*जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत लौरी स्थित हाथी तालाब का किया निरीक्षण, प्राचीन पुरावशेषों के संरक्षण हेतु दिए निर्देश*
जिलाधिकारी श्री पुलकित गर्ग ने आज विकासखंड मऊ की ग्राम पंचायत लौरी स्थित प्राचीन हाथी तालाब का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि तालाब के भीतर पत्थर से निर्मित हाथी की एक प्राचीन प्रतिमा के अवशेष मिले थे, जिस पर संवत् 1459 का शिलालेख अंकित है। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र में प्राचीन जैन धर्म से संबंधित पत्थरों के अवशेष भी प्राप्त हुए हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पत्थर से निर्मित हाथी की प्रतिमा संभवतः किसी प्राचीन जैन मंदिर में स्थापित रही होगी, जो कालांतर में नष्ट हो गया। तालाब के किनारे तथा आसपास के खेतों में बड़ी संख्या में प्राचीन पत्थर एवं अन्य पुरावशेष बिखरे हुए हैं, जिनके उक्त मंदिर से संबंधित होने की संभावना व्यक्त की गई।
जिलाधिकारी ने संबंधित पुरातत्व विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि उक्त स्थल के संबंध में अधिसूचना (नोटिफिकेशन) की स्थिति का परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक निर्णय लिया जाए। उन्होंने कहा कि स्थल पर बिखरे प्राचीन पुरावशेषों के संरक्षण हेतु आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा उनकी सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवाल निर्माण की संभावनाओं पर कार्यवाही की जाए।
उन्होंने उपजिलाधिकारी को निर्देशित किया कि पुरावशेषों के संरक्षण एवं प्रस्तावित सुरक्षा व्यवस्था के लिए आवश्यक भूमि का चिन्हांकन सुनिश्चित किया जाए, ताकि इस ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व के स्थल को संरक्षित किया जा सके।
इसके उपरांत जिलाधिकारी श्री पुलकित गर्ग ने ग्राम पंचायत लौरी के गढ़वा स्थित शिव आश्रम का भी स्थलीय निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।