Follow.. क्या आपको नही लगता ऐसे बच्चो के लिए भी सरकार को कुछ प्रावधान करने चाहिए
चंद मिनट की देरी से उनके सपने ओर सालभर की मेहनत बच सके
नियम जरूरी हैं, लेकिन संवेदनशीलता भी उतनी ही जरूरी है। आखिर इन परीक्षाओं के पीछे सिर्फ रोल नंबर नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के सपने और उनके परिवारों की उम्मीदें जुड़ी होती हैं।
वीडियो मध्यप्रदेश का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, एक पिता अपनी बेटी को RE-NEET परीक्षा दिलाने परीक्षा केंद्र पहुंचे थे। कहा जा रहा है कि वे निर्धारित समय से मात्र 2 मिनट देरी से पहुंचे। गार्ड से काफी अनुरोध किया गया, लेकिन वहां मौजूद स्टाफ द्वारा अभद्र व्यवहार किए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
निस्संदेह, परीक्षा के नियमों का पालन करना प्रत्येक अभ्यर्थी की जिम्मेदारी है और सभी को निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचना चाहिए। लेकिन क्या सारी जवाबदेही केवल अभ्यर्थियों और उनके परिवारों की ही है?
जब चाहो परीक्षा स्थगित कर दो, जब चाहो निरस्त कर दो, जब चाहो नई तारीख घोषित कर दो इन फैसलों का मानसिक, आर्थिक और सामाजिक नुकसान आखिर अभ्यर्थी ही क्यों भुगते?
Sangod, Kota | Jun 22, 2026