देहरादून के बन्नू मैदान में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के जरिए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने उत्तराखंड के युवाओं से संवाद कर भर्ती घोटालों, बेरोजगारी, शिक्षा और पलायन जैसे मुद्दे उठाए। लेकिन राजनीतिक विश्लेषण के अनुसार यह कार्यक्रम कांग्रेस की अपेक्षाओं के अनुरूप प्रभाव नहीं छोड़ सका।
विशेषज्ञों का मानना है कि संवाद में उत्तराखंड के स्थानीय मुद्दों—जैसे पर्यटन आधारित रोजगार, स्वरोजगार, सेना भर्ती और चारधाम यात्रा से जुड़े अवसरों—पर ठोस रोडमैप सामने नहीं आया। सरकार की आलोचना तो हुई, लेकिन वैकल्पिक समाधान स्पष्ट नहीं दिखे।
संगठनात्मक स्तर पर भी कांग्रेस का छात्र और युवा नेटवर्क पहले जितना मजबूत नजर नहीं आया। वहीं भर्ती घोटालों पर भाजपा नकल विरोधी कानून और दोषियों पर कार्रवाई को अपनी उपलब्धि बताकर कांग्रेस के आरोपों का जवाब देती रही।
इसके अलावा कार्यक्रम सीमित प्रतिभागियों तक ही सिमटा दिखाई दिया, जिसे भ�