर्ति दर्शन’ अब 51 लाख रुपये की चुनौती के साथ सत्य-असत्य के दोराहे पर !
हिम्मत है तो शास्त्रार्थ करें और 51 लाख रुपए की नगद राशि जीत कर अपने घर ले जाएं। क्या है इच्छापूर्ति ग्रन्थ-- इच्छा पूर्ति ग्रन्थ *ग्यारह हजार पृष्ठों में वर्षों की साधना, शोध और मेहनत से तैयार किया गया ‘इच्छापूर्ति दर्शन’ अब 51 लाख रुपये की चुनौतीपूर्ण इनामी राशि के साथ सत्य और असत्य के दोराहे पर खड़ा है।
स्वामी राजेन्द्र देव के अनुसार, इस ग्रंथ को लेकर शास्त्रार्थ की खुली चुनौती दी गई है। उनका कहना है कि यदि कोई विद्वान शास्त्रार्थ के माध्यम से उनके ग्रंथ में वर्णित सिद्धांतों को असत्य साबित कर देता है, तो वे वर्षों की साधना और परिश्रम से तैयार किए गए इस 11 हजार पृष्ठों के ग्रंथ को वहीं सार्वजनिक रूप से आग के हवाले कर देंगे।
51 लाख रुपये की इनामी चुनौती ने इस पूरे विषय को और भी गंभीर तथा चर्चा का विषय बना दिया है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि शास्त्रार्थ में कौन अपने तर्कों और प्रमाणों से इस ग्रंथ की अवधारणाओं को सही या गलत सिद्ध कर पाता है।
Palwal, Palwal | Aug 28, 2026