सियांग बांध परियोजना: विकास या विस्थापन? 11,200 MW प्रोजेक्ट पर अरुणाचल में क्यों है विरोध?
अरुणाचल प्रदेश की सियांग नदी आज विकास, राष्ट्रीय सुरक्षा, आदिवासी अधिकारों और स्थानीय समुदायों की पहचान से जुड़ी एक बड़ी बहस के केंद्र में है।
प्रस्तावित 11,200 मेगावाट की सियांग जलविद्युत परियोजना को ऊर्जा और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लेकिन दूसरी ओर, स्थानीय समुदायों, विशेषकर आदि जनजाति के लोगों की चिंताएं भी सामने आ रही हैं। जमीन, आजीविका, विस्थापन, संस्कृति और स्थानीय लोगों की सहमति जैसे सवाल इस परियोजना को लेकर बहस का विषय बने हुए हैं।
आखिर अरुणाचल प्रदेश में सियांग बांध परियोजना का विरोध क्यों हो रहा है? आदि समुदाय के लिए सियांग नदी का क्या महत्व है? चीन से जुड़ा रणनीतिक पहलू इस परियोजना को कितना महत्वपूर्ण बनाता है? और सबसे बड़ा सवाल—सियांग नदी के भविष्य का फैसला लेने का अधिकार किसे होना चाहिए?
इस विशेष रिपोर्ट में समझिए सिय�