छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिला मुख्यालय अम्बिकापुर के निजी ‘सिद्धार्थ हॉस्पिटल’ से सामने आई रूह कंपा देने वाली लापरवाही ने पूरे स्वास्थ्य महकमे को कटघरे में खड़ा कर दिया है। यहां इलाज कराने पहुंचे साढ़े तीन साल के एक मासूम बच्चे को अस्पताल स्टाफ ने महीनों पहले एक्सपायर हो चुका 'अमिकैसिन' इंजेक्शन लगा दिया। परिजनों के हंगामे के बाद जब कलेक्टर के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मारा, तो अस्पताल के एक्टिव स्टॉक से अप्रैल 2026 में ही एक्सपायर हो चुके कई इंजेक्शन बरामद किए गए। यह महज एक चूक नहीं, बल्कि चंद रुपयों और घोर लापरवाही के चलते मासूम की जान से किया गया खुला खिलवाड़ है।
स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम ने दवाएं जब्त कर नोटिस जारी करने की कागजी प्रक्रिया तो शुरू कर दी है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक्सपायरी दवाएं अस्पताल की फार्मेसी में खपाई किसके इशारे पर जा रही थीं? क्या इससे पहले भी कई मरीजों को ऐसी ही दवाइयां दी जा चुकी हैं? जनता और पीड़ित परिवार अब सिर्फ जांच का आश्वासन नहीं, बल्कि अस्पताल का लाइसेंस तुरंत रद्द करने और गैर-जिम्मेदार प्रबंधन पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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