जिलाधिकारी ने की शिक्षा विभाग की जिला-स्तरीय समीक्षा बैठक, अद्यतन प्रगति का लिया जायजा
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गुणवत्तापूर्ण उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता; सभी पदाधिकारी इसके लिए सजग, तत्पर तथा प्रतिबद्ध रहेंः डीएम
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विद्यार्थियों, अभिभावकों तथा शिक्षकों से नियमित संवाद स्थापित करने एवं फीडबैक लेने का डीएम ने अधिकारियों को दिया निदेश
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मुजफ्फरपुर, गुरूवार, दिनांक 06.08.2026ः जिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर श्री कुमार गौरव ने कहा है कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी संबंधित पदाधिकारी सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहें। वे आज समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में शिक्षा विभाग की जिला-स्तरीय मासिक समीक्षात्मक बैठक में पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार के गंभीर एवं सतत प्रयासों से विद्यालयों के शैक्षणिक वातावरण में आमूल-चूल सुधार आया है। उन्होंने अधिकारियों को निदेश दिया कि विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करें। विद्यार्थियों, अभिभावकों तथा शिक्षकों से संवाद स्थापित करें। उनसे फीडबैक लें। सरकार के उद्देश्यों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हेतु विशेष प्रयास करें। उन्होंने कहा कि विद्यालयों का सफल संचालन तथा योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करना सभी पदाधिकारियों का दायित्व है। शिक्षा विभाग के जिला में पदस्थापित सभी पदाधिकारी सरकार के निदेशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करें। विद्यालयों के संचालन में गुणात्मक परिवर्तन लाएँ। विद्यालयों में साफ-सफाई, शौचालय एवं शुद्ध पेयजल की अच्छी व्यवस्था सुनिश्चित रहनी चाहिए। जिलाधिकारी ने कहा कि कर्मियों एवं शिक्षकों के साथ-साथ सभी अधिकारी भी समय से कार्यालय आएँ तथा कर्तव्य पर मुस्तैद रहें।
जिलाधिकारी द्वारा इस पर प्रसन्नता व्यक्त की गई कि गुणवतापूर्ण शिक्षा के तहत प्रोजेक्ट-आधारित लर्निंग (पीबीएल) में मुजफ्फरपुर जिला पूरे राज्य में प्रथम स्थान पर है। इन्सपायर अवार्ड-मानक में भी मुजफ्फरपुर जिला ने देश भर में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों को आगे भी सरकार द्वारा निर्धारित विभिन्न मानको पर बेहतर-से-बेहतर प्रदर्शन करने के लिए तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहने का निदेश दिया।
आज की इस बैठक में जिलाधिकारी द्वारा पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की स्थिति की समीक्षा की गई तथा अद्यतन प्रगति का जायजा लिया गया। जिले के शैक्षिक परिदृश्य, नामांकन, शिक्षकों की संख्या, विद्यालयों का निरीक्षण, सर्व शिक्षा अभियान, प्रधानमंत्री पोषण योजना के संचालन की स्थिति, खाद्यान्न उठाव, समग्र शिक्षा, शौचालय, छात्रवृत्ति, पोशाक, साईकिल, मेधावृत्ति योजना, समावेशी शिक्षा, शिक्षा का अधिकार अधिनियम का क्रियान्वयन, शिक्षक प्रशिक्षण, विद्यालयों में असैनिक कार्य सहित विभिन्न पहलुओं पर प्रगति की समीक्षा की।
जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार के विशेष प्रयासों से शैक्षणिक वातावरण में कांफी सुधार आ रहा है। जिला शिक्षा पदाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि हर विद्यार्थी को उत्कृष्ट सुविधा प्राप्त हो। जिलाधिकारी ने कहा कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान वे स्वयं विद्यालयों का निरीक्षण करेंगे तथा यह देखेंगे कि विद्यार्थियों को गुणवतापूर्ण शिक्षा दी जा रही है या नहीं। यदि कोई शिथिलता या लापरवाही दिखाई पड़ा तो दोषी अधिकारियों के विरूद्ध जिम्मेदारी निर्धारित कर सख्त कार्रवाई करेंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिला के वरीय पदाधिकारियों द्वारा एक-एक विद्यालय को गोद लिया जाएगा। ये पदाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि इन सभी विद्यालयों में सरकार के आदेश के अनुसार विद्यार्थियों को उत्कृष्ट सुविधा एवं गुणवतापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो रही है।
जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार द्वारा मुजफ्फरपुर जिला में 17 माॅडल स्कूल प्रारंभ किया गया है। इसका सफल संचालन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी को इन सभी माॅडल स्कूलों का उत्कृष्ट संचालन सुनिश्चित करने का निदेश दिया।
जिला शिक्षा पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर द्वारा जिला पदाधिकारी के संज्ञान में लाया गया कि जिलान्तर्गत कुल 414 माध्यमिक/उच्च माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत बालिकाओं में से कुल 22005 स्वस्थ बालिकाओं को ब्लैक बेल्ट कराटे प्रशिक्षकों द्वारा रानी लक्ष्मी बाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण दिया गया है। व्यावसायिक शिक्षा के तहत जिलान्तर्गत सभी प्रखण्डों में राज्य द्वारा चयनित 18 विद्यालयों में कुल 05 टेªड में कुशल प्रशिक्षकों द्वारा व्यावसायिक शिक्षा का प्रशिक्षण दिनांक 01 जुलाई, 2026 से दिया जा रहा है। समावेशी शिक्षा अन्तर्गत 608 दिव्यांग बच्चों को एस्काॅर्ट एलाउएन्स, 51 दृष्टिबाधित दिव्यांग बच्चों को रीडर एलाउएन्स, 119 दिव्यांग बालिकाओं को स्टाईपेन्ड एवं 38 अतिगंभीर दिव्यांग बच्चों को ट्रान्सपोर्ट एलाउएन्स की राशि दी गई है। समावेशी शिक्षा अन्तर्गत 4510 दिव्यांग बच्चें नामांकित है। जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि इस शैक्षणिक वर्ष में कुल कार्यरत 27757 शिक्षकों के विरूद्ध दिनांक 30.07.2026 तक 8341 शिक्षकों ने प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया है। शेष 19416 शिक्षकों का प्रशिक्षण प्रक्रियाधीन है। बूट माॅडल के तहत कुल 84 मध्य एवं माध्यमिक विद्यालयों में आईसीटी लैब संचालित है और उससे बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं।
पूरे जिले में पीएम पोषण योजना से आच्छादित विद्यालयों की संख्या 2,968 है। इन सभी विद्यालयों में पीएम पोषण योजना का संचालन हो रहा है। जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम को निदेश दिया कि पीएम पोषण योजना अन्तर्गत खाद्यान्न उठाव एवं वितरण सुचारू रहे, इसे सुनिश्चित करें।
अपार आईडी सृजन की समीक्षा में पाया गया कि मुजफ्फरपुर जिला द्वारा इस कार्य में अच्छा प्रदर्शन किया जा रहा है। पूरे राज्य में यह तीसरे स्थान पर है। जिलाधिकारी ने इसपर प्रसन्नता प्रकट करते जिला शिक्षा पदाधिकारी को निदेश दिया कि अभियान चलाकर लक्ष्य के विरूद्ध शत-प्रतिशत उपलब्धि हांसिल करें। सरकारी स्कूलों में स्थिति बेहतर है। जिला शिक्षा पदाधिकारी को निदेश दिया गया कि प्राईवेट स्कूल के संचालकों के साथ भी बैठक कर इस कार्य में तेजी लाएं।
जिलाधिकारी द्वारा विभिन्न असैनिक कार्य (समग्र शिक्षा) यथा विद्यालय भवनों का निर्माण आदि में प्रगति की समीक्षा की गई। उन्होंने कार्यपालक अभियंता, बीएसईआईडीसी को निदेश दिया कि गुणवता सुनिश्चित करते हुए निर्धारित समय-सीमा के अंदर सभी निर्माण कार्य पूरा करें।
जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री बालक/बालिका (माध्यमिक) प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना तथा मुख्यमंत्री मेधावृत्ति योजना (माध्यमिक प्लस टू) योजना का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निदेश दिया। उन्होंने इसके अंतर्गत शेष आवेदनों का प्रावधानों के अनुरूप शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar