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किसान एकता जिंदाबाद ।। सभी प्रदेश के किसानों से निवेदन है की इस आंदोलन का हिस्सा बनने।।

2 views | Shimla Urban, Shimla | Nov 24, 2022

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🚨 शिमला नगर निगम की कार्रवाई के दौरान भावुक कर देने वाला दृश्य

नगर निगम की कार्रवाई के दौरान एक युवती निगम अधिकारियों के सामने गिड़गिड़ाती रही, लेकिन कार्रवाई जारी रही। वर्षों से चल रही दुकानदारी पलभर में उजड़ गई, जिससे मौके पर भावुक माहौल बन गया।

📍 शिमला में हुई इस कार्रवाई ने आजीविका, अतिक्रमण और मानवीय संवेदनाओं को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए।

#Shimla #ShimlaNews #HimachalPradesh #MCShimla #MunicipalCorporation #EncroachmentDrive #StreetVendors #LocalNews #BreakingNews #ViralNews #HimachalNews #CityUpdate #Shimla360 #Himachal #Trending #Shopkeepers #IndiaNews

🚨 शिमला नगर निगम की कार्रवाई के दौरान भावुक कर देने वाला दृश्य नगर निगम की कार्रवाई के दौरान एक युवती निगम अधिकारियों के सामने गिड़गिड़ाती रही, लेकिन कार्रवाई जारी रही। वर्षों से चल रही दुकानदारी पलभर में उजड़ गई, जिससे मौके पर भावुक माहौल बन गया। 📍 शिमला में हुई इस कार्रवाई ने आजीविका, अतिक्रमण और मानवीय संवेदनाओं को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए। #Shimla #ShimlaNews #HimachalPradesh #MCShimla #MunicipalCorporation #EncroachmentDrive #StreetVendors #LocalNews #BreakingNews #ViralNews #HimachalNews #CityUpdate #Shimla360 #Himachal #Trending #Shopkeepers #IndiaNews

Shimla Urban, Shimla | Aug 5, 2026

जाठिया देवी टाउनशिप पर घमासान, 8 गांवों ने कहा– एक इंच भी अतिरिक्त जमीन नहीं देंगे

जाठिया देवी में टाउनशिप निमार्ण व भूमि अधिग्रहण को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है।  जाठिया देवी क्षेत्र के साथ लगते 8 गांव के लोग हिमुडा को एक इंच भी अतिरिक्त भूमि देने को तैयार नहीं है। ग्रामीणों कहना है कि हिमुडा दावा कर रही है कि जाठिया देवी टाउनशिप निमार्ण के लिए 600 भूमि बीघा जमीन का अधिग्रहण किया है, जबकि ग्रामीणों ने सिर्फ स्वेच्छा से 244 बीघा जमीन दी है। इसी संबंध में बुधवार को भूमि अधिग्रहण समीति की बैठक समीति अध्यक्ष एवं उप प्रधान बागी पंचायत देशराज की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में 8 गांव के ग्रामीणों ने भाग लिया है। सरकार व हिमुडा द्वारा की जा रही भूमि अधिग्रहण को लेकर चर्चा की। इस मौके पर देशराज ने बताय कि सरकार व हिमुडा दावा कर रही है कि जाठिया देवी  टाउन निमार्ण  के लिए 600 बीघा भूमि का अधिग्रहण किया गया है, जबकि यह सरासर गलत व झूठ है। ग्रामीणों ने जाठिया देवी  टाउन निमार्ण के लिए सिर्फ 244 बीघा जमीन का भूमि स्वेच्छा से दी है। इसके अलावा एक इंच भूमि भी ग्रामीणें ने नहीं दी है।

जाठिया देवी टाउनशिप पर घमासान, 8 गांवों ने कहा– एक इंच भी अतिरिक्त जमीन नहीं देंगे जाठिया देवी में टाउनशिप निमार्ण व भूमि अधिग्रहण को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। जाठिया देवी क्षेत्र के साथ लगते 8 गांव के लोग हिमुडा को एक इंच भी अतिरिक्त भूमि देने को तैयार नहीं है। ग्रामीणों कहना है कि हिमुडा दावा कर रही है कि जाठिया देवी टाउनशिप निमार्ण के लिए 600 भूमि बीघा जमीन का अधिग्रहण किया है, जबकि ग्रामीणों ने सिर्फ स्वेच्छा से 244 बीघा जमीन दी है। इसी संबंध में बुधवार को भूमि अधिग्रहण समीति की बैठक समीति अध्यक्ष एवं उप प्रधान बागी पंचायत देशराज की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में 8 गांव के ग्रामीणों ने भाग लिया है। सरकार व हिमुडा द्वारा की जा रही भूमि अधिग्रहण को लेकर चर्चा की। इस मौके पर देशराज ने बताय कि सरकार व हिमुडा दावा कर रही है कि जाठिया देवी टाउन निमार्ण के लिए 600 बीघा भूमि का अधिग्रहण किया गया है, जबकि यह सरासर गलत व झूठ है। ग्रामीणों ने जाठिया देवी टाउन निमार्ण के लिए सिर्फ 244 बीघा जमीन का भूमि स्वेच्छा से दी है। इसके अलावा एक इंच भूमि भी ग्रामीणें ने नहीं दी है।

Shimla Urban, Shimla | Aug 5, 2026

*स्वयं सहायता समूहों के लिए क्लस्टर स्तर पर स्थापित होंगे प्रोडक्ट सेल आउट हट - उपायुक्त*

उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने कहा कि जिला शिमला में स्वयं सहायता समूहों (Self Help Groups) को स्थायी बाजार उपलब्ध कराने तथा स्थानीय उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाने के उद्देश्य से क्लस्टर स्तर पर प्री-फेब्रिकेटेड प्रोडक्ट सेल आउट हट स्थापित किए जाएंगे। यह हट राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway) के किनारे प्रमुख स्थानों पर विकसित किए जाएंगे, ताकि स्थानीय उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा मिल सके और पर्यटकों सहित आम लोगों को एक ही स्थान पर जिला के पारंपरिक उत्पाद उपलब्ध हो सकें।
उपायुक्त आज यहां बचत भवन में आयोजित ग्रामीण विकास विभाग के विकासात्मक कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस योजना का विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया जाए। प्रत्येक क्लस्टर अपने क्षेत्र के श्रेष्ठ एवं विशिष्ट उत्पादों की बिक्री इन हट के माध्यम से करेगा। इस पहल से स्वयं सहायता समूहों की आय में वृद्धि होगी, ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे तथा स्थानीय हस्तशिल्प एवं कृषि आधारित उत्पादों को नया बाजार प्राप्त होगा।
इन सेल आउट हट में शिमला के प्रसिद्ध स्थानीय उत्पाद जैसे सेब, सेब से बने मूल्य वर्धित उत्पाद (जैम, जूस, स्क्वैश, सिरका), राजमा, लाल चावल, हिमाचली देसी घी, शहद, अचार, चटनी, बुरांश (rhododendron) स्क्वैश, मशरूम उत्पाद, अखरोट, प्लम, खुबानी, स्थानीय दालें, ऊनी शॉल, टोपी, मफलर, हस्तनिर्मित ऊनी वस्त्र, बांस एवं लकड़ी के हस्तशिल्प तथा अन्य पारंपरिक उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध रहेंगे।
परियोजना के अंतर्गत प्रत्येक हट के साथ फूड वैन भी स्थापित की जाएगी, जहां स्थानीय व्यंजन एवं पारंपरिक खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराए जाएंगे। सभी फूड वैन में खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के निर्धारित मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन शिमला के स्थानीय उत्पादों को एक विशिष्ट पहचान दिलाने और "ब्रांड शिमला" को स्थापित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। यह पहल न केवल स्थानीय उत्पादों के विपणन को सशक्त बनाएगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने, स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने तथा जिला की पारंपरिक विरासत और स्थानीय स्वाद को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

*जिला शिमला में विभिन्न विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश*
उपायुक्त ने कहा कि लंबित योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र शुरू किया जाए तथा कार्यों में आ रही बाधाओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। अधिकारियों से प्रत्येक योजना की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा प्रगति रिपोर्ट निर्धारित समय पर प्रस्तुत करने को कहा गया, ताकि विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके और योजनाओं का लाभ समय पर आम जनता तक पहुंच सके।
समीक्षा बैठक में सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पूर्ण हो चुकी योजनाओं के उपयोगिता प्रमाण पत्र निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित विभागों को उपलब्ध करवाए जाएं। साथ ही लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने तथा भविष्य में योजनाओं के पूर्ण होते ही उपयोगिता प्रमाण पत्र समय पर प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि विकास कार्यों के वित्तीय प्रबंधन में पारदर्शिता एवं गति बनी रहे।
इस दौरान बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बीते वित्तीय वर्ष में 520 आवास स्वीकृत हुए। इसमें से 486 लाभार्थियों के अकाउंट वेरिफाइड हो चुके है जिनमें से 383 लाभार्थियों को पहली और 103 लाभार्थियों को दूसरी किस्त जारी हो चुकी है।

*254 विकास योजनाएं शुरू नहीं हो पाई*
जिला शिमला में विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के दौरान यह जानकारी सामने आई कि 31 मार्च 2025 तक कुल 254 योजनाएं प्रारंभ नहीं हो सकी हैं, जबकि 31 मार्च 2023 तक लंबित योजनाओं की संख्या 3 थी। आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक लंबित योजनाएं बीडीओ रामपुर के अंतर्गत 45, बीडीओ मशोबरा में 35, बीडीओ टुटू में 34, बीडीओ नारकंडा में 33 तथा बीडीओ ननखड़ी में 32 हैं। इसके अतिरिक्त बीडीओ चौपाल में 18, बीडीओ ठियोग में 15, बीडीओ कोटखाई में 14, बीडीओ बसंतपुर में 12, बीडीओ कुपवी में 8, बीडीओ छोहारा में 5, बीडीओ जुब्बल में 2 तथा बीडीओ रोहड़ू में 1 योजना अभी तक प्रारंभ नहीं हो सकी है।

*पूर्ण हो चुकी 179 योजनाओं की उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश*
जिला शिमला में विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि जिला में कुल 179 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, लेकिन उनका उपयोगिता प्रमाण पत्र (Utilization Certificate-UC) अभी तक संबंधित विभागों को प्राप्त नहीं हुआ है। अधिकारियों को लंबित यूसी शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए, ताकि वित्तीय औपचारिकताओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।
आंकड़ों के अनुसार, बीडीओ टुटू के अंतर्गत सर्वाधिक 66, बीडीओ मशोबरा में 43, बीडीओ ठियोग में 19, बीडीओ छोहारा एवं बीडीओ कोटखाई में 16-16, बीडीओ चौपाल में 7, बीडीओ बसंतपुर, बीडीओ कुपवी तथा बीडीओ ननखड़ी में 3-3, बीडीओ रोहड़ू में 2 तथा बीडीओ जुब्बल में 1 योजना का उपयोगिता प्रमाण पत्र लंबित है। वहीं बीडीओ नारकंडा और बीडीओ रामपुर के अंतर्गत कोई भी यूसी लंबित नहीं है।

*सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MPLADS) में 351 योजनाएं अधूरी*
जिला शिमला में लोकसभा सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MPLADS)  के अंतर्गत विभिन्न वर्षों में स्वीकृत कुल 351 योजनाएं अभी तक अधूरी हैं। इन योजनाओं पर कुल 5 करोड़ 73 लाख 15 हजार रुपये की राशि व्यय की जानी है। समीक्षा बैठक में सभी संबंधित विभागों को लंबित कार्यों में तेजी लाने तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर इन्हें पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। 
आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 की सर्वाधिक 160 योजनाएं लंबित हैं, जिन पर 3 करोड़ 11 लाख 60 हजार रुपये की राशि व्यय की जानी है। इसके बाद वर्ष 2023 की 108 योजनाएं (1 करोड़ 34 लाख 75 हजार रुपये), वर्ष 2024 की 32 योजनाएं (59 लाख 50 हजार रुपये), वर्ष 2017 की 14 योजनाएं (14 लाख 5 हजार रुपये), वर्ष 2021 की 10 योजनाएं (9 लाख 60 हजार रुपये), वर्ष 2015 की 8 योजनाएं (12 लाख 25 हजार रुपये), वर्ष 2018 की 7 योजनाएं (11 लाख रुपये), वर्ष 2022 की 4 योजनाएं (2 लाख 60 हजार रुपये), वर्ष 2014 की 3 योजनाएं (4 लाख 50 हजार रुपये), वर्ष 2019 एवं 2026 की 2-2 योजनाएं तथा वर्ष 2013 की 1 योजना अभी तक अधूरी है।

*राज्यसभा सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MPLADS) के अधूरे कार्यों की समीक्षा*
राज्यसभा सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MPLADS) के अंतर्गत विभिन्न वर्षों में स्वीकृत लेकिन अभी तक अधूरे पड़े विकास कार्यों की समीक्षा में सामने आया है कि वर्ष 2010 से 2026 तक कुल 123 योजनाएं अभी पूर्ण नहीं हो सकी हैं। इन योजनाओं पर लगभग 3 करोड़ 31 लाख 5 हजार रुपये (3,31,05,000) की राशि व्यय अथवा लंबित है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में सर्वाधिक 59 अधूरी योजनाएं दर्ज की गई हैं, जिनकी कुल लागत 1 करोड़ 11 लाख 40 हजार रुपये है। इसके बाद वर्ष 2023 में 16 योजनाएं (83.10 लाख) तथा वर्ष 2024 में 14 योजनाएं (47.80 लाख) अधूरी हैं। वर्ष 2019 में 7 योजनाएं, 2026 में 6 योजनाएं, 2018 में 5 योजनाएं तथा 2022 में 4 योजनाएं लंबित हैं। वहीं वर्ष 2013 और 2014 में 3-3 योजनाएं तथा वर्ष 2010, 2012, 2015, 2016, 2017 और 2021 में एक-एक योजना अधूरी दर्ज की गई है।

*स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत एनएच के किनारे स्थापित होंगे सार्वजनिक शौचालय*
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत जिला प्रशासन द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) के किनारे सार्वजनिक शौचालय स्थापित किए जाएंगे। इस संबंध में सभी खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इन सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण के लिए आवश्यक बजट जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध करवाया जाएगा।
जिला प्रशासन का उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों से गुजरने वाले यात्रियों, स्थानीय नागरिकों तथा पर्यटकों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक शौचालय उपलब्ध कराना है। इससे खुले में शौच की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण के साथ-साथ स्वच्छता को भी बढ़ावा मिलेगा।
खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे उपयुक्त स्थानों की पहचान कर शीघ्र प्रस्ताव तैयार करें, ताकि निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से शुरू किया जा सके। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि इन शौचालयों का नियमित रखरखाव और स्वच्छता बनी रहे।

*जिला में बीपीएल परिवारों की e-KYC प्रक्रिया समीक्षा*
जिला शिमला में बीपीएल (BPL) परिवारों की e-KYC प्रक्रिया में तेजी से कार्य किया जा रहा है। 4 अगस्त 2026 तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जिला के कुल 2,751 बीपीएल परिवारों में से 2,358 परिवारों की e-KYC पूर्ण कर ली गई है, जबकि 393 परिवारों की e-KYC लंबित है। जिला में 12,733 सदस्यों में से 12,105 सदस्यों का सत्यापन (Verified) किया जा चुका है तथा 628 सदस्यों का सत्यापन शेष है।
विकास खंडवार स्थिति में चौपाल में सर्वाधिक 885 परिवारों की e-KYC पूरी की गई है। इसके अतिरिक्त रामपुर में 326, छोहारा में 271, कुपवी में 126, ठियोग में 125 तथा अन्य विकास खंडों में भी संतोषजनक प्रगति दर्ज की गई है। वहीं ननखड़ी विकास खंड में कुल 29 परिवार हैं, जिनमें अभी e-KYC कार्य प्रारंभ होना शेष है।
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*स्वयं सहायता समूहों के लिए क्लस्टर स्तर पर स्थापित होंगे प्रोडक्ट सेल आउट हट - उपायुक्त* उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने कहा कि जिला शिमला में स्वयं सहायता समूहों (Self Help Groups) को स्थायी बाजार उपलब्ध कराने तथा स्थानीय उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाने के उद्देश्य से क्लस्टर स्तर पर प्री-फेब्रिकेटेड प्रोडक्ट सेल आउट हट स्थापित किए जाएंगे। यह हट राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway) के किनारे प्रमुख स्थानों पर विकसित किए जाएंगे, ताकि स्थानीय उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा मिल सके और पर्यटकों सहित आम लोगों को एक ही स्थान पर जिला के पारंपरिक उत्पाद उपलब्ध हो सकें। उपायुक्त आज यहां बचत भवन में आयोजित ग्रामीण विकास विभाग के विकासात्मक कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस योजना का विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया जाए। प्रत्येक क्लस्टर अपने क्षेत्र के श्रेष्ठ एवं विशिष्ट उत्पादों की बिक्री इन हट के माध्यम से करेगा। इस पहल से स्वयं सहायता समूहों की आय में वृद्धि होगी, ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे तथा स्थानीय हस्तशिल्प एवं कृषि आधारित उत्पादों को नया बाजार प्राप्त होगा। इन सेल आउट हट में शिमला के प्रसिद्ध स्थानीय उत्पाद जैसे सेब, सेब से बने मूल्य वर्धित उत्पाद (जैम, जूस, स्क्वैश, सिरका), राजमा, लाल चावल, हिमाचली देसी घी, शहद, अचार, चटनी, बुरांश (rhododendron) स्क्वैश, मशरूम उत्पाद, अखरोट, प्लम, खुबानी, स्थानीय दालें, ऊनी शॉल, टोपी, मफलर, हस्तनिर्मित ऊनी वस्त्र, बांस एवं लकड़ी के हस्तशिल्प तथा अन्य पारंपरिक उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध रहेंगे। परियोजना के अंतर्गत प्रत्येक हट के साथ फूड वैन भी स्थापित की जाएगी, जहां स्थानीय व्यंजन एवं पारंपरिक खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराए जाएंगे। सभी फूड वैन में खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के निर्धारित मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके। उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन शिमला के स्थानीय उत्पादों को एक विशिष्ट पहचान दिलाने और "ब्रांड शिमला" को स्थापित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। यह पहल न केवल स्थानीय उत्पादों के विपणन को सशक्त बनाएगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने, स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने तथा जिला की पारंपरिक विरासत और स्थानीय स्वाद को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। *जिला शिमला में विभिन्न विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश* उपायुक्त ने कहा कि लंबित योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र शुरू किया जाए तथा कार्यों में आ रही बाधाओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। अधिकारियों से प्रत्येक योजना की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा प्रगति रिपोर्ट निर्धारित समय पर प्रस्तुत करने को कहा गया, ताकि विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके और योजनाओं का लाभ समय पर आम जनता तक पहुंच सके। समीक्षा बैठक में सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पूर्ण हो चुकी योजनाओं के उपयोगिता प्रमाण पत्र निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित विभागों को उपलब्ध करवाए जाएं। साथ ही लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने तथा भविष्य में योजनाओं के पूर्ण होते ही उपयोगिता प्रमाण पत्र समय पर प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि विकास कार्यों के वित्तीय प्रबंधन में पारदर्शिता एवं गति बनी रहे। इस दौरान बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बीते वित्तीय वर्ष में 520 आवास स्वीकृत हुए। इसमें से 486 लाभार्थियों के अकाउंट वेरिफाइड हो चुके है जिनमें से 383 लाभार्थियों को पहली और 103 लाभार्थियों को दूसरी किस्त जारी हो चुकी है। *254 विकास योजनाएं शुरू नहीं हो पाई* जिला शिमला में विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के दौरान यह जानकारी सामने आई कि 31 मार्च 2025 तक कुल 254 योजनाएं प्रारंभ नहीं हो सकी हैं, जबकि 31 मार्च 2023 तक लंबित योजनाओं की संख्या 3 थी। आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक लंबित योजनाएं बीडीओ रामपुर के अंतर्गत 45, बीडीओ मशोबरा में 35, बीडीओ टुटू में 34, बीडीओ नारकंडा में 33 तथा बीडीओ ननखड़ी में 32 हैं। इसके अतिरिक्त बीडीओ चौपाल में 18, बीडीओ ठियोग में 15, बीडीओ कोटखाई में 14, बीडीओ बसंतपुर में 12, बीडीओ कुपवी में 8, बीडीओ छोहारा में 5, बीडीओ जुब्बल में 2 तथा बीडीओ रोहड़ू में 1 योजना अभी तक प्रारंभ नहीं हो सकी है। *पूर्ण हो चुकी 179 योजनाओं की उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश* जिला शिमला में विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि जिला में कुल 179 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, लेकिन उनका उपयोगिता प्रमाण पत्र (Utilization Certificate-UC) अभी तक संबंधित विभागों को प्राप्त नहीं हुआ है। अधिकारियों को लंबित यूसी शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए, ताकि वित्तीय औपचारिकताओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके। आंकड़ों के अनुसार, बीडीओ टुटू के अंतर्गत सर्वाधिक 66, बीडीओ मशोबरा में 43, बीडीओ ठियोग में 19, बीडीओ छोहारा एवं बीडीओ कोटखाई में 16-16, बीडीओ चौपाल में 7, बीडीओ बसंतपुर, बीडीओ कुपवी तथा बीडीओ ननखड़ी में 3-3, बीडीओ रोहड़ू में 2 तथा बीडीओ जुब्बल में 1 योजना का उपयोगिता प्रमाण पत्र लंबित है। वहीं बीडीओ नारकंडा और बीडीओ रामपुर के अंतर्गत कोई भी यूसी लंबित नहीं है। *सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MPLADS) में 351 योजनाएं अधूरी* जिला शिमला में लोकसभा सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MPLADS) के अंतर्गत विभिन्न वर्षों में स्वीकृत कुल 351 योजनाएं अभी तक अधूरी हैं। इन योजनाओं पर कुल 5 करोड़ 73 लाख 15 हजार रुपये की राशि व्यय की जानी है। समीक्षा बैठक में सभी संबंधित विभागों को लंबित कार्यों में तेजी लाने तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर इन्हें पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 की सर्वाधिक 160 योजनाएं लंबित हैं, जिन पर 3 करोड़ 11 लाख 60 हजार रुपये की राशि व्यय की जानी है। इसके बाद वर्ष 2023 की 108 योजनाएं (1 करोड़ 34 लाख 75 हजार रुपये), वर्ष 2024 की 32 योजनाएं (59 लाख 50 हजार रुपये), वर्ष 2017 की 14 योजनाएं (14 लाख 5 हजार रुपये), वर्ष 2021 की 10 योजनाएं (9 लाख 60 हजार रुपये), वर्ष 2015 की 8 योजनाएं (12 लाख 25 हजार रुपये), वर्ष 2018 की 7 योजनाएं (11 लाख रुपये), वर्ष 2022 की 4 योजनाएं (2 लाख 60 हजार रुपये), वर्ष 2014 की 3 योजनाएं (4 लाख 50 हजार रुपये), वर्ष 2019 एवं 2026 की 2-2 योजनाएं तथा वर्ष 2013 की 1 योजना अभी तक अधूरी है। *राज्यसभा सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MPLADS) के अधूरे कार्यों की समीक्षा* राज्यसभा सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MPLADS) के अंतर्गत विभिन्न वर्षों में स्वीकृत लेकिन अभी तक अधूरे पड़े विकास कार्यों की समीक्षा में सामने आया है कि वर्ष 2010 से 2026 तक कुल 123 योजनाएं अभी पूर्ण नहीं हो सकी हैं। इन योजनाओं पर लगभग 3 करोड़ 31 लाख 5 हजार रुपये (3,31,05,000) की राशि व्यय अथवा लंबित है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में सर्वाधिक 59 अधूरी योजनाएं दर्ज की गई हैं, जिनकी कुल लागत 1 करोड़ 11 लाख 40 हजार रुपये है। इसके बाद वर्ष 2023 में 16 योजनाएं (83.10 लाख) तथा वर्ष 2024 में 14 योजनाएं (47.80 लाख) अधूरी हैं। वर्ष 2019 में 7 योजनाएं, 2026 में 6 योजनाएं, 2018 में 5 योजनाएं तथा 2022 में 4 योजनाएं लंबित हैं। वहीं वर्ष 2013 और 2014 में 3-3 योजनाएं तथा वर्ष 2010, 2012, 2015, 2016, 2017 और 2021 में एक-एक योजना अधूरी दर्ज की गई है। *स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत एनएच के किनारे स्थापित होंगे सार्वजनिक शौचालय* स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत जिला प्रशासन द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) के किनारे सार्वजनिक शौचालय स्थापित किए जाएंगे। इस संबंध में सभी खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इन सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण के लिए आवश्यक बजट जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध करवाया जाएगा। जिला प्रशासन का उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों से गुजरने वाले यात्रियों, स्थानीय नागरिकों तथा पर्यटकों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक शौचालय उपलब्ध कराना है। इससे खुले में शौच की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण के साथ-साथ स्वच्छता को भी बढ़ावा मिलेगा। खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे उपयुक्त स्थानों की पहचान कर शीघ्र प्रस्ताव तैयार करें, ताकि निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से शुरू किया जा सके। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि इन शौचालयों का नियमित रखरखाव और स्वच्छता बनी रहे। *जिला में बीपीएल परिवारों की e-KYC प्रक्रिया समीक्षा* जिला शिमला में बीपीएल (BPL) परिवारों की e-KYC प्रक्रिया में तेजी से कार्य किया जा रहा है। 4 अगस्त 2026 तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जिला के कुल 2,751 बीपीएल परिवारों में से 2,358 परिवारों की e-KYC पूर्ण कर ली गई है, जबकि 393 परिवारों की e-KYC लंबित है। जिला में 12,733 सदस्यों में से 12,105 सदस्यों का सत्यापन (Verified) किया जा चुका है तथा 628 सदस्यों का सत्यापन शेष है। विकास खंडवार स्थिति में चौपाल में सर्वाधिक 885 परिवारों की e-KYC पूरी की गई है। इसके अतिरिक्त रामपुर में 326, छोहारा में 271, कुपवी में 126, ठियोग में 125 तथा अन्य विकास खंडों में भी संतोषजनक प्रगति दर्ज की गई है। वहीं ननखड़ी विकास खंड में कुल 29 परिवार हैं, जिनमें अभी e-KYC कार्य प्रारंभ होना शेष है। -०-

Shimla Urban, Shimla | Aug 5, 2026

#हिमाचल :- थार गाड़ी में लगा सनरूफ बना मौत का कारण, मणिमहेश यात्रा पर निकले थे पंजाब के श्रद्धालु,एक युवक की दर्दनाक मौत..!

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और भूस्खलन का दौर जारी है। मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी चेतावनी के बीच जिला चंबा में थार गाड़ी पर पत्थर गिरने से श्रद्धालु की मौत हो गई।

यह दर्दनाक हादसा मेहला के पास जहां थार पर पत्थर गिरने से पंजाब के व्यक्ति की मौत हो गई। हादसे के समय वहां में कर श्रद्धालु सवार थे।

दरअसल, आज तड़के करीब 3 बजे चंबा के मेहला के पास एक दर्दनाक हादसा हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मणिमहेश यात्रा पर जा रही एक थार के सनरूफ पर अचानक भारी पत्थर गिर गया, जिससे वाहन में सवार एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई।

मृतक की पहचान:
नाम: माखन सिंह (Makhan Singh)
पिता का नाम: शरवन सिंह
उम्र: लगभग 40 वर्ष
लिंग: पुरुष
गांव: मलियां
डाकघर: गढ़दीवाल
तहसील: गढ़दीवाल
जिला: होशियारपुर, पंजाब

हादसे के कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
यह हादसा एक बार फिर बरसात के मौसम में पहाड़ी मार्गों पर यात्रा के दौरान सावधानी बरतने की आवश्यकता और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सतर्क रहने की सीख देता है।

#हिमाचल :- थार गाड़ी में लगा सनरूफ बना मौत का कारण, मणिमहेश यात्रा पर निकले थे पंजाब के श्रद्धालु,एक युवक की दर्दनाक मौत..! हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और भूस्खलन का दौर जारी है। मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी चेतावनी के बीच जिला चंबा में थार गाड़ी पर पत्थर गिरने से श्रद्धालु की मौत हो गई। यह दर्दनाक हादसा मेहला के पास जहां थार पर पत्थर गिरने से पंजाब के व्यक्ति की मौत हो गई। हादसे के समय वहां में कर श्रद्धालु सवार थे। दरअसल, आज तड़के करीब 3 बजे चंबा के मेहला के पास एक दर्दनाक हादसा हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मणिमहेश यात्रा पर जा रही एक थार के सनरूफ पर अचानक भारी पत्थर गिर गया, जिससे वाहन में सवार एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान: नाम: माखन सिंह (Makhan Singh) पिता का नाम: शरवन सिंह उम्र: लगभग 40 वर्ष लिंग: पुरुष गांव: मलियां डाकघर: गढ़दीवाल तहसील: गढ़दीवाल जिला: होशियारपुर, पंजाब हादसे के कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। यह हादसा एक बार फिर बरसात के मौसम में पहाड़ी मार्गों पर यात्रा के दौरान सावधानी बरतने की आवश्यकता और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सतर्क रहने की सीख देता है।

Shimla Urban, Shimla | Aug 5, 2026

हिमाचल में प्रतिशोध की राजनीति के खिलाफ भाजपा का बिगुल, जयराम ठाकुर एवं डॉ राजीव बिंदल के नेतृत्व में शिमला में विशाल प्रदर्शन

ओकओवर घेराव में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, भ्रष्टाचार और बदले की राजनीति के खिलाफ हजारों कार्यकर्ता सड़कों पर

पंचायत और नगर निकाय चुनावों में जनता ने कांग्रेस को नकारा, अब विधानसभा चुनाव में भी जवाब देगी जनता : जयराम ठाकुर

भाजपा नेताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज कर लोकतंत्र का गला घोंट रही है सुखू सरकार : जयराम ठाकुर

भाजपा का ऐलान—हर महीने हर विधानसभा और हर मंडल में होगा कांग्रेस सरकार के खिलाफ आंदोलन : डॉ. राजीव बिंदल

जनता की आवाज़ दबाने के लिए पुलिस और प्रशासन का दुरुपयोग कर रही कांग्रेस सरकार : भाजपा

महिलाओं, युवाओं, किसानों और कर्मचारियों से किए हर वादे से मुकर गई कांग्रेस सरकार : डॉ. राजीव बिंदल

भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था और जनविरोधी फैसलों पर सरकार को घेरने के लिए भाजपा का प्रदेशव्यापी संघर्ष शुरू

तालाबंदी, टूटी गारंटियां और प्रतिशोध की राजनीति अब नहीं सहेगी जनता, कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंकने का संकल्प : भाजपा

यह सिर्फ शुरुआत है, जनविरोधी कांग्रेस सरकार को सत्ता से बाहर करने तक आंदोलन रहेगा जारी : भाजपा

शिमला, 5 अगस्त। भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश द्वारा आज राजधानी शिमला में कांग्रेस सरकार की प्रतिशोधपूर्ण राजनीति, भ्रष्टाचार, जनविरोधी निर्णयों, कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग के विरोध में विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने किया, जबकि इसकी अध्यक्षता भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने की। धरना-प्रदर्शन में प्रदेशभर से पहुंचे हजारों भाजपा कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और समर्थकों ने भाग लिया।

धरना-प्रदर्शन को संबोधित करने के बाद भाजपा कार्यकर्ता शांतिपूर्ण रैली के रूप में शिमला के शेर-ए-पंजाब तक पहुंचे और वहां से मुख्यमंत्री आवास ओकओवर का घेराव किया। इस दौरान कांग्रेस सरकार, मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल के खिलाफ भ्रष्टाचार, प्रतिशोध की राजनीति, जनविरोधी नीतियों तथा लोकतंत्र की हत्या को लेकर जोरदार नारेबाजी की गई। सैकड़ों कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठ गए और कांग्रेस सरकार को तत्काल बर्खास्त करने की मांग उठाई।

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं पर ताले लगाने की राजनीति शुरू कर दी थी। चार वर्षों का कार्यकाल पूरा होने को है, लेकिन सरकार आज भी बंदी और तालाबंदी की राजनीति से बाहर नहीं निकल पाई है। उन्होंने कहा कि पंचायत और शहरी निकाय चुनावों को टालने के लिए सरकार ने हरसंभव प्रयास किए, क्योंकि उसे पहले से पता था कि जनता उसका सूपड़ा साफ कर देगी। भारतीय जनता पार्टी ने हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लोकतंत्र की लड़ाई लड़ी और अंततः चुनाव हुए। परिणामस्वरूप प्रदेश की जनता ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ ऐतिहासिक जनादेश दिया।

उन्होंने कहा कि 12 जिलों में से 10 जिलों में जिला परिषद चुनाव हुए, जिनमें 9 जिलों में कांग्रेस अपना उम्मीदवार तक खड़ा नहीं कर सकी। नगर निगम चुनावों में भी चार में से तीन नगर निगमों में भाजपा ने प्रचंड बहुमत के साथ विजय हासिल की। यह स्पष्ट संदेश है कि प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार को सत्ता से बाहर देखना चाहती है।

जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि चुनावी हार से बौखलाई कांग्रेस सरकार अब प्रशासन का दुरुपयोग कर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज करा रही है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों पर दबाव बनाकर भाजपा नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जा रही हैं, जबकि कई मामलों में अधिकारी स्वयं कहते हैं कि कोई मामला नहीं बनता। इसके बावजूद केवल राजनीतिक प्रतिशोध के लिए कार्रवाई करवाई जा रही है।

उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, विधायक सुधीर शर्मा, विधायक आशीष शर्मा, होशियार सिंह, राजेंद्र राणा सहित भाजपा के अनेक नेताओं और उनके परिवारों को झूठे मामलों में फंसाने का प्रयास किया गया है। अब जिला परिषद सदस्यों, पार्षदों और भाजपा समर्थित पंचायत प्रतिनिधियों तक को निशाना बनाया जा रहा है। यह लोकतंत्र के इतिहास का अभूतपूर्व उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता भी खतरे में है। यदि कोई पत्रकार सरकार के खिलाफ खबर प्रकाशित करता है या कोई नागरिक सोशल मीडिया पर सरकार की आलोचना करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है। यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि 21 अगस्त से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में भाजपा इन सभी मुद्दों को सदन के भीतर उठाएगी, लेकिन उससे पहले जनता की आवाज़ सड़क से बुलंद करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने अपनी कार्यशैली नहीं बदली तो भाजपा का जनआंदोलन और अधिक व्यापक होगा और जनता कांग्रेस सरकार को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएगी।

उन्होंने कांग्रेस के अंदरूनी हालात का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वयं कांग्रेस के नेता सरकार की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट हैं और हाईकमान तक यह संदेश पहुंच चुका है कि यदि मुख्यमंत्री ने अपना रवैया नहीं बदला तो पार्टी को भारी राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ेगा।

जयराम ठाकुर ने प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने राजधानी शिमला में हुई हत्या, बिलासपुर की कुल्हाड़ी कांड जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश अपराधियों के लिए सुरक्षित और आम नागरिकों के लिए असुरक्षित बनता जा रहा है।

उन्होंने अधिकारियों को भी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई अधिकारी राजनीतिक दबाव में आकर विपक्ष को प्रताड़ित करने का कार्य करेगा तो भाजपा सरकार बनने पर ऐसे अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने अपने संबोधन में घोषणा की कि आज का आंदोलन केवल शुरुआत है। अब प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा और प्रत्येक मंडल में हर महीने कांग्रेस सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ धरने और प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने महिलाओं से ₹1500 प्रतिमाह देने का वादा किया था, लेकिन चार वर्ष बीत जाने के बाद भी लाखों महिलाएं आज भी उस वादे की प्रतीक्षा कर रही हैं। बेरोजगार युवाओं को पक्की सरकारी नौकरी और पुरानी पेंशन जैसी घोषणाएं केवल चुनावी वादे बनकर रह गईं। संस्थान बंद कर दिए गए, स्कूल बंद कर दिए गए, कॉलेज बंद कर दिए गए और अस्पतालों पर ताले लगा दिए गए।

डॉ. बिंदल ने कहा कि जयराम ठाकुर सरकार द्वारा शुरू की गई गरीब कल्याण की अनेक योजनाओं को कांग्रेस सरकार ने बंद कर दिया। कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों, आउटसोर्स कर्मियों, दैनिक वेतनभोगियों, किसानों, महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों—हर वर्ग को इस सरकार ने निराश किया है।

उन्होंने कांग्रेस सरकार को "तालाबंदी की सरकार, माफिया की सरकार, भ्रष्ट सरकार, भाई-भतीजावाद की सरकार, महिला विरोधी, किसान विरोधी और युवा विरोधी सरकार" बताते हुए कहा कि भाजपा अब गांव-गांव और घर-घर जाकर जनता को सरकार की विफलताओं से अवगत कराएगी।

डॉ. बिंदल ने कहा कि बिजली, डीजल, सीमेंट सहित आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि कर प्रदेश की जनता पर आर्थिक बोझ डाला गया है। हिमाचल प्रदेश को विकास की दिशा में आगे ले जाने के बजाय कांग्रेस सरकार ने उसे संकट की स्थिति में पहुंचा दिया है।

उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि अब प्रत्येक बूथ, प्रत्येक पंचायत, प्रत्येक मंडल और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर कांग्रेस सरकार की विफलताओं को उजागर करेंगे और यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक प्रदेश से इस जनविरोधी सरकार को सत्ता से बाहर नहीं कर दिया जाता।

धरना-प्रदर्शन के अंत में भाजपा नेताओं और हजारों कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र की रक्षा, भ्रष्टाचार के विरुद्ध संघर्ष तथा कांग्रेस सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ निरंतर आंदोलन चलाने का सामूहिक संकल्प लिया।

हिमाचल में प्रतिशोध की राजनीति के खिलाफ भाजपा का बिगुल, जयराम ठाकुर एवं डॉ राजीव बिंदल के नेतृत्व में शिमला में विशाल प्रदर्शन ओकओवर घेराव में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, भ्रष्टाचार और बदले की राजनीति के खिलाफ हजारों कार्यकर्ता सड़कों पर पंचायत और नगर निकाय चुनावों में जनता ने कांग्रेस को नकारा, अब विधानसभा चुनाव में भी जवाब देगी जनता : जयराम ठाकुर भाजपा नेताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज कर लोकतंत्र का गला घोंट रही है सुखू सरकार : जयराम ठाकुर भाजपा का ऐलान—हर महीने हर विधानसभा और हर मंडल में होगा कांग्रेस सरकार के खिलाफ आंदोलन : डॉ. राजीव बिंदल जनता की आवाज़ दबाने के लिए पुलिस और प्रशासन का दुरुपयोग कर रही कांग्रेस सरकार : भाजपा महिलाओं, युवाओं, किसानों और कर्मचारियों से किए हर वादे से मुकर गई कांग्रेस सरकार : डॉ. राजीव बिंदल भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था और जनविरोधी फैसलों पर सरकार को घेरने के लिए भाजपा का प्रदेशव्यापी संघर्ष शुरू तालाबंदी, टूटी गारंटियां और प्रतिशोध की राजनीति अब नहीं सहेगी जनता, कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंकने का संकल्प : भाजपा यह सिर्फ शुरुआत है, जनविरोधी कांग्रेस सरकार को सत्ता से बाहर करने तक आंदोलन रहेगा जारी : भाजपा शिमला, 5 अगस्त। भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश द्वारा आज राजधानी शिमला में कांग्रेस सरकार की प्रतिशोधपूर्ण राजनीति, भ्रष्टाचार, जनविरोधी निर्णयों, कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग के विरोध में विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने किया, जबकि इसकी अध्यक्षता भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने की। धरना-प्रदर्शन में प्रदेशभर से पहुंचे हजारों भाजपा कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और समर्थकों ने भाग लिया। धरना-प्रदर्शन को संबोधित करने के बाद भाजपा कार्यकर्ता शांतिपूर्ण रैली के रूप में शिमला के शेर-ए-पंजाब तक पहुंचे और वहां से मुख्यमंत्री आवास ओकओवर का घेराव किया। इस दौरान कांग्रेस सरकार, मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल के खिलाफ भ्रष्टाचार, प्रतिशोध की राजनीति, जनविरोधी नीतियों तथा लोकतंत्र की हत्या को लेकर जोरदार नारेबाजी की गई। सैकड़ों कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठ गए और कांग्रेस सरकार को तत्काल बर्खास्त करने की मांग उठाई। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं पर ताले लगाने की राजनीति शुरू कर दी थी। चार वर्षों का कार्यकाल पूरा होने को है, लेकिन सरकार आज भी बंदी और तालाबंदी की राजनीति से बाहर नहीं निकल पाई है। उन्होंने कहा कि पंचायत और शहरी निकाय चुनावों को टालने के लिए सरकार ने हरसंभव प्रयास किए, क्योंकि उसे पहले से पता था कि जनता उसका सूपड़ा साफ कर देगी। भारतीय जनता पार्टी ने हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लोकतंत्र की लड़ाई लड़ी और अंततः चुनाव हुए। परिणामस्वरूप प्रदेश की जनता ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ ऐतिहासिक जनादेश दिया। उन्होंने कहा कि 12 जिलों में से 10 जिलों में जिला परिषद चुनाव हुए, जिनमें 9 जिलों में कांग्रेस अपना उम्मीदवार तक खड़ा नहीं कर सकी। नगर निगम चुनावों में भी चार में से तीन नगर निगमों में भाजपा ने प्रचंड बहुमत के साथ विजय हासिल की। यह स्पष्ट संदेश है कि प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार को सत्ता से बाहर देखना चाहती है। जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि चुनावी हार से बौखलाई कांग्रेस सरकार अब प्रशासन का दुरुपयोग कर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज करा रही है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों पर दबाव बनाकर भाजपा नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जा रही हैं, जबकि कई मामलों में अधिकारी स्वयं कहते हैं कि कोई मामला नहीं बनता। इसके बावजूद केवल राजनीतिक प्रतिशोध के लिए कार्रवाई करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, विधायक सुधीर शर्मा, विधायक आशीष शर्मा, होशियार सिंह, राजेंद्र राणा सहित भाजपा के अनेक नेताओं और उनके परिवारों को झूठे मामलों में फंसाने का प्रयास किया गया है। अब जिला परिषद सदस्यों, पार्षदों और भाजपा समर्थित पंचायत प्रतिनिधियों तक को निशाना बनाया जा रहा है। यह लोकतंत्र के इतिहास का अभूतपूर्व उदाहरण है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता भी खतरे में है। यदि कोई पत्रकार सरकार के खिलाफ खबर प्रकाशित करता है या कोई नागरिक सोशल मीडिया पर सरकार की आलोचना करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है। यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है। जयराम ठाकुर ने कहा कि 21 अगस्त से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में भाजपा इन सभी मुद्दों को सदन के भीतर उठाएगी, लेकिन उससे पहले जनता की आवाज़ सड़क से बुलंद करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने अपनी कार्यशैली नहीं बदली तो भाजपा का जनआंदोलन और अधिक व्यापक होगा और जनता कांग्रेस सरकार को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएगी। उन्होंने कांग्रेस के अंदरूनी हालात का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वयं कांग्रेस के नेता सरकार की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट हैं और हाईकमान तक यह संदेश पहुंच चुका है कि यदि मुख्यमंत्री ने अपना रवैया नहीं बदला तो पार्टी को भारी राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ेगा। जयराम ठाकुर ने प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने राजधानी शिमला में हुई हत्या, बिलासपुर की कुल्हाड़ी कांड जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश अपराधियों के लिए सुरक्षित और आम नागरिकों के लिए असुरक्षित बनता जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को भी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई अधिकारी राजनीतिक दबाव में आकर विपक्ष को प्रताड़ित करने का कार्य करेगा तो भाजपा सरकार बनने पर ऐसे अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने अपने संबोधन में घोषणा की कि आज का आंदोलन केवल शुरुआत है। अब प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा और प्रत्येक मंडल में हर महीने कांग्रेस सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ धरने और प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने महिलाओं से ₹1500 प्रतिमाह देने का वादा किया था, लेकिन चार वर्ष बीत जाने के बाद भी लाखों महिलाएं आज भी उस वादे की प्रतीक्षा कर रही हैं। बेरोजगार युवाओं को पक्की सरकारी नौकरी और पुरानी पेंशन जैसी घोषणाएं केवल चुनावी वादे बनकर रह गईं। संस्थान बंद कर दिए गए, स्कूल बंद कर दिए गए, कॉलेज बंद कर दिए गए और अस्पतालों पर ताले लगा दिए गए। डॉ. बिंदल ने कहा कि जयराम ठाकुर सरकार द्वारा शुरू की गई गरीब कल्याण की अनेक योजनाओं को कांग्रेस सरकार ने बंद कर दिया। कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों, आउटसोर्स कर्मियों, दैनिक वेतनभोगियों, किसानों, महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों—हर वर्ग को इस सरकार ने निराश किया है। उन्होंने कांग्रेस सरकार को "तालाबंदी की सरकार, माफिया की सरकार, भ्रष्ट सरकार, भाई-भतीजावाद की सरकार, महिला विरोधी, किसान विरोधी और युवा विरोधी सरकार" बताते हुए कहा कि भाजपा अब गांव-गांव और घर-घर जाकर जनता को सरकार की विफलताओं से अवगत कराएगी। डॉ. बिंदल ने कहा कि बिजली, डीजल, सीमेंट सहित आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि कर प्रदेश की जनता पर आर्थिक बोझ डाला गया है। हिमाचल प्रदेश को विकास की दिशा में आगे ले जाने के बजाय कांग्रेस सरकार ने उसे संकट की स्थिति में पहुंचा दिया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि अब प्रत्येक बूथ, प्रत्येक पंचायत, प्रत्येक मंडल और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर कांग्रेस सरकार की विफलताओं को उजागर करेंगे और यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक प्रदेश से इस जनविरोधी सरकार को सत्ता से बाहर नहीं कर दिया जाता। धरना-प्रदर्शन के अंत में भाजपा नेताओं और हजारों कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र की रक्षा, भ्रष्टाचार के विरुद्ध संघर्ष तथा कांग्रेस सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ निरंतर आंदोलन चलाने का सामूहिक संकल्प लिया।

Shimla Urban, Shimla | Aug 5, 2026

किसान एकता जिंदाबाद ।। सभी प्रदेश के किसानों से निवेदन है की इस आंदोलन का हिस्सा बनने।। - Shimla Urban News