#डर_के_आगे_मेयर_की_कुर्सी_है!
भरतपुर। नगर निगम के सियासी मैदान में मेयर चुनाव का पारा इतना चढ़ा कि अचानक बीडीए अधिकारियों को 15 साल पुराने एक रिसोर्ट की याद आ गई। निर्दलीय प्रत्याशी विचित्रा सिंह के सिद्धेश रिसोर्ट में जब फीता लेकर नाप-तौल का खेल शुरू हुआ, तो लगा कि शहर का सारा विकास इसी सेटबैक में अटका पड़ा है। नामांकन वापसी के ठीक एक दिन पहले जागी इस प्रशासनिक मुस्तैदी पर जब परिजनों ने कागज़-पत्र मांगे, तो अधिकारियों का गणित थोड़ा गड़बड़ा गया। लेकिन असली कमाल तो कैमरे ने दिखाया, जैसे ही मोबाइल का लेंस ऑन हुआ और सवाल-जवाब का सिलसिला बढ़ा, 'नियमित जांच' करने आए साहबान नाप-तौल का फीता समेटकर सरकारी गाड़ी की तरफ ऐसे भागे मानो सेटबैक नहीं, कोई रेस जीतनी हो। अब बीडीए इसे रूटीन चेकिंग बता रहा है और जनता हंसते-हंसते समझ रही है कि राजनीति में सिर्फ वादे नहीं, कभी-कभी नापने वाले फीते भी राजनीति के इशारे पर घूमते हैं!