एसपी पलवल दीप्ति गर्ग आईपीएस के कुशल निर्देशन में राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा माह निरंतर जारी: 28वें दिन पलवल पुलिस व साइबर सेल की टीम ने अग्रसेन पब्लिक स्कूल होडल में विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति किया जागरूक।
Aonenews अरविन्द बक्शी
*विद्यार्थियों को साइबर बुलिंग, सेक्स्टॉर्शन और इमेज एब्यूज के प्रति किया जागरूक, साइबर राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 की दी जानकारी ।
पुलिस प्रवक्ता कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस अधीक्षक पलवल दीप्ति गर्ग, आईपीएस के कुशल मार्गदर्शन में आमजन व छात्र-छात्राओं को डिजिटल खतरों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से जिला पुलिस द्वारा पूरे अक्टूबर माह में विशेष साइबर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अभियान के 28वें दिन होडल थाना पुलिस एवं साइबर सेल पलवल की संयुक्त टीम द्वारा अग्रसेन पब्लिक स्कूल, होडल-पुन्हाना रोड (होडल) में प्रभावी साइबर सुरक्षा जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। यह विशेष कार्यक्रम उप पुलिस अधीक्षक होडल सुरेश भड़ाना तथा थाना प्रबंधक होडल एसआई/एसएचओ मनोज कुमार की उपस्थिति व देखरेख में संपन्न हुआ।
*तकनीकी दौर में सजगता ही सबसे बड़ा बचाव:*
कार्यक्रम में साइबर विशेषज्ञ ASI विनोद कुमार ने महिला पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में छात्र-छात्राओं और शिक्षक वर्ग को साइबर बुलिंग, सेक्स्टॉर्शन और फोटो मॉर्फिंग के खतरों के बारे में विस्तार से समझाया गया। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी सोशल मीडिया पर युवाओं और बच्चों की निजी अथवा मॉर्फ्ड (छेड़छाड़ की गई) तस्वीरों का दुरुपयोग कर उन्हें इंटरनेट पर वायरल करने की धमकी देते हैं और इसके बदले पैसों या अन्य अनुचित मांगों को लेकर ब्लैकमेल करते हैं।
पलवल पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को किसी भी ऑनलाइन उत्पीड़न की स्थिति में तुरंत निम्नलिखित कदम उठाने की हिदायत दी:
1.अपराधी को तुरंत ब्लॉक करें ताकि वह आगे संपर्क न साध सके।
2.चैट, संदेश, प्रोफाइल लिंक, फोन नंबर और स्क्रीनशॉट जैसे सभी साक्ष्यों को सुरक्षित रखें और डिलीट न करें ।
3.बिना किसी झिझक या संकोच के तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षकों अथवा पुलिस को सूचित करें और मामले की रिपोर्ट दर्ज कराएं।
4.सोशल मीडिया पर अनजान व्यक्तियों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें और अपनी प्राइवेसी सेटिंग्स को हमेशा कड़ा रखें।
*पलवल पुलिस द्वारा दी गई प्रमुख साइबर सुरक्षा हिदायतें:*
1.किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ फोन कॉल, मैसेज या ऑनलाइन फॉर्म पर बैंक ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड या सीवीवी नंबर कभी साझा न करें।
2.ऑनलाइन भुगतान प्राप्त करते समय ध्यान रखें कि पैसे पाने के लिए कभी क्यूआर कोड स्कैन करने या पिन दर्ज करने की आवश्यकता नहीं होती।
3. सोशल मीडिया पर अनजान व्यक्तियों की फ्रेंड या फॉलो रिक्वेस्ट स्वीकार न करें और न ही निजी तस्वीरें या गोपनीय पारिवारिक जानकारी सार्वजनिक करें।
4.सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर मजबूत पासवर्ड का प्रयोग करें तथा 'टू-स्टेप वेरिफिकेशन'अनिवार्य रूप से चालू रखें।
5.किसी भी अज्ञात कॉलर के कहने पर मोबाइल में एनीडेस्क या टीमव्यूअर जैसी स्क्रीन शेयरिंग ऐप कतई डाउनलोड न करें।
*गोल्डन आवर्स और 1930 हेल्पलाइन का महत्व:*
डीएसपी होडल सुरेश भड़ाना ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं सतर्क रहें और अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी इन सावधानियों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने बताया कि यदि किसी के साथ वित्तीय धोखाधड़ी या ऑनलाइन उत्पीड़न की घटना घटित होती है, तो बिना समय गंवाए शुरुआती समय (गोल्डन आवर्स) में ही राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें अथवा आधिकारिक पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते ठगी गई रकम को होल्ड/रिकवर कराया जा सके।
इस मौके पर डीएसपी होडल सुरेश भड़ाना, एसएचओ मनोज कुमार, साइबर सेल पलवल की टीम, स्कूल प्रबंधन, शिक्षकगण तथा सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। स्कूल प्रबंधन ने पलवल पुलिस की इस पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए समस्त पुलिस टीम का हार्दिक आभार व्यक्त किया।