कीचड़ में स्कूल जाने को मजबूर बच्चे, सैकड़ों ग्रामीणों ने उठाई आवाज!
चलनी गांव में बदहाल स्कूल मार्ग के खिलाफ ग्रामीणों का धरना, जनपद CEO को सौंपा ज्ञापन
शाहनगर जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत नांदचांद के चलनी गांव में प्राथमिक विद्यालय तक पहुंचने वाले बदहाल रास्ते की समस्या को लेकर मंगलवार को सैकड़ों ग्रामीण, महिलाएं और स्कूली बच्चे जनपद पंचायत पहुंचे।
सामाजिक कार्यकर्ता राकेश पटेल सरसी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने तहसील परिसर में खुले आसमान के नीचे शांतिपूर्ण धरना दिया। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दिनों में स्कूल तक पहुंचने वाला रास्ता कीचड़ से इस कदर भर जाता है कि छोटे-छोटे बच्चों के लिए विद्यालय पहुंचना मुश्किल हो जाता है। कई बार बच्चे रास्ते की बदहाली के कारण स्कूल तक नहीं पहुंच पाते।
ग्रामीणों ने सिर्फ सड़क ही नहीं, बल्कि क्षतिग्रस्त स्कूल भवन की समस्या भी अधिकारियों के सामने रखी और भवन की जांच कर आवश्यक सुधार कराने की मांग की।
नल कनेक्शन से भी वंचित चलनी गांव
धरने के दौरान ग्रामीणों ने पेयजल की समस्या भी उठाई। ग्रामीणों के अनुसार नांदचांद क्षेत्र में तेंदूघाट परियोजना के तहत नल कनेक्शन दिए गए हैं, लेकिन चलनी गांव के ग्रामीण अभी भी इसका लाभ नहीं ले पाए हैं। ग्रामीणों ने पात्र परिवारों को नल कनेक्शन उपलब्ध कराने की मांग की।
इसके बाद ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं जनपद पंचायत अध्यक्ष आशीष खरे के समक्ष भी रखीं। अध्यक्ष ने समस्याओं के समाधान के लिए त्वरित कार्रवाई का आश्वासन देते हुए कहा कि वे बुधवार को स्वयं चलनी गांव पहुंचकर मौके पर स्थिति देखेंगे।
वहीं, पन्ना कलेक्टर के शाहनगर दौरे के दौरान भी ग्रामीणों की ओर से सड़क, स्कूल भवन और पेयजल से जुड़ी समस्याओं को लेकर आवेदन सौंपने की बात कही गई है।
अब सवाल यही है कि क्या बच्चों को कीचड़ भरे रास्ते से स्कूल जाने की मजबूरी से निजात मिलेगी? ग्रामीणों के इस प्रदर्शन के बाद प्रशासन के आश्वासन पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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