केंद्र ने सेस तो बंद किया ही, झारखंड को अब तक केंद्रीय अनुदान भी नहीं दिया
Ranchi News: सरकार ने अक्टूबर 2024 में गजट जारी कर इसे लागू किया. सरकार ने पहले दौर में कोयला पर 100 रुपये टन, लौह अयस्क पर 100 रुपये प्रति टन की दर से सेस (CESS) लगाया. सरकार ने लघु खनिजों पर सेस लगाया. इससे वित्तीय वर्ष 2024-25 में सरकार के सेस के रूप में 1380 करोड़ रुपये की आमदनी हुई थी. 2025-26 में सरकार ने सेस की दरों में संशोधन किया. इससे 2025-26 में सेस से सरकार को 7487.91 करोड़ रुपये की आमदनी हुई थी.
राज्य गठन के बाद से यह पहला मौका है, जब केंद्र ने झारखंड को वित्तीय वर्ष के पहले चार महीने में एक भी पैसा नहीं दिया है.
Ranchi News: केंद्र सरकार ने MMDR Act में संशोधन कर झारखंड को खनिजों पर मिलने वाला सेस तो बंद कर हीदिया. इसके अलावा चालू वित्तीय वर्ष का चार महीना गुजरने के बाद भी केंद्रीय अनुदान मद में पैसा नहीं दिया है. इससे झारखंड सरकार के सामने आर्थिक परेशानियां पैदा हो गयी है.
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार को लंबी कानूनी