कागजों के बाद अब धरातल से पाइप गायब, नीरज शर्मा ने उठाए नगर निगम और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल...
एनआईटी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक नीरज शर्मा ने पेयजल आपूर्ति के लिए रखे गए पाइप चोरी होने के मामले को लेकर नगर निगम और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम में पहले कागजों में अनियमितताएं सामने आती थीं, लेकिन अब जनता की सुविधा के लिए लाया गया सामान भी धरातल से गायब होने लगा है।
नीरज शर्मा के अनुसार, एनआईटी क्षेत्र में पेयजल संकट दूर करने और गर्मियों में बेहतर जलापूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कई महीने पहले भारी-भरकम पाइप लाकर रखे गए थे। आरोप है कि इन पाइपों को रात के समय कंटेनर में लादकर ले जाया गया। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद होने का दावा किया गया है।
उन्होंने बताया कि ठेकेदार हुकम सिंह की शिकायत पर मामले में एफआईआर संख्या 389 दर्ज की गई है और सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को सौंप दी गई है। इसके बावजूद अभी तक आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने पुलिस और नगर निगम प्रशासन की उदासीनता पर नाराजगी जताई।
पूर्व विधायक ने भाजपा की अंदरूनी गुटबाजी को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जनता ने जिन प्रतिनिधियों को विकास और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए चुना था, वे इस गंभीर मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं। उनका आरोप है कि सत्ताधारी दल की आपसी खींचतान का नुकसान आम जनता को उठाना पड़ रहा है और लोग पेयजल संकट से जूझ रहे हैं।
नीरज शर्मा ने सरकार एवं उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और एनआईटी क्षेत्र में जल्द से जल्द पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने पुलिस आयुक्त से मामले की जांच अपराध शाखा को सौंपने की मांग करते हुए नगर निगम आयुक्त को भी घटना से अवगत कराया है। फिलहाल इस मामले में नगर निगम, पुलिस प्रशासन अथवा भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।