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जिलेभर में 174 सेक्टर बैठकों का आयोजन उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की सतत निगरानी एवं गुणवत्तापूर्ण मातृ स्वास्थ्य सेवाओं पर दिया जाए विशेष ध्यान– सीएमएचओ डॉ गुर्जर झुंझुनूं, जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी) वाली महिलाओं को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुक्रवार को जिले में 174 सेक्टर मीटिंग का आयोजन किया गया। सीएमएचओ डॉ छोटेलाल गुर्जर ने स्वयं यूपीएचसी गांधी चौक में आयोजित सेक्टर मीटिंग में पहुंच कर स्वास्थ्य कर्मियों आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। डिप्टी सीएमएचओ डॉ भंवर लाल सर्वा ने पीएचसी बिरमी में आयोजित मीटिंग में पहुंच कर समीक्षा कर सुधार के निर्देश दिए। इसके साथ ही ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों ने अपने अपने क्षेत्र की सेक्टर मीटिंग लेने पहुंचे। सीएमएचओ डॉ छोटेलाल गुर्जर ने बताया कि 5 दिवसीय अभियान के दौरान प्रत्येक एचआरपी गर्भवती महिला का भौतिक सत्यापन कर वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए तथा एचआरपी के कारणों का स्पष्ट रूप से चिन्हांकन किया जाए। बैठको में एचआरपी लाइन लिस्ट एवं प्रपत्र 06, 07 एवं 08 का मिलान सुनिश्चित करने, गर्भावस्था के 12 सप्ताह के भीतर पंजीकरण एवं उसकी समयबद्ध प्लानिंग करने तथा सभी एचआरपी गर्भवती महिलाओं का संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सीएमएचओ डॉ गुर्जर ने बताया कि 18 जुलाई 2026 को आयोजित होने वाले प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत सभी गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य संस्थान पर बुलाकर उनकी बीपी, एचबी, यूरिन, एचआईवी, सिफिलिस एवं एचबीएसएजी सहित आवश्यक जांचें कराना सुनिश्चित किया जाए। साथ ही आशा द्वारा की जाने वाली एचबी जांच का कम से कम एक बार एएनएम द्वारा सत्यापन भी कराया जाए। बैठको में गर्भवती महिलाओं की कम से कम चार एएनसी जांच सुनिश्चित करने, प्रत्येक गर्भवती महिला का ममता कार्ड पूर्ण रूप से भरने तथा सेक्टर मीटिंग की ऑनलाइन एंट्री समय पर करने के निर्देश भी दिए गए। पीएमएसएमए दिवस (प्रत्येक माह की 9, 18 एवं 27 तारीख) पर जिन पीएचसी पर एमओआईसी उपलब्ध नहीं हैं, वहां निकटवर्ती सीएचसी से चिकित्सक की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देश दिए गए कि एचआरपी गर्भवती महिलाओं के परिजनों को भी उच्च जोखिम गर्भावस्था की गंभीरता से अवगत कराया जाए, ताकि समय पर जांच, उपचार एवं संस्थागत प्रसव सुनिश्चित हो सके और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में प्रभावी कमी लाई जा सके। #Jhunjhunu #JhunjhunuNews Medical & Health Dept Jhunjhunu

Jhunjhunun, Jhunjhunu | Jul 18, 2026

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जिलेभर में 174 सेक्टर बैठकों का आयोजन उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की सतत निगरानी एवं गुणवत्तापूर्ण मातृ स्वास्थ्य सेवाओं पर दिया जाए विशेष ध्यान– सीएमएचओ डॉ गुर्जर झुंझुनूं, जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी) वाली महिलाओं को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुक्रवार को जिले में 174 सेक्टर मीटिंग का आयोजन किया गया। सीएमएचओ डॉ छोटेलाल गुर्जर ने स्वयं यूपीएचसी गांधी चौक में आयोजित सेक्टर मीटिंग में पहुंच कर स्वास्थ्य कर्मियों आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। डिप्टी सीएमएचओ डॉ भंवर लाल सर्वा ने पीएचसी बिरमी में आयोजित मीटिंग में पहुंच कर समीक्षा कर सुधार के निर्देश दिए। इसके साथ ही ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों ने अपने अपने क्षेत्र की सेक्टर मीटिंग लेने पहुंचे। सीएमएचओ डॉ छोटेलाल गुर्जर ने बताया कि 5 दिवसीय अभियान के दौरान प्रत्येक एचआरपी गर्भवती महिला का भौतिक सत्यापन कर वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए तथा एचआरपी के कारणों का स्पष्ट रूप से चिन्हांकन किया जाए। बैठको में एचआरपी लाइन लिस्ट एवं प्रपत्र 06, 07 एवं 08 का मिलान सुनिश्चित करने, गर्भावस्था के 12 सप्ताह के भीतर पंजीकरण एवं उसकी समयबद्ध प्लानिंग करने तथा सभी एचआरपी गर्भवती महिलाओं का संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सीएमएचओ डॉ गुर्जर ने बताया कि 18 जुलाई 2026 को आयोजित होने वाले प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत सभी गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य संस्थान पर बुलाकर उनकी बीपी, एचबी, यूरिन, एचआईवी, सिफिलिस एवं एचबीएसएजी सहित आवश्यक जांचें कराना सुनिश्चित किया जाए। साथ ही आशा द्वारा की जाने वाली एचबी जांच का कम से कम एक बार एएनएम द्वारा सत्यापन भी कराया जाए। बैठको में गर्भवती महिलाओं की कम से कम चार एएनसी जांच सुनिश्चित करने, प्रत्येक गर्भवती महिला का ममता कार्ड पूर्ण रूप से भरने तथा सेक्टर मीटिंग की ऑनलाइन एंट्री समय पर करने के निर्देश भी दिए गए। पीएमएसएमए दिवस (प्रत्येक माह की 9, 18 एवं 27 तारीख) पर जिन पीएचसी पर एमओआईसी उपलब्ध नहीं हैं, वहां निकटवर्ती सीएचसी से चिकित्सक की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देश दिए गए कि एचआरपी गर्भवती महिलाओं के परिजनों को भी उच्च जोखिम गर्भावस्था की गंभीरता से अवगत कराया जाए, ताकि समय पर जांच, उपचार एवं संस्थागत प्रसव सुनिश्चित हो सके और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में प्रभावी कमी लाई जा सके। #Jhunjhunu #JhunjhunuNews Medical & Health Dept Jhunjhunu - Jhunjhunun News