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भाजपा की हुई पंचायत समिति सलूनी चुनाव में बडी जीत

Chamba, Chamba | Jul 4, 2026

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चम्बा की शान 'सलूणी सफेद मक्का' को मिला GI टैग, संगठन ने जताई खुशी; किसानों से पारंपरिक सफेद मक्का की अधिक से अधिक बिजाई की अपील
सलूणी (चम्बा): चम्बा जिले की प्रसिद्ध एवं पारंपरिक सलूणी सफेद मक्का को भौगोलिक संकेत (GI) टैग मिलने पर पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर सफेद मक्का संगठन के प्रधान याकूब मागरा और सचिव कृष्ण पंडित ने हर्ष व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के किसानों और स्थानीय समुदाय की वर्षों की मेहनत का सम्मान बताया।
संगठन के प्रधान याकूब मागरा ने कहा कि सलूणी सफेद मक्का को GI टैग मिलना पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक टैग नहीं, बल्कि पूर्वजों द्वारा संरक्षित पारंपरिक बीजों और किसानों की मेहनत को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान है। इससे उत्पाद की प्रामाणिकता सुरक्षित होगी, बिचौलियों की भूमिका कम होगी और किसानों को बेहतर दाम मिलने की संभावना बढ़ेगी।
वहीं सलूणी श्वेत मक्का संगठन के प्रधान याक़ूब मागरा, सचिव कृष्ण पंडित आदि जानकारी देते हुऐ।
सलूणी ब्लॉक के सभी किसान भाइयों और बहनों से अपील करते हुए कहा कि GI टैग मिलने से अब सलूणी सफेद मक्का की पहचान वैश्विक बाजार तक पहुंचेगी। उन्होंने किसानों से इस सीजन में अधिक से अधिक क्षेत्र में पारंपरिक सफेद मक्का की बिजाई करने का आग्रह किया। साथ ही आश्वस्त किया कि संगठन किसानों को उन्नत एवं पारंपरिक बीज तथा हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश के जिन 8 पारंपरिक उत्पादों को GI टैग प्राप्त हुआ है, उनमें सलूणी सफेद मक्का भी शामिल है। ऊंचाई वाले ठंडे क्षेत्रों में पारंपरिक तरीके से उगाई जाने वाली इस मक्का के दाने सफेद, बड़े, मुलायम और स्वादिष्ट होते हैं, जिनका स्थानीय खान-पान और संस्कृति में विशेष महत्व है। GI टैग मिलने से अब इस अनूठे उत्पाद की पहचान और प्रामाणिकता राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुरक्षित हो गई है।
— सुनील पहाड़ी | पहाड़ी न्यूज़
#SalooniWhiteMaize #GITag #Chamba #HimachalPradesh #Salooni #WhiteMaize #Farmers #PahadiNews #Agriculture #TraditionalCrops

चम्बा की शान 'सलूणी सफेद मक्का' को मिला GI टैग, संगठन ने जताई खुशी; किसानों से पारंपरिक सफेद मक्का की अधिक से अधिक बिजाई की अपील सलूणी (चम्बा): चम्बा जिले की प्रसिद्ध एवं पारंपरिक सलूणी सफेद मक्का को भौगोलिक संकेत (GI) टैग मिलने पर पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर सफेद मक्का संगठन के प्रधान याकूब मागरा और सचिव कृष्ण पंडित ने हर्ष व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के किसानों और स्थानीय समुदाय की वर्षों की मेहनत का सम्मान बताया। संगठन के प्रधान याकूब मागरा ने कहा कि सलूणी सफेद मक्का को GI टैग मिलना पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक टैग नहीं, बल्कि पूर्वजों द्वारा संरक्षित पारंपरिक बीजों और किसानों की मेहनत को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान है। इससे उत्पाद की प्रामाणिकता सुरक्षित होगी, बिचौलियों की भूमिका कम होगी और किसानों को बेहतर दाम मिलने की संभावना बढ़ेगी। वहीं सलूणी श्वेत मक्का संगठन के प्रधान याक़ूब मागरा, सचिव कृष्ण पंडित आदि जानकारी देते हुऐ। सलूणी ब्लॉक के सभी किसान भाइयों और बहनों से अपील करते हुए कहा कि GI टैग मिलने से अब सलूणी सफेद मक्का की पहचान वैश्विक बाजार तक पहुंचेगी। उन्होंने किसानों से इस सीजन में अधिक से अधिक क्षेत्र में पारंपरिक सफेद मक्का की बिजाई करने का आग्रह किया। साथ ही आश्वस्त किया कि संगठन किसानों को उन्नत एवं पारंपरिक बीज तथा हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश के जिन 8 पारंपरिक उत्पादों को GI टैग प्राप्त हुआ है, उनमें सलूणी सफेद मक्का भी शामिल है। ऊंचाई वाले ठंडे क्षेत्रों में पारंपरिक तरीके से उगाई जाने वाली इस मक्का के दाने सफेद, बड़े, मुलायम और स्वादिष्ट होते हैं, जिनका स्थानीय खान-पान और संस्कृति में विशेष महत्व है। GI टैग मिलने से अब इस अनूठे उत्पाद की पहचान और प्रामाणिकता राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुरक्षित हो गई है। — सुनील पहाड़ी | पहाड़ी न्यूज़ #SalooniWhiteMaize #GITag #Chamba #HimachalPradesh #Salooni #WhiteMaize #Farmers #PahadiNews #Agriculture #TraditionalCrops

Chamba, Chamba | Jul 4, 2026

चम्बा की शान 'सलूणी सफेद मक्का' को मिला GI टैग, संगठन ने जताई खुशी; किसानों से पारंपरिक सफेद मक्का की अधिक से अधिक बिजाई की अपील
सलूणी (चम्बा): चम्बा जिले की प्रसिद्ध एवं पारंपरिक सलूणी सफेद मक्का को भौगोलिक संकेत (GI) टैग मिलने पर पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर सफेद मक्का संगठन के प्रधान याकूब मागरा और सचिव कृष्ण पंडित ने हर्ष व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के किसानों और स्थानीय समुदाय की वर्षों की मेहनत का सम्मान बताया।
संगठन के प्रधान याकूब मागरा ने कहा कि सलूणी सफेद मक्का को GI टैग मिलना पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक टैग नहीं, बल्कि पूर्वजों द्वारा संरक्षित पारंपरिक बीजों और किसानों की मेहनत को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान है। इससे उत्पाद की प्रामाणिकता सुरक्षित होगी, बिचौलियों की भूमिका कम होगी और किसानों को बेहतर दाम मिलने की संभावना बढ़ेगी।
वहीं सलूणी श्वेत मक्का संगठन के प्रधान याक़ूब मागरा, सचिव कृष्ण पंडित आदि जानकारी देते हुऐ।
सलूणी ब्लॉक के सभी किसान भाइयों और बहनों से अपील करते हुए कहा कि GI टैग मिलने से अब सलूणी सफेद मक्का की पहचान वैश्विक बाजार तक पहुंचेगी। उन्होंने किसानों से इस सीजन में अधिक से अधिक क्षेत्र में पारंपरिक सफेद मक्का की बिजाई करने का आग्रह किया। साथ ही आश्वस्त किया कि संगठन किसानों को उन्नत एवं पारंपरिक बीज तथा हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश के जिन 8 पारंपरिक उत्पादों को GI टैग प्राप्त हुआ है, उनमें सलूणी सफेद मक्का भी शामिल है। ऊंचाई वाले ठंडे क्षेत्रों में पारंपरिक तरीके से उगाई जाने वाली इस मक्का के दाने सफेद, बड़े, मुलायम और स्वादिष्ट होते हैं, जिनका स्थानीय खान-पान और संस्कृति में विशेष महत्व है। GI टैग मिलने से अब इस अनूठे उत्पाद की पहचान और प्रामाणिकता राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुरक्षित हो गई है।
— सुनील पहाड़ी | पहाड़ी न्यूज़
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चम्बा की शान 'सलूणी सफेद मक्का' को मिला GI टैग, संगठन ने जताई खुशी; किसानों से पारंपरिक सफेद मक्का की अधिक से अधिक बिजाई की अपील सलूणी (चम्बा): चम्बा जिले की प्रसिद्ध एवं पारंपरिक सलूणी सफेद मक्का को भौगोलिक संकेत (GI) टैग मिलने पर पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर सफेद मक्का संगठन के प्रधान याकूब मागरा और सचिव कृष्ण पंडित ने हर्ष व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के किसानों और स्थानीय समुदाय की वर्षों की मेहनत का सम्मान बताया। संगठन के प्रधान याकूब मागरा ने कहा कि सलूणी सफेद मक्का को GI टैग मिलना पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक टैग नहीं, बल्कि पूर्वजों द्वारा संरक्षित पारंपरिक बीजों और किसानों की मेहनत को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान है। इससे उत्पाद की प्रामाणिकता सुरक्षित होगी, बिचौलियों की भूमिका कम होगी और किसानों को बेहतर दाम मिलने की संभावना बढ़ेगी। वहीं सलूणी श्वेत मक्का संगठन के प्रधान याक़ूब मागरा, सचिव कृष्ण पंडित आदि जानकारी देते हुऐ। सलूणी ब्लॉक के सभी किसान भाइयों और बहनों से अपील करते हुए कहा कि GI टैग मिलने से अब सलूणी सफेद मक्का की पहचान वैश्विक बाजार तक पहुंचेगी। उन्होंने किसानों से इस सीजन में अधिक से अधिक क्षेत्र में पारंपरिक सफेद मक्का की बिजाई करने का आग्रह किया। साथ ही आश्वस्त किया कि संगठन किसानों को उन्नत एवं पारंपरिक बीज तथा हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश के जिन 8 पारंपरिक उत्पादों को GI टैग प्राप्त हुआ है, उनमें सलूणी सफेद मक्का भी शामिल है। ऊंचाई वाले ठंडे क्षेत्रों में पारंपरिक तरीके से उगाई जाने वाली इस मक्का के दाने सफेद, बड़े, मुलायम और स्वादिष्ट होते हैं, जिनका स्थानीय खान-पान और संस्कृति में विशेष महत्व है। GI टैग मिलने से अब इस अनूठे उत्पाद की पहचान और प्रामाणिकता राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुरक्षित हो गई है। — सुनील पहाड़ी | पहाड़ी न्यूज़ #SalooniWhiteMaize #GITag #Chamba #HimachalPradesh #Salooni #WhiteMaize #Farmers #PahadiNews #Agriculture #TraditionalCrops

Chamba, Chamba | Jul 4, 2026

🌽 सलूणी के श्वेत मक्का को मिला GI टैग!
श्वेत मक्का संगठन के प्रधान याक़ूब मागरा, सचिव कृष्ण पंडित व अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि यह उपलब्धि सलूणी, चम्बा और पूरे हिमाचल प्रदेश के किसानों के लिए गर्व का विषय है। जानिए GI टैग मिलने से किसानों और श्वेत मक्का को क्या होगा बड़ा फायदा।

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🌽 सलूणी के श्वेत मक्का को मिला GI टैग! श्वेत मक्का संगठन के प्रधान याक़ूब मागरा, सचिव कृष्ण पंडित व अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि यह उपलब्धि सलूणी, चम्बा और पूरे हिमाचल प्रदेश के किसानों के लिए गर्व का विषय है। जानिए GI टैग मिलने से किसानों और श्वेत मक्का को क्या होगा बड़ा फायदा। #pmoindia #viralvideo #SalooniWhiteMaize #GITag #Salooni #Chamba #Himachal #YakubMagra #KrishanPandit #WhiteMaize #Farmers #Agriculture #ChambaToday #BreakingNews #ViralVideo #HimachalNews #ChambaNews #LocalToGlobal

Chamba, Chamba | Jul 4, 2026

*चम्बा-तीसा मार्ग रखालू मंदिर के पास लैंडस्लाइड से बंद, वाहनों की आवाजाही ठप*

*चम्बा-तीसा मार्ग रखालू मंदिर के पास लैंडस्लाइड से बंद, वाहनों की आवाजाही ठप*

Chamba, Chamba | Jul 4, 2026

भरमौर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कूंर में शिक्षकों का भारी संकट, जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर छात्र; अभिभावकों ने उपायुक्त से लगाई गुहार

भरमौर, 04 जुलाई (चम्बा)
जनजातीय जिला चम्बा के दूरदराज क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था आज भी गंभीर चुनौतियों से जूझ रही है। जिले के कई सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कई स्कूलों में एक ही शिक्षक को पांच से छह कक्षाओं के विद्यार्थियों को पढ़ाने के साथ-साथ अतिरिक्त प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी निभानी पड़ रही हैं। भरमौर विधानसभा क्षेत्र के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कूंर की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है। यहां लंबे समय से शिक्षकों के कई महत्वपूर्ण पद रिक्त पड़े हैं, जिससे कक्षा 6 से 12वीं तक के विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। विद्यालय में टीजीटी आर्ट्स, टीजीटी मेडिकल, एल.टी. हिंदी, प्रवक्ता (राजनीति शास्त्र), प्रवक्ता (इतिहास), प्रवक्ता (अंग्रेजी), प्रवक्ता (आई.पी.), प्रधानाचार्य और कार्यालय लिपिक के पद खाली हैं।
विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) और अभिभावकों का कहना है कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 की शुरुआत से ही ये पद रिक्त हैं। पर्याप्त शिक्षकों के अभाव में विद्यार्थियों का पाठ्यक्रम समय पर पूरा नहीं हो पा रहा, जिससे उनके शैक्षणिक भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
स्थिति को और गंभीर बनाते हुए विद्यालय भवन भी जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। सुरक्षा कारणों से नियमित कक्षाओं का संचालन भवन के बाहर वैकल्पिक स्थान पर करना पड़ रहा है। कक्षाओं की कमी के कारण कई कक्षाओं के विद्यार्थियों को एक ही कमरे में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है, जिससे शिक्षण कार्य सुचारु रूप से संचालित नहीं हो पा रहा।
विद्यालय के लिए नए भवन का निर्माण कार्य स्वीकृत होने के बावजूद अब तक शुरू नहीं हो सका है। इसको लेकर भी स्थानीय लोगों में नाराजगी है। पंचायत प्रधान, विद्यालय प्रबंधन समिति और अभिभावकों ने उपायुक्त चम्बा को ज्ञापन सौंपकर विद्यालय में रिक्त सभी पदों को शीघ्र भरने, नए भवन का निर्माण कार्य जल्द शुरू करवाने तथा निर्माण में हो रही देरी के कारणों की जांच करवाने की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो इसका सीधा असर क्षेत्र के विद्यार्थियों की शिक्षा और भविष्य पर पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से इस गंभीर समस्या का शीघ्र समाधान करने की अपील की है।
बाइट: पंचायत प्रधान कल्पना।
बाइट: एसएमसी सदस्य, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कूंर #Dc #chamba #himachl #govt #education #vibhag #cm #himachl #Pradesh

भरमौर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कूंर में शिक्षकों का भारी संकट, जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर छात्र; अभिभावकों ने उपायुक्त से लगाई गुहार भरमौर, 04 जुलाई (चम्बा) जनजातीय जिला चम्बा के दूरदराज क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था आज भी गंभीर चुनौतियों से जूझ रही है। जिले के कई सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कई स्कूलों में एक ही शिक्षक को पांच से छह कक्षाओं के विद्यार्थियों को पढ़ाने के साथ-साथ अतिरिक्त प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी निभानी पड़ रही हैं। भरमौर विधानसभा क्षेत्र के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कूंर की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है। यहां लंबे समय से शिक्षकों के कई महत्वपूर्ण पद रिक्त पड़े हैं, जिससे कक्षा 6 से 12वीं तक के विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। विद्यालय में टीजीटी आर्ट्स, टीजीटी मेडिकल, एल.टी. हिंदी, प्रवक्ता (राजनीति शास्त्र), प्रवक्ता (इतिहास), प्रवक्ता (अंग्रेजी), प्रवक्ता (आई.पी.), प्रधानाचार्य और कार्यालय लिपिक के पद खाली हैं। विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) और अभिभावकों का कहना है कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 की शुरुआत से ही ये पद रिक्त हैं। पर्याप्त शिक्षकों के अभाव में विद्यार्थियों का पाठ्यक्रम समय पर पूरा नहीं हो पा रहा, जिससे उनके शैक्षणिक भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। स्थिति को और गंभीर बनाते हुए विद्यालय भवन भी जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। सुरक्षा कारणों से नियमित कक्षाओं का संचालन भवन के बाहर वैकल्पिक स्थान पर करना पड़ रहा है। कक्षाओं की कमी के कारण कई कक्षाओं के विद्यार्थियों को एक ही कमरे में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है, जिससे शिक्षण कार्य सुचारु रूप से संचालित नहीं हो पा रहा। विद्यालय के लिए नए भवन का निर्माण कार्य स्वीकृत होने के बावजूद अब तक शुरू नहीं हो सका है। इसको लेकर भी स्थानीय लोगों में नाराजगी है। पंचायत प्रधान, विद्यालय प्रबंधन समिति और अभिभावकों ने उपायुक्त चम्बा को ज्ञापन सौंपकर विद्यालय में रिक्त सभी पदों को शीघ्र भरने, नए भवन का निर्माण कार्य जल्द शुरू करवाने तथा निर्माण में हो रही देरी के कारणों की जांच करवाने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो इसका सीधा असर क्षेत्र के विद्यार्थियों की शिक्षा और भविष्य पर पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से इस गंभीर समस्या का शीघ्र समाधान करने की अपील की है। बाइट: पंचायत प्रधान कल्पना। बाइट: एसएमसी सदस्य, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कूंर #Dc #chamba #himachl #govt #education #vibhag #cm #himachl #Pradesh

Chamba, Chamba | Jul 4, 2026

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