Public App Logo
Jansamasya
News
पुलिस
Bjp
National
Police
Bihar
India
कांग्रेस
भाजपा
Accident
Congress
Modi
Delhi
Viral
मारपीट
Breakingnews
Narendramodi
Nitishkumar
Madhya_pradesh
Nsui
Madhyapradesh
Pmmodi
Rahulgandhi
Uttarpradesh
Haryana
Hardoi
Cricket
Lucknow
Uttarakhand

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की जिला-स्तरीय समीक्षात्मक बैठक हुई। Information & Public Relations Department, Government of Bihar Bihar Health Department State Health Society, Bihar

Muzaffarpur, Bihar | Aug 6, 2026

MORE NEWS

56 साल का भरोसा, पटेल स्वीट्स का 7वां ठिकाना शुरू! जेल चौक पर भव्य शुभारंभ

#TirhutNow #PatelSweets #Muzaffarpur #NewOpening #JailChowk

56 साल का भरोसा, पटेल स्वीट्स का 7वां ठिकाना शुरू! जेल चौक पर भव्य शुभारंभ #TirhutNow #PatelSweets #Muzaffarpur #NewOpening #JailChowk

Musahri, Muzaffarpur | Aug 6, 2026

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की जिला-स्तरीय समीक्षात्मक बैठक हुई
-------------------------------------------

जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को अस्पतालों में चिकित्सकों एवं कर्मियों की ससमय उपस्थिति सुनिश्चित करने का दिया निदेश*
------------------------------------

आम जनता को उत्कृष्ट एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा-सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताः सभी पदाधिकारी इसके लिए सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहेंः डीएम

Information & Public Relations Department, Government of Bihar

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की जिला-स्तरीय समीक्षात्मक बैठक हुई ------------------------------------------- जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को अस्पतालों में चिकित्सकों एवं कर्मियों की ससमय उपस्थिति सुनिश्चित करने का दिया निदेश* ------------------------------------ आम जनता को उत्कृष्ट एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा-सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताः सभी पदाधिकारी इसके लिए सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहेंः डीएम Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Muzaffarpur, Bihar | Aug 6, 2026

महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार के अंतर्गत संचालित कामकाजी महिला छात्रावास सह सखी निवास, मुजफ्फरपुर का आज समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार की माननीय मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता द्वारा औचक निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान माननीय मंत्री ने छात्रावास के आवासीय कक्षों, रसोईघर, स्वच्छता व्यवस्था, पेयजल, विद्युत, सुरक्षा व्यवस्था एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने छात्रावास में रह रही कामकाजी महिलाओं एवं छात्राओं से आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याओं, सुझावों एवं अनुभवों की जानकारी प्राप्त की तथा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की गुणवत्ता के संबंध में फीडबैक लिया।

माननीय मंत्री ने कहा कि बिहार सरकार महिलाओं के सुरक्षित, सम्मानजनक एवं आत्मनिर्भर जीवन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। कामकाजी महिला छात्रावास जैसी योजनाएं कार्यरत महिलाओं एवं छात्राओं को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें बेहतर वातावरण प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

माननीय मंत्री ने छात्रावास की कई व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए आवश्यक सुधार के बिंदुओं पर शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है|

महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार के अंतर्गत संचालित कामकाजी महिला छात्रावास सह सखी निवास, मुजफ्फरपुर का आज समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार की माननीय मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान माननीय मंत्री ने छात्रावास के आवासीय कक्षों, रसोईघर, स्वच्छता व्यवस्था, पेयजल, विद्युत, सुरक्षा व्यवस्था एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने छात्रावास में रह रही कामकाजी महिलाओं एवं छात्राओं से आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याओं, सुझावों एवं अनुभवों की जानकारी प्राप्त की तथा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की गुणवत्ता के संबंध में फीडबैक लिया। माननीय मंत्री ने कहा कि बिहार सरकार महिलाओं के सुरक्षित, सम्मानजनक एवं आत्मनिर्भर जीवन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। कामकाजी महिला छात्रावास जैसी योजनाएं कार्यरत महिलाओं एवं छात्राओं को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें बेहतर वातावरण प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। माननीय मंत्री ने छात्रावास की कई व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए आवश्यक सुधार के बिंदुओं पर शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है|

Muzaffarpur, Bihar | Aug 6, 2026

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की जिला-स्तरीय समीक्षात्मक बैठक हुई*
-------------------------------------------

*जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को अस्पतालों में चिकित्सकों एवं कर्मियों की ससमय उपस्थिति सुनिश्चित करने का दिया निदेश*
------------------------------------

*आम जनता को उत्कृष्ट एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा-सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताः सभी पदाधिकारी इसके लिए सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहेंः डीएम*
=================

मुजफ्फरपुर, गुरूवार, दिनांक 06.08.2026ः अध्यक्ष, जिला स्वास्थ्य समिति-सह- जिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर श्री कुमार गौरव ने कहा है कि जिलेवासियों को सुदृढ़, विश्वसनीय एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जरूरतमंदों के इलाज के प्रति सभी को संवेदनशीलता प्रदर्शित करनी पड़ेगी। वे आज समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति की मासिक समीक्षात्मक बैठक में चिकित्सा अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी पदाधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप तत्परता से कार्य सम्पन्न करना होगा। 

जिलाधिकारी ने कहा कि जब कोई जरूरतमंद व्यक्ति इलाज हेतु अस्पताल जाए तो यह सुनिश्चित करें कि उन्हें समुचित सुविधा मिले। समय पर उनका उपचार हो। अस्पतालों में चिकित्सक ऑन ड्यूटी रहें। रोगियों को प्रावधानों के अनुसार निःशुल्क दवा एवं जाँच प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ गरीबों तक ससमय पहुँचे यह सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने कई प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों द्वारा नागरिकों के लिए उत्तम स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास की सराहना की तथा कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित सभी मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले चिकित्सा पदाधिकारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को भविष्य में सम्मानित भी किया जाएगा।

इस बैठक में जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य क्षेत्र की गतिविधियों की समीक्षा की तथा अद्यतन प्रगति का जायजा लिया। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों-सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, स्वास्थ्य उप केन्द्रों, रेफरल अस्पताल तथा जिला अस्पताल में ओपीडी एवं आईपीडी संचालन, परिवार नियोजन, संस्थागत प्रसव, प्रसवपूर्व देखभाल (एंटी नेटल केयर, एएनसी), नियमित टीकाकरण, प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य, मातृ स्वास्थ्य आच्छादन, ई-संजीवनी के माध्यम से  टेली कंसल्टेशन सेवा, वेक्टर बॉर्न रोगों का नियंत्रण, आशा का मानदेय भुगतान सहित विभिन्न बिन्दुओं पर जिला पदाधिकारी ने लक्ष्य के विरूद्ध उपलब्धि तथा प्रगति प्रतिवेदन की तुलनात्मक विवरणी की विस्तृत समीक्षा की तथा आवश्यक निदेश दिया। 

जिलाधिकारी द्वारा सिविल सर्जन, मुजफ्फरपुर को निदेश दिया गया कि चैथे एएनसी के विरूद्ध संस्थागत प्रसव की स्थिति में सुधार लाएं। जिन-जिन प्रखण्डों में इसकी स्थिति खराब है, वहां के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों के कार्यों की विशेष समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि लोगों का विश्वास स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं की गुणवता सुनिश्चित करने से बढ़ेगा। इसके लिए सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं जिला स्तर के पदाधिकारी व्यक्तिगत अभिरूचि लेकर कार्य करें। संस्थागत प्रसव में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बरतनेवालों के विरूद्ध कार्रवाई करने का निदेश दिया गया। संस्थागत प्रसव में लापरवाही बरतने वाले आशा कार्यकर्ताओं को चेतावनी दी जाए। चेतावनी के बाद भी अगर उनके कार्य में सुधार नहीं आएगा तो उन्हें पदमुक्त करने की कार्रवाई की जाए। जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को निदेश दिया कि जननी बाल सुरक्षा योजना के भुगतान में अधिक लंबित रखने वाले प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण करें। 

जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को छः मुख्य मानकों (इन्डिकेटर्स)- ओपीडी, आईपीडी, एएनसी रजिस्ट्रेशन, प्रथम तिमाही में एएनसी, 4 एएनसी एवं संस्थागत प्रसव- पर प्रखंडों के प्रदर्शन का अनुश्रवण करने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि अगले माह से समीक्षा बैठक में विगत माह के प्रदर्शन की तुलनात्मक समीक्षा की जाएगी। यदि प्रदर्शन खराब रहा तो संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। 
 
जिलाधिकारी ने निदेश दिया कि सभी स्वास्थ्य केन्द्रों, स्वास्थ्य उप केन्द्रों, अतिरिक्त स्वास्थ्य केन्द्रों में नियमित रूप से चिकित्सकों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। पदस्थापित/प्रतिनियुक्त चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ अपने-अपने ड्यूटी पर मुस्तैद रहें। उन्होंने निदेश दिया कि सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी अपने-अपने यहां प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा करेंगे। जिन कर्मियों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं होगा उनके विरूद्ध कार्रवाई करेंगे।

जिलाधिकारी ने कहा कि ऑनलाइन कन्सलटेशन में डाॅक्टरवाईज समीक्षा करें। टाॅप-5 एवं बाॅटम-5 चिकित्सकों की सूची बनाएं। ऑनलाइन कन्सलटेशन में शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 

जिलाधिकारी ने चिकित्सा अधिकारियों को निदेश दिया कि रेफरल के बारे में सरकार के आदेशों का अक्षरशः अनुपालन करें। अनावश्यक रेफरल को हर-हालत में रोकें। इसके लिए अपने यहां स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं को बेहतर करें। जिलाधिकारी ने कहा कि लोगों की जिन्दगी से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। ऐसा करनेवाले के विरूद्ध पब्लिक न्यूसैंस ऐक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। 

जिलाधिकारी ने कहा कि नागरिकों को उत्तम स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए हम सबको नियमित तौर पर तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहना पड़ेगा। 

इस बैठक में जिलाधिकारी के साथ सिविल सर्जन, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, सभी जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (प्रतिरक्षण, संचारी, गैर संचारी, वेक्टर बॉर्न रोग नियंत्रण), सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी (रेफरल अस्पताल एवं प्राथमिक-सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र), सभी अस्पताल प्रबंधक/प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक एवं अन्य भी उपस्थित थे।

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की जिला-स्तरीय समीक्षात्मक बैठक हुई* ------------------------------------------- *जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को अस्पतालों में चिकित्सकों एवं कर्मियों की ससमय उपस्थिति सुनिश्चित करने का दिया निदेश* ------------------------------------ *आम जनता को उत्कृष्ट एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा-सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताः सभी पदाधिकारी इसके लिए सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहेंः डीएम* ================= मुजफ्फरपुर, गुरूवार, दिनांक 06.08.2026ः अध्यक्ष, जिला स्वास्थ्य समिति-सह- जिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर श्री कुमार गौरव ने कहा है कि जिलेवासियों को सुदृढ़, विश्वसनीय एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जरूरतमंदों के इलाज के प्रति सभी को संवेदनशीलता प्रदर्शित करनी पड़ेगी। वे आज समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति की मासिक समीक्षात्मक बैठक में चिकित्सा अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी पदाधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप तत्परता से कार्य सम्पन्न करना होगा। जिलाधिकारी ने कहा कि जब कोई जरूरतमंद व्यक्ति इलाज हेतु अस्पताल जाए तो यह सुनिश्चित करें कि उन्हें समुचित सुविधा मिले। समय पर उनका उपचार हो। अस्पतालों में चिकित्सक ऑन ड्यूटी रहें। रोगियों को प्रावधानों के अनुसार निःशुल्क दवा एवं जाँच प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ गरीबों तक ससमय पहुँचे यह सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने कई प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों द्वारा नागरिकों के लिए उत्तम स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास की सराहना की तथा कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित सभी मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले चिकित्सा पदाधिकारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को भविष्य में सम्मानित भी किया जाएगा। इस बैठक में जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य क्षेत्र की गतिविधियों की समीक्षा की तथा अद्यतन प्रगति का जायजा लिया। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों-सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, स्वास्थ्य उप केन्द्रों, रेफरल अस्पताल तथा जिला अस्पताल में ओपीडी एवं आईपीडी संचालन, परिवार नियोजन, संस्थागत प्रसव, प्रसवपूर्व देखभाल (एंटी नेटल केयर, एएनसी), नियमित टीकाकरण, प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य, मातृ स्वास्थ्य आच्छादन, ई-संजीवनी के माध्यम से टेली कंसल्टेशन सेवा, वेक्टर बॉर्न रोगों का नियंत्रण, आशा का मानदेय भुगतान सहित विभिन्न बिन्दुओं पर जिला पदाधिकारी ने लक्ष्य के विरूद्ध उपलब्धि तथा प्रगति प्रतिवेदन की तुलनात्मक विवरणी की विस्तृत समीक्षा की तथा आवश्यक निदेश दिया। जिलाधिकारी द्वारा सिविल सर्जन, मुजफ्फरपुर को निदेश दिया गया कि चैथे एएनसी के विरूद्ध संस्थागत प्रसव की स्थिति में सुधार लाएं। जिन-जिन प्रखण्डों में इसकी स्थिति खराब है, वहां के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों के कार्यों की विशेष समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि लोगों का विश्वास स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं की गुणवता सुनिश्चित करने से बढ़ेगा। इसके लिए सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं जिला स्तर के पदाधिकारी व्यक्तिगत अभिरूचि लेकर कार्य करें। संस्थागत प्रसव में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बरतनेवालों के विरूद्ध कार्रवाई करने का निदेश दिया गया। संस्थागत प्रसव में लापरवाही बरतने वाले आशा कार्यकर्ताओं को चेतावनी दी जाए। चेतावनी के बाद भी अगर उनके कार्य में सुधार नहीं आएगा तो उन्हें पदमुक्त करने की कार्रवाई की जाए। जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को निदेश दिया कि जननी बाल सुरक्षा योजना के भुगतान में अधिक लंबित रखने वाले प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण करें। जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को छः मुख्य मानकों (इन्डिकेटर्स)- ओपीडी, आईपीडी, एएनसी रजिस्ट्रेशन, प्रथम तिमाही में एएनसी, 4 एएनसी एवं संस्थागत प्रसव- पर प्रखंडों के प्रदर्शन का अनुश्रवण करने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि अगले माह से समीक्षा बैठक में विगत माह के प्रदर्शन की तुलनात्मक समीक्षा की जाएगी। यदि प्रदर्शन खराब रहा तो संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने निदेश दिया कि सभी स्वास्थ्य केन्द्रों, स्वास्थ्य उप केन्द्रों, अतिरिक्त स्वास्थ्य केन्द्रों में नियमित रूप से चिकित्सकों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। पदस्थापित/प्रतिनियुक्त चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ अपने-अपने ड्यूटी पर मुस्तैद रहें। उन्होंने निदेश दिया कि सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी अपने-अपने यहां प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा करेंगे। जिन कर्मियों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं होगा उनके विरूद्ध कार्रवाई करेंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि ऑनलाइन कन्सलटेशन में डाॅक्टरवाईज समीक्षा करें। टाॅप-5 एवं बाॅटम-5 चिकित्सकों की सूची बनाएं। ऑनलाइन कन्सलटेशन में शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने चिकित्सा अधिकारियों को निदेश दिया कि रेफरल के बारे में सरकार के आदेशों का अक्षरशः अनुपालन करें। अनावश्यक रेफरल को हर-हालत में रोकें। इसके लिए अपने यहां स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं को बेहतर करें। जिलाधिकारी ने कहा कि लोगों की जिन्दगी से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। ऐसा करनेवाले के विरूद्ध पब्लिक न्यूसैंस ऐक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि नागरिकों को उत्तम स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए हम सबको नियमित तौर पर तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहना पड़ेगा। इस बैठक में जिलाधिकारी के साथ सिविल सर्जन, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, सभी जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (प्रतिरक्षण, संचारी, गैर संचारी, वेक्टर बॉर्न रोग नियंत्रण), सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी (रेफरल अस्पताल एवं प्राथमिक-सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र), सभी अस्पताल प्रबंधक/प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक एवं अन्य भी उपस्थित थे।

Muzaffarpur, Bihar | Aug 6, 2026

जिलाधिकारी ने की शिक्षा विभाग की जिला-स्तरीय समीक्षा बैठक, अद्यतन प्रगति का लिया जायजा
-----------------------------------
गुणवत्तापूर्ण उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता; सभी पदाधिकारी इसके लिए सजग, तत्पर तथा प्रतिबद्ध रहेंः डीएम
------------------------------------
विद्यार्थियों, अभिभावकों तथा शिक्षकों से नियमित संवाद स्थापित करने एवं फीडबैक लेने का डीएम ने अधिकारियों को दिया निदेश
------------------------------------

मुजफ्फरपुर, गुरूवार, दिनांक 06.08.2026ः जिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर श्री कुमार गौरव ने कहा है कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी संबंधित पदाधिकारी सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहें। वे आज समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में शिक्षा विभाग की जिला-स्तरीय मासिक समीक्षात्मक बैठक में पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार के गंभीर एवं सतत प्रयासों से विद्यालयों के शैक्षणिक वातावरण में आमूल-चूल सुधार आया है। उन्होंने अधिकारियों को निदेश दिया कि विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करें। विद्यार्थियों, अभिभावकों तथा शिक्षकों से संवाद स्थापित करें। उनसे फीडबैक लें। सरकार के उद्देश्यों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हेतु विशेष प्रयास करें। उन्होंने कहा कि विद्यालयों का सफल संचालन तथा योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करना सभी पदाधिकारियों का दायित्व है। शिक्षा विभाग के जिला में पदस्थापित सभी पदाधिकारी सरकार के निदेशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करें। विद्यालयों के संचालन में गुणात्मक परिवर्तन लाएँ। विद्यालयों में साफ-सफाई, शौचालय एवं शुद्ध पेयजल की अच्छी व्यवस्था सुनिश्चित रहनी चाहिए। जिलाधिकारी ने कहा कि कर्मियों एवं शिक्षकों के साथ-साथ सभी अधिकारी भी समय से कार्यालय आएँ तथा कर्तव्य पर मुस्तैद रहें। 

जिलाधिकारी द्वारा इस पर प्रसन्नता व्यक्त की गई कि गुणवतापूर्ण शिक्षा के तहत प्रोजेक्ट-आधारित लर्निंग (पीबीएल) में मुजफ्फरपुर जिला पूरे राज्य में प्रथम स्थान पर है। इन्सपायर अवार्ड-मानक में भी मुजफ्फरपुर जिला ने देश भर में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों को आगे भी सरकार द्वारा निर्धारित विभिन्न मानको पर बेहतर-से-बेहतर प्रदर्शन करने के लिए तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहने का निदेश दिया। 

आज की इस बैठक में जिलाधिकारी द्वारा पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की स्थिति की समीक्षा की गई तथा अद्यतन प्रगति का जायजा लिया गया। जिले के शैक्षिक परिदृश्य, नामांकन, शिक्षकों की संख्या, विद्यालयों का निरीक्षण, सर्व शिक्षा अभियान, प्रधानमंत्री पोषण योजना के संचालन की स्थिति, खाद्यान्न उठाव, समग्र शिक्षा, शौचालय, छात्रवृत्ति, पोशाक, साईकिल, मेधावृत्ति योजना, समावेशी शिक्षा, शिक्षा का अधिकार अधिनियम का क्रियान्वयन, शिक्षक प्रशिक्षण, विद्यालयों में असैनिक कार्य सहित विभिन्न पहलुओं पर प्रगति की समीक्षा की।

जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार के विशेष प्रयासों से शैक्षणिक वातावरण में कांफी सुधार आ रहा है। जिला शिक्षा पदाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि हर विद्यार्थी को उत्कृष्ट सुविधा प्राप्त हो। जिलाधिकारी ने कहा कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान वे स्वयं विद्यालयों का निरीक्षण करेंगे तथा यह देखेंगे कि विद्यार्थियों को गुणवतापूर्ण शिक्षा दी जा रही है या नहीं। यदि कोई शिथिलता या लापरवाही दिखाई पड़ा तो दोषी अधिकारियों के विरूद्ध जिम्मेदारी निर्धारित कर सख्त कार्रवाई करेंगे। 

जिलाधिकारी ने कहा कि जिला के वरीय पदाधिकारियों द्वारा एक-एक विद्यालय को गोद लिया जाएगा। ये पदाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि इन सभी विद्यालयों में सरकार के आदेश के अनुसार विद्यार्थियों को उत्कृष्ट सुविधा एवं गुणवतापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो रही है। 

जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार द्वारा मुजफ्फरपुर जिला में 17 माॅडल स्कूल प्रारंभ किया गया है। इसका सफल संचालन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी को इन सभी माॅडल स्कूलों का उत्कृष्ट संचालन सुनिश्चित करने का निदेश दिया। 

जिला शिक्षा पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर द्वारा जिला पदाधिकारी के संज्ञान में लाया गया  कि जिलान्तर्गत कुल 414 माध्यमिक/उच्च माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत बालिकाओं में से कुल 22005 स्वस्थ बालिकाओं को ब्लैक बेल्ट कराटे प्रशिक्षकों द्वारा रानी लक्ष्मी बाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण दिया गया है। व्यावसायिक शिक्षा के तहत जिलान्तर्गत सभी प्रखण्डों में राज्य द्वारा चयनित 18 विद्यालयों में कुल 05 टेªड में कुशल प्रशिक्षकों द्वारा व्यावसायिक शिक्षा का प्रशिक्षण दिनांक 01 जुलाई, 2026 से दिया जा रहा है। समावेशी शिक्षा अन्तर्गत 608 दिव्यांग बच्चों को एस्काॅर्ट एलाउएन्स, 51 दृष्टिबाधित दिव्यांग बच्चों को रीडर एलाउएन्स, 119 दिव्यांग बालिकाओं को स्टाईपेन्ड एवं 38 अतिगंभीर दिव्यांग बच्चों को ट्रान्सपोर्ट एलाउएन्स की राशि दी गई है। समावेशी शिक्षा अन्तर्गत 4510 दिव्यांग बच्चें नामांकित है। जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि इस शैक्षणिक वर्ष में कुल कार्यरत 27757 शिक्षकों के विरूद्ध दिनांक 30.07.2026 तक 8341 शिक्षकों ने प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया है। शेष 19416 शिक्षकों का प्रशिक्षण प्रक्रियाधीन है। बूट माॅडल के तहत कुल 84 मध्य एवं माध्यमिक विद्यालयों में आईसीटी लैब संचालित है और उससे बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं। 

पूरे जिले में पीएम पोषण योजना से आच्छादित विद्यालयों की संख्या 2,968 है। इन सभी विद्यालयों में पीएम पोषण योजना का संचालन हो रहा है।  जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम को निदेश दिया कि पीएम पोषण योजना अन्तर्गत खाद्यान्न उठाव एवं वितरण सुचारू रहे, इसे सुनिश्चित करें। 

अपार आईडी सृजन की समीक्षा में पाया गया कि मुजफ्फरपुर जिला द्वारा इस कार्य में अच्छा प्रदर्शन किया जा रहा है। पूरे राज्य में यह तीसरे स्थान पर है। जिलाधिकारी ने इसपर प्रसन्नता प्रकट करते जिला शिक्षा पदाधिकारी को निदेश दिया कि अभियान चलाकर लक्ष्य के विरूद्ध शत-प्रतिशत उपलब्धि हांसिल करें। सरकारी स्कूलों में स्थिति बेहतर है। जिला शिक्षा पदाधिकारी को निदेश दिया गया कि प्राईवेट स्कूल के संचालकों के साथ भी बैठक कर इस कार्य में तेजी लाएं। 

जिलाधिकारी द्वारा विभिन्न असैनिक कार्य (समग्र शिक्षा) यथा विद्यालय भवनों का निर्माण आदि में प्रगति की समीक्षा की गई। उन्होंने कार्यपालक अभियंता, बीएसईआईडीसी को निदेश दिया कि गुणवता सुनिश्चित करते हुए निर्धारित समय-सीमा के अंदर सभी निर्माण कार्य पूरा करें।  

जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री बालक/बालिका (माध्यमिक) प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना तथा मुख्यमंत्री मेधावृत्ति योजना (माध्यमिक प्लस टू) योजना का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निदेश दिया। उन्होंने इसके अंतर्गत शेष आवेदनों का प्रावधानों के अनुरूप शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया। 

Information & Public Relations Department, Government of Bihar

जिलाधिकारी ने की शिक्षा विभाग की जिला-स्तरीय समीक्षा बैठक, अद्यतन प्रगति का लिया जायजा ----------------------------------- गुणवत्तापूर्ण उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता; सभी पदाधिकारी इसके लिए सजग, तत्पर तथा प्रतिबद्ध रहेंः डीएम ------------------------------------ विद्यार्थियों, अभिभावकों तथा शिक्षकों से नियमित संवाद स्थापित करने एवं फीडबैक लेने का डीएम ने अधिकारियों को दिया निदेश ------------------------------------ मुजफ्फरपुर, गुरूवार, दिनांक 06.08.2026ः जिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर श्री कुमार गौरव ने कहा है कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी संबंधित पदाधिकारी सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहें। वे आज समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में शिक्षा विभाग की जिला-स्तरीय मासिक समीक्षात्मक बैठक में पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार के गंभीर एवं सतत प्रयासों से विद्यालयों के शैक्षणिक वातावरण में आमूल-चूल सुधार आया है। उन्होंने अधिकारियों को निदेश दिया कि विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करें। विद्यार्थियों, अभिभावकों तथा शिक्षकों से संवाद स्थापित करें। उनसे फीडबैक लें। सरकार के उद्देश्यों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हेतु विशेष प्रयास करें। उन्होंने कहा कि विद्यालयों का सफल संचालन तथा योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करना सभी पदाधिकारियों का दायित्व है। शिक्षा विभाग के जिला में पदस्थापित सभी पदाधिकारी सरकार के निदेशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करें। विद्यालयों के संचालन में गुणात्मक परिवर्तन लाएँ। विद्यालयों में साफ-सफाई, शौचालय एवं शुद्ध पेयजल की अच्छी व्यवस्था सुनिश्चित रहनी चाहिए। जिलाधिकारी ने कहा कि कर्मियों एवं शिक्षकों के साथ-साथ सभी अधिकारी भी समय से कार्यालय आएँ तथा कर्तव्य पर मुस्तैद रहें। जिलाधिकारी द्वारा इस पर प्रसन्नता व्यक्त की गई कि गुणवतापूर्ण शिक्षा के तहत प्रोजेक्ट-आधारित लर्निंग (पीबीएल) में मुजफ्फरपुर जिला पूरे राज्य में प्रथम स्थान पर है। इन्सपायर अवार्ड-मानक में भी मुजफ्फरपुर जिला ने देश भर में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों को आगे भी सरकार द्वारा निर्धारित विभिन्न मानको पर बेहतर-से-बेहतर प्रदर्शन करने के लिए तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहने का निदेश दिया। आज की इस बैठक में जिलाधिकारी द्वारा पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की स्थिति की समीक्षा की गई तथा अद्यतन प्रगति का जायजा लिया गया। जिले के शैक्षिक परिदृश्य, नामांकन, शिक्षकों की संख्या, विद्यालयों का निरीक्षण, सर्व शिक्षा अभियान, प्रधानमंत्री पोषण योजना के संचालन की स्थिति, खाद्यान्न उठाव, समग्र शिक्षा, शौचालय, छात्रवृत्ति, पोशाक, साईकिल, मेधावृत्ति योजना, समावेशी शिक्षा, शिक्षा का अधिकार अधिनियम का क्रियान्वयन, शिक्षक प्रशिक्षण, विद्यालयों में असैनिक कार्य सहित विभिन्न पहलुओं पर प्रगति की समीक्षा की। जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार के विशेष प्रयासों से शैक्षणिक वातावरण में कांफी सुधार आ रहा है। जिला शिक्षा पदाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि हर विद्यार्थी को उत्कृष्ट सुविधा प्राप्त हो। जिलाधिकारी ने कहा कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान वे स्वयं विद्यालयों का निरीक्षण करेंगे तथा यह देखेंगे कि विद्यार्थियों को गुणवतापूर्ण शिक्षा दी जा रही है या नहीं। यदि कोई शिथिलता या लापरवाही दिखाई पड़ा तो दोषी अधिकारियों के विरूद्ध जिम्मेदारी निर्धारित कर सख्त कार्रवाई करेंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि जिला के वरीय पदाधिकारियों द्वारा एक-एक विद्यालय को गोद लिया जाएगा। ये पदाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि इन सभी विद्यालयों में सरकार के आदेश के अनुसार विद्यार्थियों को उत्कृष्ट सुविधा एवं गुणवतापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो रही है। जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार द्वारा मुजफ्फरपुर जिला में 17 माॅडल स्कूल प्रारंभ किया गया है। इसका सफल संचालन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी को इन सभी माॅडल स्कूलों का उत्कृष्ट संचालन सुनिश्चित करने का निदेश दिया। जिला शिक्षा पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर द्वारा जिला पदाधिकारी के संज्ञान में लाया गया कि जिलान्तर्गत कुल 414 माध्यमिक/उच्च माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत बालिकाओं में से कुल 22005 स्वस्थ बालिकाओं को ब्लैक बेल्ट कराटे प्रशिक्षकों द्वारा रानी लक्ष्मी बाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण दिया गया है। व्यावसायिक शिक्षा के तहत जिलान्तर्गत सभी प्रखण्डों में राज्य द्वारा चयनित 18 विद्यालयों में कुल 05 टेªड में कुशल प्रशिक्षकों द्वारा व्यावसायिक शिक्षा का प्रशिक्षण दिनांक 01 जुलाई, 2026 से दिया जा रहा है। समावेशी शिक्षा अन्तर्गत 608 दिव्यांग बच्चों को एस्काॅर्ट एलाउएन्स, 51 दृष्टिबाधित दिव्यांग बच्चों को रीडर एलाउएन्स, 119 दिव्यांग बालिकाओं को स्टाईपेन्ड एवं 38 अतिगंभीर दिव्यांग बच्चों को ट्रान्सपोर्ट एलाउएन्स की राशि दी गई है। समावेशी शिक्षा अन्तर्गत 4510 दिव्यांग बच्चें नामांकित है। जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि इस शैक्षणिक वर्ष में कुल कार्यरत 27757 शिक्षकों के विरूद्ध दिनांक 30.07.2026 तक 8341 शिक्षकों ने प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया है। शेष 19416 शिक्षकों का प्रशिक्षण प्रक्रियाधीन है। बूट माॅडल के तहत कुल 84 मध्य एवं माध्यमिक विद्यालयों में आईसीटी लैब संचालित है और उससे बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं। पूरे जिले में पीएम पोषण योजना से आच्छादित विद्यालयों की संख्या 2,968 है। इन सभी विद्यालयों में पीएम पोषण योजना का संचालन हो रहा है। जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम को निदेश दिया कि पीएम पोषण योजना अन्तर्गत खाद्यान्न उठाव एवं वितरण सुचारू रहे, इसे सुनिश्चित करें। अपार आईडी सृजन की समीक्षा में पाया गया कि मुजफ्फरपुर जिला द्वारा इस कार्य में अच्छा प्रदर्शन किया जा रहा है। पूरे राज्य में यह तीसरे स्थान पर है। जिलाधिकारी ने इसपर प्रसन्नता प्रकट करते जिला शिक्षा पदाधिकारी को निदेश दिया कि अभियान चलाकर लक्ष्य के विरूद्ध शत-प्रतिशत उपलब्धि हांसिल करें। सरकारी स्कूलों में स्थिति बेहतर है। जिला शिक्षा पदाधिकारी को निदेश दिया गया कि प्राईवेट स्कूल के संचालकों के साथ भी बैठक कर इस कार्य में तेजी लाएं। जिलाधिकारी द्वारा विभिन्न असैनिक कार्य (समग्र शिक्षा) यथा विद्यालय भवनों का निर्माण आदि में प्रगति की समीक्षा की गई। उन्होंने कार्यपालक अभियंता, बीएसईआईडीसी को निदेश दिया कि गुणवता सुनिश्चित करते हुए निर्धारित समय-सीमा के अंदर सभी निर्माण कार्य पूरा करें। जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री बालक/बालिका (माध्यमिक) प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना तथा मुख्यमंत्री मेधावृत्ति योजना (माध्यमिक प्लस टू) योजना का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निदेश दिया। उन्होंने इसके अंतर्गत शेष आवेदनों का प्रावधानों के अनुरूप शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया। Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Muzaffarpur, Bihar | Aug 6, 2026