
रघुनाथपुर में तुलसी महोत्सव की तैयारी तेज, डीएम ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट
- कार्यक्रम की रूपरेखा से लेकर अनुमानित खर्च तक देना होगा ब्योरा, राजकीय आयोजन की पहल से क्षेत्र में बढ़ी उम्मीद
बक्सर । जिले के ब्रह्मपुर प्रखंड अंतर्गत रघुनाथपुर स्थित ऐतिहासिक तुलसी स्थान पर तुलसी महोत्सव के आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। कला एवं संस्कृति विभाग के स्तर पर महोत्सव के आयोजन पर विचार के बाद जिलाधिकारी, बक्सर ने ब्रह्मपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी से आयोजन से संबंधित विस्तृत प्रतिवेदन मांगा है। प्रशासनिक स्तर पर शुरू हुई इस प्रक्रिया से स्थानीय लोगों और साहित्य-संस्कृति से जुड़े लोगों में उत्साह बढ़ गया है।
जिलाधिकारी की ओर से जारी पत्र में तुलसी स्थान पर राजकीय स्तर पर तुलसी महोत्सव आयोजित किए जाने की संभावनाओं को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई है। इसमें कार्यक्रम की रूपरेखा, कलाकारों की उपलब्धता, स्थल की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्ता, आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्था और अनुमानित व्यय समेत अन्य बिंदु शामिल हैं। बीडीओ को तीन दिनों के भीतर कार्यक्रम की रूपरेखा और अनुमानित खर्च से संबंधित रिपोर्ट जिला कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। इसके आधार पर समेकित रिपोर्ट तैयार कर सांस्कृतिक कार्य निदेशालय को भेजी जाएगी।
तुलसी महोत्सव को मिले सांस्कृतिक पहचान : शैलेश ओझा
तुलसी विचार मंच के संयोजक शैलेश कुमार ओझा ने जिला प्रशासन की पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि रघुनाथपुर का तुलसी स्थान केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि साहित्य, संस्कृति और लोक परंपरा से जुड़ी महत्वपूर्ण विरासत है। तुलसी विचार मंच की ओर से यहां समय-समय पर काव्य गोष्ठी, व्याख्यानमाला, शिवरात्रि महोत्सव, गंगा आरती, रामोत्सव और तुलसी महोत्सव जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यदि यहां सरकारी स्तर पर तुलसी महोत्सव का आयोजन शुरू होता है तो इससे गोस्वामी तुलसीदास की साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासत को व्यापक पहचान मिलेगी। साथ ही नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, साहित्य और लोक परंपराओं से जोड़ने का अवसर मिलेगा।
श्री ओझा ने कहा कि महोत्सव को महज औपचारिक आयोजन तक सीमित रखने के बजाय इसमें साहित्य, लोककला, भोजपुरी संस्कृति, भजन-कीर्तन और स्थानीय कलाकारों को प्रमुखता दी जानी चाहिए। इससे स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिलने के साथ रघुनाथपुर को जिले के प्रमुख सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कदम बढ़ेगा।
उन्होंने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन की पहल को विभागीय स्तर पर सकारात्मक स्वीकृति मिलेगी और रघुनाथपुर के तुलसी स्थान पर नियमित एवं भव्य तुलसी महोत्सव के आयोजन का रास्ता साफ होगा।
लंबे समय से चली आ रही मांग को मिल सकती है मंजूरी
जिला प्रशासन द्वारा विस्तृत रिपोर्ट मांगे जाने के बाद स्थानीय लोगों में उम्मीद जगी है कि तुलसी महोत्सव के राजकीय आयोजन की लंबे समय से चली आ रही मांग अब धरातल पर उतर सकती है। आयोजन को स्वीकृति मिलने पर रघुनाथपुर की सांस्कृतिक पहचान मजबूत होने के साथ क्षेत्र में पर्यटन, स्थानीय कला और कलाकारों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
Buxar, Buxar | Sep 7, 2026