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The 4th Tamil Nadu State Level Championship Was Held At TUTICORIN, In Which About 70 Throwers Participated From 12 Districts Across The State

18.1k views | Chhindwara Nagar, Chhindwara | Nov 8, 2023

MORE NEWS

कुलगुरु डॉ. त्रिपाठी ने तामिया कॉलेज का किया निरीक्षण, परीक्षा व्यवस्थाओं पर संतुष्टि व्यक्त की
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शासकीय महाविद्यालय तामिया में छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. इंद्र प्रसाद त्रिपाठी का औचक आगमन हुआ। इस दौरान उन्होंने महाविद्यालय में संचालित विश्वविद्यालयीन परीक्षाओं की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया तथा परीक्षा केंद्र का भ्रमण कर परीक्षा संचालन की प्रक्रिया का जायजा लिया।
      निरीक्षण के दौरान कुलगुरु ने परीक्षा कक्षों का अवलोकन करते हुए परीक्षा की पारदर्शिता, गोपनीयता एवं अनुशासन बनाए रखने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने परीक्षा कार्य में लगे अधिकारियों एवं कर्मचारियों से चर्चा कर व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के उपरांत कुलगुरु ने महाविद्यालय में नियमानुसार एवं सुव्यवस्थित ढंग से संचालित हो रही विश्वविद्यालयीन परीक्षाओं पर संतुष्टि व्यक्त की।
      इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य श्री विजय सिंह सिरसाम ने कुलगुरु को महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों, नियमित कार्यवाही, विद्यार्थियों की समस्याओं एवं उपलब्ध संसाधनों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। कुलगुरु ने विद्यार्थियों के हित में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिये आवश्यक सुझाव भी प्रदान किए।
      विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में कुलगुरु डॉ. त्रिपाठी ने महाविद्यालय परिसर में आंवला एवं आम के पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित करने का संकल्प है। उन्होंने विद्यार्थियों एवं स्टाफ से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का आह्वान किया।
     कार्यक्रम के दौरान डॉ. सीताराम शर्मा, विभागाध्यक्ष हिंदी, गर्ल्स कॉलेज छिंदवाड़ा भी उपस्थित रहे। साथ ही कुलगुरु ने तामिया में चल रहे शिक्षा मंडल के अभ्यास वर्ग में सहभागिता करते हुए शिक्षा, संस्कार और राष्ट्र निर्माण में शिक्षण संस्थाओं की भूमिका पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने पर बल दिया। निरीक्षण एवं अन्य कार्यक्रमों के दौरान महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित था।

कुलगुरु डॉ. त्रिपाठी ने तामिया कॉलेज का किया निरीक्षण, परीक्षा व्यवस्थाओं पर संतुष्टि व्यक्त की ============================================================= शासकीय महाविद्यालय तामिया में छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. इंद्र प्रसाद त्रिपाठी का औचक आगमन हुआ। इस दौरान उन्होंने महाविद्यालय में संचालित विश्वविद्यालयीन परीक्षाओं की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया तथा परीक्षा केंद्र का भ्रमण कर परीक्षा संचालन की प्रक्रिया का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कुलगुरु ने परीक्षा कक्षों का अवलोकन करते हुए परीक्षा की पारदर्शिता, गोपनीयता एवं अनुशासन बनाए रखने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने परीक्षा कार्य में लगे अधिकारियों एवं कर्मचारियों से चर्चा कर व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के उपरांत कुलगुरु ने महाविद्यालय में नियमानुसार एवं सुव्यवस्थित ढंग से संचालित हो रही विश्वविद्यालयीन परीक्षाओं पर संतुष्टि व्यक्त की। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य श्री विजय सिंह सिरसाम ने कुलगुरु को महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों, नियमित कार्यवाही, विद्यार्थियों की समस्याओं एवं उपलब्ध संसाधनों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। कुलगुरु ने विद्यार्थियों के हित में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिये आवश्यक सुझाव भी प्रदान किए। विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में कुलगुरु डॉ. त्रिपाठी ने महाविद्यालय परिसर में आंवला एवं आम के पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित करने का संकल्प है। उन्होंने विद्यार्थियों एवं स्टाफ से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान डॉ. सीताराम शर्मा, विभागाध्यक्ष हिंदी, गर्ल्स कॉलेज छिंदवाड़ा भी उपस्थित रहे। साथ ही कुलगुरु ने तामिया में चल रहे शिक्षा मंडल के अभ्यास वर्ग में सहभागिता करते हुए शिक्षा, संस्कार और राष्ट्र निर्माण में शिक्षण संस्थाओं की भूमिका पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने पर बल दिया। निरीक्षण एवं अन्य कार्यक्रमों के दौरान महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित था।

Chhindwara, Madhya Pradesh | Jun 6, 2026

नगर निगम की कार्रवाई: होटलों और रेस्टोरेंट्स में अग्नि सुरक्षा की गहन जांच, फायर एक्सटिंग्विशर के उपयोग का किया प्रदर्शन
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नगर निगम आयुक्त श्री सी.पी. राय के निर्देशानुसार शहर में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आज नगर निगम द्वारा व्यापक जांच अभियान चलाया गया। नगर निगम के फायर अधिकारी अभिषेक दुबे ने अपनी टीम के साथ शहर के विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, रेस्टोरेंट्स और होटलों का निरीक्षण किया।
      जांच के दौरान प्रतिष्ठानों में स्थापित फायर फाइटिंग सिस्टम, फायर अलार्म, फायर एक्सटिंग्विशर, हाइड्रेंट सिस्टम तथा आपातकालीन निकास मार्गों की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया गया। साथ ही अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र (सेफ्टी सर्टिफिकेट) एवं फायर ऑडिट से संबंधित दस्तावेजों की भी गहन जांच की गई।
       फायर सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थानों जैसे किचन एरिया, स्टोर रूम, ट्रांसफार्मर और जनरेटर के आसपास के क्षेत्रों को लेकर संचालकों एवं कर्मचारियों को जागरूक किया गया। टीम द्वारा आपातकालीन परिस्थितियों में फायर एक्सटिंग्विशर के सही उपयोग का प्रदर्शन भी किया गया। इसके अलावा कर्मचारियों को आग लगने जैसी स्थिति में आपातकालीन निकास द्वारों का सुरक्षित एवं प्रभावी ढंग से उपयोग करने संबंधी जानकारी दी गई।
      निरीक्षण के दौरान कई प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गईं। ऐसे संस्थानों को नगर निगम की ओर से नोटिस जारी कर आवश्यक सुधार शीघ्र करने के निर्देश दिए गए हैं।

नगर निगम की कार्रवाई: होटलों और रेस्टोरेंट्स में अग्नि सुरक्षा की गहन जांच, फायर एक्सटिंग्विशर के उपयोग का किया प्रदर्शन ============================================================ नगर निगम आयुक्त श्री सी.पी. राय के निर्देशानुसार शहर में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आज नगर निगम द्वारा व्यापक जांच अभियान चलाया गया। नगर निगम के फायर अधिकारी अभिषेक दुबे ने अपनी टीम के साथ शहर के विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, रेस्टोरेंट्स और होटलों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान प्रतिष्ठानों में स्थापित फायर फाइटिंग सिस्टम, फायर अलार्म, फायर एक्सटिंग्विशर, हाइड्रेंट सिस्टम तथा आपातकालीन निकास मार्गों की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया गया। साथ ही अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र (सेफ्टी सर्टिफिकेट) एवं फायर ऑडिट से संबंधित दस्तावेजों की भी गहन जांच की गई। फायर सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थानों जैसे किचन एरिया, स्टोर रूम, ट्रांसफार्मर और जनरेटर के आसपास के क्षेत्रों को लेकर संचालकों एवं कर्मचारियों को जागरूक किया गया। टीम द्वारा आपातकालीन परिस्थितियों में फायर एक्सटिंग्विशर के सही उपयोग का प्रदर्शन भी किया गया। इसके अलावा कर्मचारियों को आग लगने जैसी स्थिति में आपातकालीन निकास द्वारों का सुरक्षित एवं प्रभावी ढंग से उपयोग करने संबंधी जानकारी दी गई। निरीक्षण के दौरान कई प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गईं। ऐसे संस्थानों को नगर निगम की ओर से नोटिस जारी कर आवश्यक सुधार शीघ्र करने के निर्देश दिए गए हैं।

Chhindwara, Madhya Pradesh | Jun 6, 2026

मानसिक स्वास्थ्य एवं आत्महत्या निषेध विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित
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माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आपराधिक अपील संख्या 1424/2025 में दिए गए निर्णय तथा उच्च शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश के निर्देशों के अनुपालन में शासकीय महाविद्यालय बिछुआ में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण को लेकर आज एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया।
     कार्यक्रम का आयोजन कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन के दिशा-निर्देशों के तहत युवाओं को अवसाद, तनाव एवं आत्महत्या जैसे गंभीर विचारों से दूर रखने तथा उनमें जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया। यह आयोजन प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. लक्ष्मी चंद के मार्गदर्शन एवं शासकीय महाविद्यालय बिछुआ के प्राचार्य डॉ. पी. यादव के सहयोग से संपन्न हुआ।
     कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. साक्षी सहारे ने "मानसिक स्वास्थ्य एवं आत्महत्या निषेध" विषय पर व्याख्यान देते हुए छात्र-छात्राओं को तनाव प्रबंधन, अवसाद के लक्षणों की पहचान तथा उनसे उबरने के व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य के समान महत्वपूर्ण है और तनाव की स्थिति में खुलकर संवाद करना आवश्यक है।
     इस अवसर पर महाविद्यालय के डॉ. विपिन मोखलगाय, मनीष पटेल एवं डॉ. नीरज खंडागले विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में 60 से अधिक छात्र-छात्राओं ने सहभागिता करते हुए मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। शासन की इस पहल की विद्यार्थियों एवं प्रबुद्ध नागरिकों द्वारा सराहना की गई।

मानसिक स्वास्थ्य एवं आत्महत्या निषेध विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित ============================================================ माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आपराधिक अपील संख्या 1424/2025 में दिए गए निर्णय तथा उच्च शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश के निर्देशों के अनुपालन में शासकीय महाविद्यालय बिछुआ में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण को लेकर आज एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन के दिशा-निर्देशों के तहत युवाओं को अवसाद, तनाव एवं आत्महत्या जैसे गंभीर विचारों से दूर रखने तथा उनमें जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया। यह आयोजन प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. लक्ष्मी चंद के मार्गदर्शन एवं शासकीय महाविद्यालय बिछुआ के प्राचार्य डॉ. पी. यादव के सहयोग से संपन्न हुआ। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. साक्षी सहारे ने "मानसिक स्वास्थ्य एवं आत्महत्या निषेध" विषय पर व्याख्यान देते हुए छात्र-छात्राओं को तनाव प्रबंधन, अवसाद के लक्षणों की पहचान तथा उनसे उबरने के व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य के समान महत्वपूर्ण है और तनाव की स्थिति में खुलकर संवाद करना आवश्यक है। इस अवसर पर महाविद्यालय के डॉ. विपिन मोखलगाय, मनीष पटेल एवं डॉ. नीरज खंडागले विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में 60 से अधिक छात्र-छात्राओं ने सहभागिता करते हुए मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। शासन की इस पहल की विद्यार्थियों एवं प्रबुद्ध नागरिकों द्वारा सराहना की गई।

Chhindwara, Madhya Pradesh | Jun 6, 2026

विश्व पर्यावरण दिवस पर ग्राम माल्हनवाड़ा में योग, नुक्कड़ नाटक, पौधरोपण संगोष्ठी एवं पर्यावरण संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
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विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण गतिविधि, सामाजिक संस्थाएं, आयुष विभाग एवं आदर्श फाउंडेशन छिंदवाड़ा के संयुक्त तत्वावधान में गत दिवस ग्राम माल्हनवाड़ा स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर परिसर में योग, ध्यान, संगोष्ठी, नुक्कड़ नाटक, पौधरोपण, नवग्रह वाटिका निर्माण, बीज वितरण एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
     कार्यक्रम का शुभारंभ योग गुरु डॉ. पवन नेमा द्वारा योग एवं ध्यान सत्र से हुआ, जिसमें उपस्थित ग्रामवासियों, विद्यार्थियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने स्वस्थ जीवन एवं पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। इसके बाद पर्यावरण संरक्षण विषय पर डॉ. पवन नेमा के निर्देशन में नुक्कड़ नाटक "जल, जंगल, जमीन" के मंचन के साथ संगोष्ठी आयोजित की गई, जिसके माध्यम से जल, जंगल, जमीन और जैव विविधता संरक्षण का संदेश दिया गया।
     आयोजन का मुख्य आकर्षण नुक्कड़ नाटक रहा, जिसे जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया। नाटक के माध्यम से उपस्थित जनसमुदाय को पर्यावरण संरक्षण का बेहद मार्मिक एवं प्रभावी संदेश दिया गया। इस सफल नाटक का सह-निर्देशन ऋषभ स्थापक द्वारा किया गया। मंच पर कलाकार के रूप में श्री प्रवीण वान्दे एवं श्री शिवांग भारद्वाज ने अपने जीवंत अभिनय से सभी का मन मोह लिया। नाटक की प्रभावशीलता और कलाकारों के शानदार अभिनय की उपस्थित अतिथियों एवं ग्रामीणों ने सराहना की।
      कार्यक्रम में मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों का स्वागत पौधा भेंट कर किया गया। इस अवसर पर परिसर में पौधरोपण किया गया तथा नवग्रह वाटिका की स्थापना कर औषधीय एवं पर्यावरणीय महत्व के पौधे लगाए गए। साथ ही उपस्थित जनसमुदाय को विभिन्न प्रजातियों के बीज एवं पौधों का वितरण भी किया गया।
      कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला आयुष अधिकारी डॉ. प्रमिला यावतकर उपस्थित थीं। अन्य गणमान्य अतिथियों में डॉ. रश्मि नेमा, आयुष्मान आरोग्य मंदिर के योग प्रशिक्षक एवं नेमा क्षारसूत्र संस्थान के निदेशक डॉ. पवन नेमा, डॉ. अंकुश साहू, पर्यावरण संरक्षण गतिविधि विभाग संयोजक श्री दिगंबर सिंह, जिला पर्यावरण सह-संयोजक श्री अरुण अड़े, सामाजिक संस्था जिला प्रमुख एवं आदर्श फाउंडेशन छिंदवाड़ा के अध्यक्ष डॉ. महेश बंदेवार, सुश्री नीलिमा पुरी गोस्वामी, श्रीमती प्रीति बंदेवार, हमारा संकल्प वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष डॉ. एन.के. सोमकुंवर, मुस्कान फाउंडेशन की श्रीमती ललिता सरवैया, श्री अरविंद कुशवाह, श्रीमती अलकनंदा दुर्गे, अपूर्वा फाउंडेशन के श्री संजय साहू, डॉ. दीपसिंह मालवी, भगवान परशुराम संस्था के श्री सुनील तिवारी, दिनेश बंदेवार, श्री ऋषभ स्थापक, श्री प्रवीण बंदे, श्री शिवांग भारद्वाज, आयुष्मान आरोग्य मंदिर के पैरामेडिकल स्टाफ, विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।
     कार्यक्रम के दौरान "हरित छिंदवाड़ा, स्वच्छ छिंदवाड़ा, स्वस्थ छिंदवाड़ा एवं खुशहाल छिंदवाड़ा" का संदेश देते हुए सभी नागरिकों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में सहभागी बनने का आह्वान किया गया।

विश्व पर्यावरण दिवस पर ग्राम माल्हनवाड़ा में योग, नुक्कड़ नाटक, पौधरोपण संगोष्ठी एवं पर्यावरण संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित =========================================================== विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण गतिविधि, सामाजिक संस्थाएं, आयुष विभाग एवं आदर्श फाउंडेशन छिंदवाड़ा के संयुक्त तत्वावधान में गत दिवस ग्राम माल्हनवाड़ा स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर परिसर में योग, ध्यान, संगोष्ठी, नुक्कड़ नाटक, पौधरोपण, नवग्रह वाटिका निर्माण, बीज वितरण एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ योग गुरु डॉ. पवन नेमा द्वारा योग एवं ध्यान सत्र से हुआ, जिसमें उपस्थित ग्रामवासियों, विद्यार्थियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने स्वस्थ जीवन एवं पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। इसके बाद पर्यावरण संरक्षण विषय पर डॉ. पवन नेमा के निर्देशन में नुक्कड़ नाटक "जल, जंगल, जमीन" के मंचन के साथ संगोष्ठी आयोजित की गई, जिसके माध्यम से जल, जंगल, जमीन और जैव विविधता संरक्षण का संदेश दिया गया। आयोजन का मुख्य आकर्षण नुक्कड़ नाटक रहा, जिसे जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया। नाटक के माध्यम से उपस्थित जनसमुदाय को पर्यावरण संरक्षण का बेहद मार्मिक एवं प्रभावी संदेश दिया गया। इस सफल नाटक का सह-निर्देशन ऋषभ स्थापक द्वारा किया गया। मंच पर कलाकार के रूप में श्री प्रवीण वान्दे एवं श्री शिवांग भारद्वाज ने अपने जीवंत अभिनय से सभी का मन मोह लिया। नाटक की प्रभावशीलता और कलाकारों के शानदार अभिनय की उपस्थित अतिथियों एवं ग्रामीणों ने सराहना की। कार्यक्रम में मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों का स्वागत पौधा भेंट कर किया गया। इस अवसर पर परिसर में पौधरोपण किया गया तथा नवग्रह वाटिका की स्थापना कर औषधीय एवं पर्यावरणीय महत्व के पौधे लगाए गए। साथ ही उपस्थित जनसमुदाय को विभिन्न प्रजातियों के बीज एवं पौधों का वितरण भी किया गया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला आयुष अधिकारी डॉ. प्रमिला यावतकर उपस्थित थीं। अन्य गणमान्य अतिथियों में डॉ. रश्मि नेमा, आयुष्मान आरोग्य मंदिर के योग प्रशिक्षक एवं नेमा क्षारसूत्र संस्थान के निदेशक डॉ. पवन नेमा, डॉ. अंकुश साहू, पर्यावरण संरक्षण गतिविधि विभाग संयोजक श्री दिगंबर सिंह, जिला पर्यावरण सह-संयोजक श्री अरुण अड़े, सामाजिक संस्था जिला प्रमुख एवं आदर्श फाउंडेशन छिंदवाड़ा के अध्यक्ष डॉ. महेश बंदेवार, सुश्री नीलिमा पुरी गोस्वामी, श्रीमती प्रीति बंदेवार, हमारा संकल्प वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष डॉ. एन.के. सोमकुंवर, मुस्कान फाउंडेशन की श्रीमती ललिता सरवैया, श्री अरविंद कुशवाह, श्रीमती अलकनंदा दुर्गे, अपूर्वा फाउंडेशन के श्री संजय साहू, डॉ. दीपसिंह मालवी, भगवान परशुराम संस्था के श्री सुनील तिवारी, दिनेश बंदेवार, श्री ऋषभ स्थापक, श्री प्रवीण बंदे, श्री शिवांग भारद्वाज, आयुष्मान आरोग्य मंदिर के पैरामेडिकल स्टाफ, विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान "हरित छिंदवाड़ा, स्वच्छ छिंदवाड़ा, स्वस्थ छिंदवाड़ा एवं खुशहाल छिंदवाड़ा" का संदेश देते हुए सभी नागरिकों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में सहभागी बनने का आह्वान किया गया।

Chhindwara, Madhya Pradesh | Jun 6, 2026

"सफलता की कहानी"

कृषक कल्याण वर्ष 2026:

उद्यानिकी खेती ने बदली किसान की दशा

एक एकड़ टमाटर की खेती से किसान ने कमाए लाखों
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कृषक कल्याण वर्ष में मेहनत के साथ सही मार्गदर्शन और आधुनिक तकनीक के साथ मिलकर, खेती भी सफलता की नई इबारत लिख रही है। छिंदवाड़ा जिले के हर्रई विकासखंड के ग्राम राबराखुर्द के किसान श्री विष्णु ने भी सफलता की ऐसी की कहानी लिखी है। उन्होंने उद्यानिकी विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन और अपनी लगन के बल पर मात्र एक एकड़ भूमि में टमाटर की खेती कर लाखों रुपये की आय अर्जित की है।

परंपरागत खेती से आधुनिक खेती की ओर बढ़ाया कदम - करीब तीन एकड़ कृषि भूमि के स्वामी कृषक श्री विष्णु पहले परंपरागत फसलों की खेती करते थे, जिससे उन्हें सीमित आमदनी होती थी। बेहतर आय की तलाश में उन्होंने वर्ष 2025-26 में उद्यानिकी विभाग के सुझाव पर एक एकड़ भूमि में ड्रिप सिंचाई पद्धति से टमाटर की खेती शुरू की। यह निर्णय उनके जीवन में आर्थिक बदलाव का आधार बना।

"धरती माँ की गोद में, सपनों का बीज लगाया, मेहनत की हर बूंद से, सफलता का फूल खिलाया।"

तकनीकी मार्गदर्शन बना सफलता की कुंजी - जिले के उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने उन्हें उन्नत किस्म के बीज, फसल प्रबंधन, संतुलित उर्वरक उपयोग, कीट एवं रोग नियंत्रण तथा सिंचाई प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी। समय-समय पर मिले मार्गदर्शन से फसल का विकास बेहतर हुआ और उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।

"ड्रिप की हर इक बूँद ने, उम्मीदों को सींचा है, वैज्ञानिक खेती ने फिर, भाग्य नया खींचा है।"

लागत कम, उत्पादन अधिक - टमाटर की खेती में बीज, खाद, दवाई, श्रम एवं अन्य कृषि कार्यों पर लगभग 1.50 लाख रुपये की लागत आई। ड्रिप सिंचाई और वैज्ञानिक खेती के कारण उन्हें लगभग 1000 कैरेट टमाटर का उत्पादन प्राप्त हुआ। बाजार में औसतन 450 रुपये प्रति कैरेट की दर मिलने से कुल आय लगभग 4.50 लाख रुपये हुई।

"टमाटर की लालिमा ने, जीवन में रंग भरे, सूनी राहों पर जैसे, खुशियों के दीप जले।"

एक एकड़ से तीन लाख रुपये का शुद्ध लाभ - उत्पादन लागत निकालने के बाद किसान श्री विष्णु को लगभग 3 लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ है। इस आय से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि परिवार के जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आया है।

"एक एकड़ की धरती ने, लाखों का मान दिया, मेहनत और लगन ने ही, किसान को सम्मान दिया।"

क्षेत्र के किसानों के लिए बने प्रेरणा स्रोत - कृषक श्री विष्णु की सफलता ने आसपास के किसानों में भी नई उम्मीद जगाई है। अब क्षेत्र के अनेक किसान उद्यानिकी फसलों और आधुनिक सिंचाई तकनीकों को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। श्री विष्णु अपनी सफलता का श्रेय अपनी मेहनत, परिवार के सहयोग और शासन के उद्यानिकी विभाग द्वारा मिले तकनीकी मार्गदर्शन को देते हैं।

"कृषक विष्णु की यह गाथा अब, प्रेरणा का संदेश बने, हर किसान के जीवन में, समृद्धि का परिवेश बने।"

खेती में नवाचार से समृद्धि का रास्ता - कृषक की सफलता की यह कहानी इस बात का उदाहरण है कि यदि किसान वैज्ञानिक पद्धतियों, आधुनिक तकनीकों और विभागीय मार्गदर्शन का लाभ लें, तो कम भूमि में भी बेहतर उत्पादन और अधिक आय प्राप्त कर सकते हैं। कृषक श्री विष्णु की उपलब्धि शासन द्वारा मनाए जा रहे कृषक कल्याण वर्ष 2026 की भावना को साकार कर रही है और अन्य किसानों को भी उद्यानिकी फसलों के उत्पादन और आधुनिक सिंचाई तकनीकों को अपनाने की प्रेरणा दे रही है।

"सफलता की कहानी" कृषक कल्याण वर्ष 2026: उद्यानिकी खेती ने बदली किसान की दशा एक एकड़ टमाटर की खेती से किसान ने कमाए लाखों ========================================================= कृषक कल्याण वर्ष में मेहनत के साथ सही मार्गदर्शन और आधुनिक तकनीक के साथ मिलकर, खेती भी सफलता की नई इबारत लिख रही है। छिंदवाड़ा जिले के हर्रई विकासखंड के ग्राम राबराखुर्द के किसान श्री विष्णु ने भी सफलता की ऐसी की कहानी लिखी है। उन्होंने उद्यानिकी विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन और अपनी लगन के बल पर मात्र एक एकड़ भूमि में टमाटर की खेती कर लाखों रुपये की आय अर्जित की है। परंपरागत खेती से आधुनिक खेती की ओर बढ़ाया कदम - करीब तीन एकड़ कृषि भूमि के स्वामी कृषक श्री विष्णु पहले परंपरागत फसलों की खेती करते थे, जिससे उन्हें सीमित आमदनी होती थी। बेहतर आय की तलाश में उन्होंने वर्ष 2025-26 में उद्यानिकी विभाग के सुझाव पर एक एकड़ भूमि में ड्रिप सिंचाई पद्धति से टमाटर की खेती शुरू की। यह निर्णय उनके जीवन में आर्थिक बदलाव का आधार बना। "धरती माँ की गोद में, सपनों का बीज लगाया, मेहनत की हर बूंद से, सफलता का फूल खिलाया।" तकनीकी मार्गदर्शन बना सफलता की कुंजी - जिले के उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने उन्हें उन्नत किस्म के बीज, फसल प्रबंधन, संतुलित उर्वरक उपयोग, कीट एवं रोग नियंत्रण तथा सिंचाई प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी। समय-समय पर मिले मार्गदर्शन से फसल का विकास बेहतर हुआ और उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। "ड्रिप की हर इक बूँद ने, उम्मीदों को सींचा है, वैज्ञानिक खेती ने फिर, भाग्य नया खींचा है।" लागत कम, उत्पादन अधिक - टमाटर की खेती में बीज, खाद, दवाई, श्रम एवं अन्य कृषि कार्यों पर लगभग 1.50 लाख रुपये की लागत आई। ड्रिप सिंचाई और वैज्ञानिक खेती के कारण उन्हें लगभग 1000 कैरेट टमाटर का उत्पादन प्राप्त हुआ। बाजार में औसतन 450 रुपये प्रति कैरेट की दर मिलने से कुल आय लगभग 4.50 लाख रुपये हुई। "टमाटर की लालिमा ने, जीवन में रंग भरे, सूनी राहों पर जैसे, खुशियों के दीप जले।" एक एकड़ से तीन लाख रुपये का शुद्ध लाभ - उत्पादन लागत निकालने के बाद किसान श्री विष्णु को लगभग 3 लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ है। इस आय से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि परिवार के जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आया है। "एक एकड़ की धरती ने, लाखों का मान दिया, मेहनत और लगन ने ही, किसान को सम्मान दिया।" क्षेत्र के किसानों के लिए बने प्रेरणा स्रोत - कृषक श्री विष्णु की सफलता ने आसपास के किसानों में भी नई उम्मीद जगाई है। अब क्षेत्र के अनेक किसान उद्यानिकी फसलों और आधुनिक सिंचाई तकनीकों को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। श्री विष्णु अपनी सफलता का श्रेय अपनी मेहनत, परिवार के सहयोग और शासन के उद्यानिकी विभाग द्वारा मिले तकनीकी मार्गदर्शन को देते हैं। "कृषक विष्णु की यह गाथा अब, प्रेरणा का संदेश बने, हर किसान के जीवन में, समृद्धि का परिवेश बने।" खेती में नवाचार से समृद्धि का रास्ता - कृषक की सफलता की यह कहानी इस बात का उदाहरण है कि यदि किसान वैज्ञानिक पद्धतियों, आधुनिक तकनीकों और विभागीय मार्गदर्शन का लाभ लें, तो कम भूमि में भी बेहतर उत्पादन और अधिक आय प्राप्त कर सकते हैं। कृषक श्री विष्णु की उपलब्धि शासन द्वारा मनाए जा रहे कृषक कल्याण वर्ष 2026 की भावना को साकार कर रही है और अन्य किसानों को भी उद्यानिकी फसलों के उत्पादन और आधुनिक सिंचाई तकनीकों को अपनाने की प्रेरणा दे रही है।

Chhindwara, Madhya Pradesh | Jun 6, 2026