पेंशनरों की मांगों पर घमासान, संघर्ष समिति ने आत्माराम के दावे को बताया झूठा
बोले- 35 फीसदी एरियर का लाभ पहले ही मिल चुका, 14 सितंबर की बैठक को लेकर भी उठाए सवाल
हिमाचल प्रदेश पेंशनरज संयुक्त संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश ठाकुर और अतिरिक्त महासचिव भूपराम वर्मा ने एक संयुक्त बयान जारी कर कुछ समाचार पत्रों में छपी उस खबर का भरपूर खडन किया है जिसमें हिमाचल प्रदेश ज्वाइंट फ्रंट के स्वयंभू नेता आत्माराम शर्मा द्वारा यह दावा किया गया है कि वह पिछले कल मुख्यमंत्री से एक प्रतिनिधि मंडल के रूप में मिला और उस दौरान पेंशनरज की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर चर्चा हुई!आत्माराम का यह कहना है कि 18 अगस्त 2026 को जारी अधिसूचना का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया जिसके तहत तृतीय श्रेणी के पेंशनरज को पेंशन एरियर के 35% लाभ के लिए तय की गई 40000 बेसिक पेंशन की सीमा को हटाया जाए! उनके अनुसार यह भी कहा गया कि मुख्यमंत्री ने इस मांग पर सहानुभूति से विचार करते हुए तत्काल प्रभाव से आवश्यक आदेश जारी किए है! साथ में यह भी कहा है कि 14 सितंबर को फ्रंट के साथ सचिवालय में एक विशेष बैठक की जाएगी!
भूपराम वर्मा ने कहा कि यह बयान एक भ्रामक, निराधार और तथ्य से परे हैं! वास्तविकता यह है कि हिमाचल प्रदेश सरकार के वित्त विभाग ने 18 अगस्त 2026 की अधिसूचना द्धारा एक शुद्धि पत्र ( Corrigendum No. Fin- (Pen)A(3)-1/2021 - Part -2 दिंनाक 21 अगस्त 2026 जारी कर दिया था और जिसके तहत हिमाचल प्रदेश के क्लास 3 के सभी पेशंनरज को उनके खाते में पिछले महीने ही 12000-13000 रुपए प्राप्त हो गए हैं! इसलिए मुख्यमंत्री का यह कहना कि आदेश दिए गए हैं यह बिल्कुल असत्य है और तथ्य से परे हैं! यह भ्रामक प्रचार सरकार द्वारा और स्वयंभू नेता द्वारा पेंशननरो को भ्रमित करने के लिए फैलाया जा रहा है जिसका हिमाचल प्रदेश पेंशनरज संयुक्त संघर्ष समिति कड़ा विरोध करती है! यह सरकार की एक सोची समझी चाल भी हो सकती है कि स्वयंभू नेता को आगे करके सरकार का 14 तारीख को किसी भी झूठी घोषणा का धन्यवाद कराया जाए! स्वयंभू नेता को ऐसी बैठक करने का कोई अधिकार भी 1, 90,000 पेंशनरज ने नहीं दिया है जिसका विरोध और बहिष्कार लोगों ने शिमला की एक सितंबर 2026 की रैली में किया है!
भूपराम वर्मा ने यह भी आशंका जहर की कि पिछले कल आए हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के फैसले पर महंगाई भत्ते की अदायगी के बारे में सरकार अपील कर सकती है ताकि डीए का मसाला कोर्ट में
चलता रहे और नामी वकीलों को आम पब्लिक के टैक्स का पैसा देकर अगले कोर्ट में अपील करने के लिए खर्च किया जाए!
वर्मा ने आगे कहा की हिमाचल प्रदेश पेशंसरज संयुक्त संघर्ष समिति हिमाचल प्रदेश के सभी कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारीओ से बातचीत कर रही है और एक बड़ी बैठक सभी संगठनों के साथ रखी जाएगी कर्मचारी और पेंशनरज के सरकार के पास लंबित मांगों को लड़ने के लिए एक संयुक्त मोर्चा तैयार किया जा सके जिस पर समिति कार्य कर रही है!
वर्मा ने आगे कहा कि संयुक्त संघर्ष समिति 18 सितंबर 2026 को बिलासपुर में पेशंसरज के 18 बड़े संगठनों की एक विशेष मीटिंग करने जा रही है जिसमें सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने के लिए रणनीति तय होगी!
भूपराम वर्मा
प्रदेश अतिरिक्त महासचिव
हिमाचल प्रदेश पेंशनरज संयुक्त संघर्ष समिति!