YouVAH NGO एवं हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के सामाजिक कार्य विभाग ने ‘वोकल फॉर लोकल’ पहल के तहत लगाई प्रदर्शनी
5 नवंबर। दिवाली के पर्व को स्थानीय उत्पादों, पारंपरिक हस्तकला और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने के उद्देश्य से YouVAH NGO (Youth for Voluntary Action in Himachal) एवं हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र एवं सामाजिक कार्य विभाग द्वारा संयुक्त रूप से ‘Vocal for Local’ अभियान के अंतर्गत दो दिवसीय विशेष पहल आयोजित की गई।
इस पहल के पहले दिन कामना पूर्णी गौ सदन, टूटू, शिमला में लगभग 25 प्रतिभागियों ने पारंपरिक एवं पर्यावरण अनुकूल उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस दौरान प्रतिभागियों ने गाय के गोबर से दीये, घोंघ (पारंपरिक सजावटी वस्तुएं), धूप, अगरबत्ती, हवन सामग्री, फ्लावर पॉट्स एवं अन्य हस्तनिर्मित उत्पाद तैयार करना सीखा। इसके साथ ही प्रतिभागियों ने गौ सदन में मौजूद 60 से अधिक गौवंश की सेवा में भी योगदान दिया।
इसी पहल के दूसरे दिन 5 नवंबर को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय परिसर स्थित पिंक पेटल्स में तैयार किए गए उत्पादों की विशेष प्रदर्शनी एवं बिक्री का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी के माध्यम से विश्वविद्यालय परिसर में आने-जाने वाले लोगों को पर्यावरण अनुकूल एवं स्थानीय उत्पादों के उपयोग के लिए प्रेरित किया गया। YouVAH NGO की ऑर्गेनाइजेशन कन्वीनर सुश्री रीता ठाकुर, NGO के सह-संस्थापक कपिल देव एवं स्वयंसेवकों ने सामाजिक कार्य विभाग के विद्यार्थियों के साथ मिलकर लोगों को स्थानीय उत्पाद खरीदने तथा ‘Vocal for Local’ अभियान से जुड़ने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ श्री आर.एल. जिंटा, विभागाध्यक्ष, समाजशास्त्र एवं सामाजिक कार्य विभाग, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा किया गया। इस अवसर पर विभाग की सहायक आचार्य डॉ. अनुपमा भारती, अंताक्षरी मैम एवं पुरुषोत्तम सर सहित विभाग के लगभग 15 विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों गौरिक, अशोक, सोनम, ऋषिता, कंचन, राधा, रवीना, शाहिद, अमृतांश, हिमांशु एवं पूर्विका सहित अन्य प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर जैविक, हर्बल एवं हस्तनिर्मित उत्पाद तैयार करने वाले समूहों को प्रोत्साहन देना, उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध करवाना तथा स्थानीय महिलाओं, कारीगरों एवं समुदायों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के प्रयासों को बढ़ावा देना है। साथ ही, दिवाली के अवसर पर पर्यावरण के अनुकूल उत्पादों को अपनाने और पारंपरिक कला एवं कौशल को संरक्षित करने का संदेश भी दिया गया।
YouVAH NGO एवं हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के सामाजिक कार्य विभाग की इस संयुक्त पहल ने युवाओं को सामाजिक सहभागिता, पर्यावरण संरक्षण, गौ सेवा और स्थानीय उद्यमिता से जोड़ने का सार्थक प्रयास किया।