
अब याचना नहीं रण की आवश्यकता हैं - रमेश बालमुचू
नो एंट्री आंदोलन समिति के संयोजक रमेश बालमुचू के नेतृत्व में आज उपायुक्त महोदय के कार्यालय में एक आवेदन दिया गया ,जिसमें आयता गांव में हुए सड़क हादसे पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा , कि अब लोगों को सरकार से याचना नहीं करनी है l अब लोगों को अपने अधिकार और भविष्य को बचाने के लिए गाँधीवादी नीति को छोड़ भगवान बिरसा मुण्डा कि तरह पारंपरिक हथियार लेकर रोड में उतरने की आवश्यकता है ,जिस तरह आए दिन हो रहे दुर्घटना में लोगों की जान जा रही है ,लोग अपंग हो रहे हैं ,परिवार उजड़ रहा है ,पर प्रशासन एवं सरकार में बैठे हुए पदाधिकारी मौन है । इससे यही प्रतीत होता है ,कि यहां के लोगों की कीमत गाजर मूली की तरह है, अगर प्रशासन इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए नो एंट्री लागू नहीं करेगी तो हम लोगों को उग्र आंदोलन करने पर विचार करना होगा ,क्योंकि नो एंट्री आंदोलन समिति के सदस्यों ने उपायुक्त से लेकर परिवहन मंत्री, राज्यपाल को आवेदन दिया और पदयात्रा कर झारखंड के मुख्यमंत्री से मिलने का प्रयास भी किया, इसमें ग्रामीण लोगों को प्रशासन के द्वारा लाठी - डंडा भी खाना पड़ा, जेल भी जाना पड़ा पर प्रशासन मौन है ,मौके पर रेयांस सामड,महेंद्र जामुदा,सन्नी संदीप देवगम, वीर सिंह बालमुचू,संदीप सरिल देवगम,उषा रानी सवैया आदि मौजूद थे।