ब्राह्मण महासभा के ब्राह्मण मिलन समारोह में गूंजा एकजुटता का संदेश
- बड़ौली बोले-संगठित समाज ही अपनी शक्ति और पहचान को मजबूत कर सकता है, जुयाल ने कहा- ब्राह्मण ने हर युग में समाज और राष्ट्र का मार्गदर्शन किया
सिरसा।
श्री ब्राह्मण महासभा जिला सिरसा के तत्वावधान में गोलछा पैलेस में आयोजित ब्राह्मण मिलन एवं सम्मान समारोह भव्य एवं ऐतिहासिक रहा। समारोह में प्रदेशभर से पहुंचे प्रमुख राजनीतिक, सामाजिक एवं सामाजिक संगठनों से जुड़े प्रतिनिधियों ने ब्राह्मण समाज की एकजुटता, सामाजिक चेतना और आपसी सहयोग को मजबूत करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के प्रबुद्धजन, महिलाएं, युवा एवं परिवारजन उपस्थित रहे। समारोह में हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन एवं भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष पंडित मोहन लाल बड़ौली, हरको बैंक के चेयरमैन एवं भाजपा जिला सिरसा प्रभारी भारत भूषण जुयाल, बादली के विधायक कुलदीप वत्स, हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष कुलदीप शर्मा, हरियाणा बीज विकास निगम के चेयरमैन देव कुमार शर्मा, भाजपा डबवाली की जिलाध्यक्ष रेणु शर्मा, जजपा के प्रधान महासचिव डॉ. राधेश्याम शर्मा तथा ब्राह्मण महासभा हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष जिले राम पिचोलिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि पंडित मोहन लाल बड़ौली ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति उसकी एकता, संगठन और आपसी सहयोग पर निर्भर करती है। ब्राह्मण समाज ने सदियों से देश और समाज को दिशा देने का कार्य किया है। आज आवश्यकता इस बात की है कि समाज अपनी गौरवशाली परंपराओं और मूल्यों को आगे बढ़ाते हुए आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर एकजुट रहे। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनना चाहिए। सामाजिक संस्थाएं जितनी मजबूत होंगी, समाज की आवाज उतनी ही प्रभावी होगी। उन्होंने श्री ब्राह्मण महासभा जिला सिरसा द्वारा समाज को एक मंच पर लाने के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक एकता को मजबूती देने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने का काम करते हैं।
जुयाल बोले- हर युग में समाज और राष्ट्र का मार्गदर्शन करता आया है ब्राह्मण
हरको बैंक के चेयरमैन एवं भाजपा जिला सिरसा प्रभारी भारत भूषण जुयाल ने कहा कि यह महत्वपूर्ण नहीं कि व्यक्ति ने कितना जीवन जिया, बल्कि महत्वपूर्ण यह है कि उसने जीवन को किस प्रकार जिया। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण होना गौरव के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज ने अपनी शिक्षा और दीक्षा के माध्यम से देश और समाज को दिशा दी है। भगवान राम के जीवन में गुरु परंपरा से लेकर भगवान कृष्ण के माध्यम से धर्म की स्थापना और आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा देश के चारों दिशाओं में धर्म एवं आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करने तक ब्राह्मण परंपरा का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। स्वतंत्रता संग्राम में मंगल पांडे जैसे क्रांतिकारियों ने भी देश के लिए बलिदान और संघर्ष की मिसाल पेश की। जुयाल ने कहा कि ब्राह्मण समाज ने सदियों से मानव कल्याण, धर्म, संस्कार और राष्ट्रहित की बात की है। आवश्यकता इस बात की है कि समाज अपनी शक्ति और मूल स्वरूप को पहचाने तथा नई पीढ़ी को अपने इतिहास, संस्कृति और संस्कारों से अवगत कराए।
कुलदीप शर्मा बोले- समाज की ताकत उसकी एकता और संगठन में
हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष कुलदीप शर्मा ने कहा कि ब्राह्मण समाज का इतिहास ज्ञान, संस्कार, त्याग और समाज को दिशा देने का रहा है। समाज की सबसे बड़ी शक्ति उसकी एकता है। वर्तमान समय में आवश्यकता है कि सभी लोग आपसी मतभेदों को पीछे छोड़कर समाजहित के मुद्दों पर एकजुट हों और आने वाली पीढ़ी को शिक्षा, संस्कार एवं अपनी गौरवशाली परंपराओं से जोड़ें। उन्होंने कहा कि सामाजिक संस्थाएं समाज को संगठित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे मिलन समारोह केवल आपसी मेल-जोल तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि इनके माध्यम से समाज की समस्याओं, युवाओं के भविष्य और सामाजिक जिम्मेदारियों पर भी सार्थक चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने श्री ब्राह्मण महासभा जिला सिरसा द्वारा आयोजित समारोह की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में नई ऊर्जा और आपसी भाईचारे को मजबूत करते हैं।
कुलदीप वत्स बोले- समाज की एकता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति
बादली विधायक कुलदीप वत्स ने ओजस्वी संबोधन में कहा कि ब्राह्मण समाज ने सदैव ज्ञान, संस्कार, सेवा और राष्ट्रहित की भावना को सर्वोपरि रखा है। समाज की यह गौरवशाली परंपरा आज भी उसकी सबसे बड़ी पहचान है। उन्होंने कहा कि समय की आवश्यकता है कि समाज के सभी लोग आपसी मतभेदों को भुलाकर एकजुट हों और अपनी सामाजिक शक्ति का सकारात्मक दिशा में उपयोग करें। उन्होंने कहा कि जिस समाज में आपसी भाईचारा, संगठन और एक-दूसरे के प्रति सम्मान की भावना मजबूत होती है, वह समाज किसी भी चुनौती का मजबूती से सामना कर सकता है। युवाओं को समाज की जिम्मेदारी संभालने के लिए आगे आना चाहिए तथा वरिष्ठजनों के अनुभव और मार्गदर्शन से सामाजिक संगठन को नई दिशा देनी चाहिए। वत्स ने श्री ब्राह्मण महासभा जिला सिरसा के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे समारोह समाज के लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, संस्कारों और गौरवशाली इतिहास से परिचित कराने का कार्य करते हैं। उन्होंने समाज की एकजुटता और संगठन को मजबूत बनाने के लिए हरसंभव सहयोग का आह्वान किया। हरियाणा बीज विकास निगम के चेयरमैन देव कुमार शर्मा, भाजपा डबवाली की जिलाध्यक्ष रेणु शर्मा, जजपा के प्रधान महासचिव डॉ. राधेश्याम शर्मा तथा ब्राह्मण महासभा हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष जिले राम पिचोलिया ने भी समाज को संगठित एवं एकजुट रहने का संदेश दिया।
दीप प्रज्ज्वलन से हुआ समारोह का शुभारंभ
समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथियों ने मां सरस्वती एवं भगवान परशुराम के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। महासभा के संस्थापक राजकुमार शर्मा ने अतिथियों एवं उपस्थित समाजजनों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। महासभा के प्रधान सुशील शर्मा एवं महासचिव सुधीर सारस्वत ने मुख्य अतिथियों को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। संरक्षक सुभाष दायमा एवं हीरा लाल शर्मा ने भी अतिथियों एवं समाजजनों का स्वागत किया।
मेधावी विद्यार्थियों व प्रबुद्धजनों का सम्मान
समारोह में समाज के मेधावी विद्यार्थियों, पत्रकारों तथा विभिन्न क्षेत्रों में समाजहित में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रबुद्धजनों को मुख्य अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। इस दौरान समाज की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और युवा पीढ़ी को शिक्षा एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के अंत में महासभा की ओर से सभी मुख्य अतिथियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। मंच संचालन वरिष्ठ पत्रकार इंद्र मोहन शर्मा एवं शिक्षाविद् रवि शर्मा जमाल ने प्रभावी ढंग से किया। समारोह में सिरसा जिले के विभिन्न क्षेत्रों से समाज के प्रबुद्धजन एवं बड़ी संख्या में परिवारजन मौजूद रहे।
आयोजन की सफलता पर पदाधिकारियों का अभिनंदन
महासभा के प्रधान सुशील शर्मा व महासचिव सुधीर सारस्वत ने समारोह की सफलता पर महासभा के सभी पदाधिकारियों एवं ट्रस्टियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी ने आपसी सामंजस्य के साथ दिन-रात मेहनत कर आयोजन को सफल बनाया। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था की सफलता उसके सामूहिक प्रयास और समर्पण से होती है। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले श्यामलाल शर्मा, हुकमचंद सांखी, इंद्रमोहन शर्मा, महेश शर्मा, अशोक उपाध्याय, रामकुमार शर्मा, रामप्रकाश कौशिक, रितेश जोशी, राजकुमार चोटिया, विजय शर्मा, हीरालाल शर्मा, राजकुमार शर्मा, वेदप्रकाश चाड़ीवाल, संजय शर्मा ‘नीटू’, सुलतान शर्मा, हेमकांत शर्मा, हरिप्रकाश शर्मा, भीष्म देव शर्मा, राजेश सारस्वत, सुशील शर्मा, त्रिलोक शर्मा, नंदलाल शर्मा, रोहित शर्मा, मोहित जोशी, हर्ष भारद्वाज, दीप्ति प्रकाश उपाध्याय, रोशन लाल वशिष्ठ, सुभाष दायमा, रघुवीर दाधीच, संजय दाधीच एवं रवि शर्मा जमाल सहित सभी सहयोगियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि संस्था से जुड़े अनेक ऐसे लोग भी हैं जो बिना किसी प्रचार या सुर्खियों के निरंतर समाज और संस्था के लिए सहयोग करते रहते हैं। ऐसे सभी सहयोगियों का योगदान संस्था की मजबूती का आधार है। उन्होंने समारोह में गरिमामयी उपस्थिति दर्ज करवाने वाले समस्त ब्राह्मण समाज के परिवारों एवं प्रबुद्धजनों का भी आभार व्यक्त किया। महासचिव सुधीर सारस्वत ने कहा कि हीरा लाल शर्मा, श्याम लाल शर्मा, हुकम चंद शांखी, संजय शर्मा नीटू, राजकुमार चोटिया, सुभाष दायमा, रामकुमार शर्मा, अशोक उपाध्याय सहित तमाम महासभा के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने अपनी क्षमता से बढ़कर कार्यक्रम को सफल बनाने में तन-मन-धन से पूर्ण सहयोग किया।
सफल आयोजन से सुशील शर्मा और सुधीर सारस्वत का बढ़ा कद
श्री ब्राह्मण महासभा जिला सिरसा के तत्वावधान में आयोजित ब्राह्मण मिलन एवं सम्मान समारोह की भव्य सफलता ने महासभा के अध्यक्ष सुशील शर्मा और महासचिव सुधीर सारस्वत के सामाजिक कद को और मजबूत किया है। समारोह में मंचासीन सभी प्रमुख अतिथियों ने आयोजन की सफलता के लिए महासभा की टीम और तमाम पदाधिकारियों की मुक्तकंठ से सराहना की। समाज के प्रबुद्धजनों एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य लोगों ने भी आयोजन को ब्राह्मण समाज की एकजुटता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। वक्ताओं ने विश्वास जताया कि सुशील शर्मा और सुधीर सारस्वत इसी तरह सक्रिय भूमिका निभाते हुए पूरी टीम को साथ लेकर समाज को एकजुट करने तथा सामाजिक गतिविधियों को गति देने में आगे भी महत्वपूर्ण योगदान देंगे। समारोह की व्यापक सफलता से यह संदेश भी गया कि सामूहिक प्रयास, बेहतर समन्वय और मजबूत नेतृत्व के साथ समाज को एक मंच पर लाया जा सकता है। आयोजन में जिस तरह समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी रही, उसे महासभा की सक्रियता और संगठनात्मक क्षमता के रूप में देखा जा रहा है।
Sirsa, Sirsa | Sep 14, 2026