*सवाईमाधोपुर के 4 विधानसभा क्षेत्रों में 42.99 करोड़ से बनेंगी 75.33 किमी की 36 सड़के*
*चारों विधानसभा क्षेत्रों में मिसिंग लिंक एवं नॉन-पैचेबल सड़कों को मिली स्वीकृति, मजबूत होगी सड़क कनेक्टिविटी*
*हर क्षेत्र तक गुणवत्तापूर्ण सड़क नेटवर्क पहुंचाकर विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार का संकल्प: उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी*
*सवाई माधोपुर, 5 अगस्त।* राज्य सरकार ने बजट घोषणा 2026-27 की क्रियान्विति में सड़क कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने की दिशा में सवाई माधोपुर जिले को बड़ी सौगात दी है। जिले के चारों विधानसभा क्षेत्रों में 42 करोड़ 99 लाख रुपए की लागत से 75.33 किलोमीटर लंबाई की 36 मिसिंग लिंक एवं नॉन-पैचेबल सड़कों के निर्माण को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के विजन एवं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश की आधारभूत संरचना को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है। प्रत्येक गांव, कस्बे एवं शहर तक गुणवत्तापूर्ण सड़क नेटवर्क पहुंचाकर आवागमन सुगम बनाने और विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
*चारों विधानसभा क्षेत्रों को मिली सड़क कार्यों की सौगात:-* बजट घोषणा 2026-27 स्वीकृति के अनुसार बामनवास विधानसभा क्षेत्र में 9.05 करोड़ रुपए से 20.93 किलोमीटर की 6 सड़कें, गंगापुर सिटी में 10.75 करोड़ रुपए से 19.90 किलोमीटर की 15 सड़कें, खंडार में 11.10 करोड़ रुपए से 19.50 किलोमीटर की 8 सड़कें तथा सवाई माधोपुर विधानसभा क्षेत्र में 12.09 करोड़ रुपए से 15 किलोमीटर की 7 सड़कें बनाई जाएंगी। इनमें बामनवास में 3 मिसिंग लिंक एवं 3 नॉन-पैचेबल, गंगापुर सिटी में 5 मिसिंग लिंक एवं 10 नॉन-पैचेबल, खंडार में 4 मिसिंग लिंक एवं 4 नॉन-पैचेबल तथा सवाई माधोपुर विधानसभा क्षेत्र में 3 मिसिंग लिंक एवं 4 नॉन-पैचेबल सड़कें शामिल हैं।
*प्रदेश में 2101 करोड़ की लागत से 3232 सड़कों का निर्माण होगा:-* उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने बजट घोषणा 2026-27 की क्रियान्विति में प्रदेश के 187 विधानसभा क्षेत्रों में 2 हजार 101.16 करोड़ रुपए की लागत से 6 हजार 418.43 किलोमीटर लंबाई की 3 हजार 232 सड़कों को स्वीकृति प्रदान की है। इन कार्यों से मिसिंग लिंक जुड़ने एवं नॉन-पैचेबल सड़कों के निर्माण से सड़क नेटवर्क मजबूत होगा तथा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आवागमन, व्यापार और अन्य सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी