मुजफ्फरनगर में दहेज हत्या के दोषी को कठोरतम सजा, जज रवि दिवाकर का बड़ा फैसला!
मुजफ्फरनगर की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 2018 के बहुचर्चित दहेज हत्या मामले में दोषी नदीम को IPC की धारा 302 और 504 के तहत कठोरतम दंड से दंडित किया है और 1 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
क्या था मामला?
23 जुलाई 2018 को शाहपुर में दहेज की मांग को लेकर शहजादी (23) की संदिग्ध परिस्थितियों में झुलसने से मौत हुई थी। सफदरजंग अस्पताल में उपचार के दौरान पीड़िता ने अपना अंतिम बयान दर्ज कराया था, जिसे कोर्ट ने मुख्य साक्ष्य माना।
मामले में अभियोजन पक्ष के 11 गवाह अपने बयान से मुकर गए थे, फिर भी कोर्ट ने पीड़िता के अंतिम बयान और साक्ष्यों के आधार पर दोषी को सजा सुनाई।
कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला
ADJ / FTC-3 के न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने 7 सितंबर को यह फैसला सुनाया। यह बीते 4 महीनों में उनकी अदालत का 23वां ऐसा बड़ा फैसला है जिसमें कठोरतम सजा सुनाई गई है।
जज ने फैसले में क्या कहा?
फैसले में न्यायाधीश ने लिखा - "मैं अपने सिद्धांतों पर चलता रहूंगा। मुझे एक संदेश भिजवाया गया कि अभी तो केवल पत्रावलियां हटवाई गई हैं, जिले से बाहर ट्रांसफर करवा देंगे, लेकिन जब तक मैं कुर्सी पर हूं फैसला लेने का अधिकार मेरा होगा।"
कौन हैं जज रवि दिवाकर?
2022 में वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर में वीडियोग्राफी सर्वे का आदेश देने वाले चर्चित न्यायाधीश हैं, मूलतः लखनऊ के निवासी हैं।
स्रोत - इंडिया टीवी / PTI
रिपोर्ट - DDM NEWS
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Firozabad, Firozabad | Sep 8, 2026